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Shahdol: छह हजार से अधिक किसानों का 90 करोड़ से अधिक का भुगतान बकाया, NCCF की जगह नान करेगी गेहूं की खरीदी
Thu, 06 Mar 2025 03:51 PM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Thu, 06 Mar 2025 03:51 PM IST
सार
एनसीसीएफ की मनमानी का असर रबी सीजन की बिक्री के लिए पंजीयन पर भी आ रहा है।धान खरीदी के बुरे अनुभव को देखते हुए किसान गेहूं पंजीयन को लेकर आगे नहीं आ रहे। यही कारण है कि अभी तक मात्र 22 सौ किसान ही पंजीयन करा पाए हैं।
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किसान नेताओं से चर्चा करते शहडोल कलेक्टर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहडोल जिले में किसानों को समय पर भुगतान नहीं हुआ। खरीदी केंद्र के समिति प्रबंधकों को भी राशि नहीं मिली, जिसे देखते हुए संभाग शहडोल में रबी सीजन की फसलों के उपार्जन का कार्य अब नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा ही किया जाएगा। इसकी वजह यह सामने आई है कि खरीफ सीजन की फसलों के उपार्जन में लगी एजेंसी ने किसानों को समय पर भुगतान में लेटलतीफी और तमाम व्यवस्थाओं के बीच किसान परेशान रहे।
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खरीफ सीजन की उपज खरीदी में बरती जा रही मनमानी, लेटलतीफी और लापरवाही को देखते हुए एनसीसीएफ को रबी सीजन की खरीदी से हटा दिया गया है। जिले में अब रबी सीजन के उपार्जन का कार्य पूर्व वर्षो की भांति नागरिक आपूर्ति निगम नान द्वारा किया जाएगा। विभाग द्वारा इसकी तैयारियां शुरू भी कर दी गई हैं। यह निर्णय प्रदेश स्तर से लिया गया है।
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गौरतलब है कि एनसीसीएफ नामक एजेंसी को प्रदेश शासन द्वारा खरीफ सीजन के उपार्जन का कार्य पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दिया गया था, जिसके द्वारा प्रदेश के शहडोल संभाग के तीनों जिलों शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिले के अलावा बैतूल जिले में धान खरीदी की गई। लेकिन कंपनी की लापरवाही और मनमानी का परिणाम यह रहा कि धान बेचने वाले हजारों किसानों को अभी तक भुगतान नहीं मिल पाया।
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आज तक की स्थिति में छह हजार से अधिक किसानों को 90 करोड़ से अधिक का भुगतान होना बाकी था। जबकि खरीदी 23 जनवरी को ही खत्म हो चुकी है। परिवहन और मिलिंग के कार्य भी संतोषजनक नहीं रहे, जिसका असर यह रहा कि रबी सीजन की फसलों की बिक्री के लिए पंजीयन कार्य में किसानों ने रुचि नहीं दिखाई। जिला आपूर्ति अधिकारी विपिन पटेल के अनुसार, रबी सीजन की खरीदी का कार्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा कराया जाएगा।
गेहूं के लिए पंजीयन पर भी असर
एनसीसीएफ की मनमानी का असर रबी सीजन की बिक्री के लिए पंजीयन पर भी आ रहा है। धान खरीदी के बुरे अनुभव को देखते हुए किसान गेहूं पंजीयन को लेकर आगे नहीं आ रहे। यही कारण है कि अभी तक मात्र 22 सौ किसान ही पंजीयन करा पाए हैं। हालांकि, पंजीयन का कार्य 31 मार्च तक ही होना है।
इधर किसानों की चेतावनी से डरा प्रशासन
इस बीच किसानों ने सात मार्च से किए जाए वाले आंदोलन को कलेक्टर से मिले आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया है। किसानों ने भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी थी, जिस पर कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने बुधवार को किसानों को बुलाकर होली के पहले भुगतान का भरोसा दिया है। इसके बाद किसानों का आंदोलन स्थगित कर दिया गया है। किसानों का कहना है कि होली बाद भी भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
