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Shahdol: जर्मन पत्रकार के कानों तक पहुंची पीएम के मन की बात, तीन पत्रकारों का दल पहुंचा मिनी ब्राजील विचारपुर
Sat, 27 Apr 2024 08:52 PM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Sat, 27 Apr 2024 08:52 PM IST
सार
मोदी को इन आदिवासी खिलाड़ियों के बारे में बताया गया था कि यह खिलाड़ी जिले के एक ऐसे गांव से ताल्लुक रखते हैं। जहां हर घर में फुटबाल खिलाड़ी मौजूद हैं। जो की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल हो चुके हैं।
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जर्मन पत्रकार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीते विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की शहडोल जिले के ग्राम पकरिया में एक जनसभा हुई थी। जहां आदिवासियों के साथ-साथ जिले के छोटे से गांव विचारपुर के फुटबाल खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री ने बातचीत की थी। इस दौरान मोदी को इन आदिवासी खिलाड़ियों के बारे मे बताया गया था कि यह खिलाड़ी जिले के एक ऐसे गांव से ताल्लुक रखते हैं, जहां हर घर में फुटबाल खिलाड़ी मौजूद हैं। जो की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल हो चुके हैं।
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बता दें कि आज उस गांव को मिनी ब्राजील के रूप में जाना जाता है और इस गांव के खिलाड़ियों को इस मुकाम तक पहुंचाने में वर्तमान में सहायक खेल संचालक व एनआईएस कोच रईश अहमद का विशेष योगदान है। पीएम ने अहमद से भी बातचीत की और काफी प्रभावित भी हुए। यहां से जाने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने अगले कार्यक्रम मन की बात में इस मिनी ब्राजील के नाम से मशहूर विचारपुर गांव का जिक्र किया था। यह बात जर्मन पत्रकार के कानों तक भी पहुंची थी, जिसके बाद अब जब वह विशेष स्टोरियो पर कवरेज करने भारत पहुंची तो उन्होंने मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के इस आदिवासी गांव विचारपुर, जिसे मिनी ब्राजील के नाम से पुकारा जाता है, वहां आने का प्लान किया।
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जिसके तहत वह दो भारतीय पत्रकारों समेत तीन लोगों के दल के साथ कल शाम शहडोल पहुंच गए और आज सुबह तड़के पौने छह बजे फुटबाल मैदान विचारपुर पहुंच गई। यहां उन्होंने गांव के आदिवासी खिलाड़ियों से बातचीत की। साथ ही उनके कोच व मार्गदर्शक सहायक संचालक खेल व एनआईएस कोच रईश अहमद से विस्तार में बातचीत की। जर्मन पत्रकार ने अहमद को इस कार्य के लिए ढेर सारी बाधाई दी और कहा कि भारत के एक छोटे से गांव में आपके इस प्रयास से मैं काफी प्रभावित हूं। आप ऐसे ही आगे भी इन बच्चों को खेल के मुकाम मे आगे बढ़ाते रहिए।
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