{"_id":"6409e77bca02552ce40fc0b5","slug":"shahdol-crime-rape-victim-of-seven-year-old-girl-died-in-shahdol-2023-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahdol Crime: हैवानियत का शिकार हुई मासूम जिंदगी की जंग हार गई, दरिंदे ने मारा-पीटा और दुष्कर्म कर गला दबाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahdol Crime: हैवानियत का शिकार हुई मासूम जिंदगी की जंग हार गई, दरिंदे ने मारा-पीटा और दुष्कर्म कर गला दबाया
Thu, 09 Mar 2023 07:34 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 09 Mar 2023 07:34 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में हैवानियत की शिकार हुई तीन साल की मासूम बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मासूम सात दिन तक जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही, अंतत: उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
शहडोल जिले के खैरहा थाना क्षेत्र में एक मार्च को घटना घटी थी, जिसके बाद मासूम की मां बार-बार बयान बदल रही थी। इसकी वजह से पुलिस को मामला दर्ज करने में भी दिक्कत हुई। मासूम की हालत नाजुक थी और उसे मेडिकल कालेज में भर्ती करवाकर इलाज शुरू हुआ था। एक सप्ताह से जिंदगी और मौत से जूझ रही तीन साल की बच्ची ने अब दम तोड़ दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मासूम से हैवानियत की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्जकर गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, एक मार्च को तीन साल की बच्ची को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। बच्ची के चेहरे और सिर में गंभीर चोट के निशान थे। परिजनों ने पुलिस को बताया था कि वह सोते समय खाट से गिर गई थी, लेकिन डॉक्टरों को मामला संदिग्ध लग रहा था।
विज्ञापन
सोहागपुर थाना प्रभारी सहित खैरहा प्रभारी और महिला उपनिरीक्षक ने दोबारा पीड़िता के परिजनों से बयान लेने पहुंचे। जहां उन्होंने बताया कि भानू ढीमर ने बच्ची से मारपीट की थी। पुलिस आरोपी के खिलाफ मामला मारपीट का मामला दर्ज किया गया था। बच्ची की मौत के बाद डॉक्टरों को मामला संदिग्ध लगा तो जांच की बात कही। शव परीक्षण मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का पैनल बनाकर किया गया, जिसमें, दुष्कर्म, गला दबाना और सिर पर चोट आने से मौत होना बताया गया।
विज्ञापन
डॉक्टरों के अनुसार, दुष्कर्म के वक्त बच्ची का मुंह दबाने से ब्रेन तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच सकी थी, जिससे वह कोमा में चली गई थी। एडीजीपी डीसी सागर और एसपी कुमार प्रतीक ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है। एसपी कुमार प्रतीक ने बताया कि मां के बयान बदलने की वजह से मामला दर्ज करने में देरी हुई है।
