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Shahdol News: एमपीडब्ल्यू को दी गई थी अस्पताल की कमान, सीएमएचओ ने की कार्रवाई
Sat, 07 Dec 2024 06:41 PM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2024 06:41 PM IST
सार
मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी से जब इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाकर आमजन को इसका लाभ दिलाना उनकी पहली प्राथमिकता है।
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धनपुरी अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहडोल जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने का प्रयास जारी है। इसी कड़ी में सीएमएचओ डाक्टर राजेश मिश्रा को लगातार यह शिकायत मिल रही थी कि जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनपुरी में पदस्थ एमपीडब्ल्यू (बहुउद्देशीय पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता) तरुण बाजपेयी द्वारा अस्पताल के सहकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। साथ ही मैदानी स्वास्थ्य अमला होने के बावजूद उससे अस्पताल के रोगी कल्याण समिति समेत अन्य प्रभार अस्पताल के प्रभारी द्वारा देकर रखा गया है। जबकि उसकी मूल पदस्थापना मैदानी स्वास्थ्य अमले के रूप में है।
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इस प्रकार की शिकायतों की पुष्टि होने के बाद सीएमएचओ द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनपुरी में पदस्थ एमपीडब्ल्यू (बहुउद्देशीय पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता) तरुण बाजपेयी से केवल मैदानी कार्य कराए जाने का निर्देश अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक को दिया गया है। साथ ही चेताया गया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी प्रकार की शिकायतें प्राप्त होने पर सम्पूर्ण जबावदारी अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक की स्वयं की होगी।
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जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धनपुरी में व्याप्त अनिमितताओं का मामला पहले भी सामने आ चुका है। कुछ दिन पूर्व अस्पताल में आने वाले मरीजों को बाहर चिन्हित पैथोलाजी में भेजकर ब्लड टेस्ट कराने के साथ-साथ चिन्हित मेडिकल स्टोर से महंगी दवाइयां लेने के लिए वहां पदस्थ एक चिकित्सक द्वारा बाध्य किया जाता था। इसकी जांच करने शहडोल से अधिकारी की टीम धनपुरी अस्पताल आई थी और संबंधित चिकित्सक को हिदायत दी गी थी कि जब अस्पताल में सारी सुविधा उपलब्ध है तो फिर अनावश्यक रूप से बाहर से टेस्ट क्यों कराया जा रहा है।
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विदित हो कि जिले के अन्य सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में इसी तरह अनियमितताए फैली हुई हैं, जिनमें सुधार की आवश्यकता है। मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी से जब इस संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाकर आमजन को इसका लाभ दिलाना उनकी पहली प्राथमिकता है। जिले में पदस्थ किसी भी चिकित्सक या अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी द्वारा कोई अनिमितता की जाएगी तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
