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Shahdol News: डंपर दलदल में समाया, ऑपरेटर लापता, एनडीआरएफ ने शुरू किया बचाव कार्य
Sat, 11 Oct 2025 09:57 PM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Sat, 11 Oct 2025 09:57 PM IST
सार
शहडोल के अमलाई ओपन कास्ट माइंस में शनिवार शाम एक गंभीर हादसा हुआ। तकनीकी रूप से खराब और बिना पर्याप्त प्रेसर वाले डंपर और डोजर ओवी डंपिंग कार्य में लगे थे, तभी लगभग 50 मीटर गहरे पानी भरे डम्पिंग क्षेत्र में मिट्टी धंसने से दोनों वाहन दलदल में समा गए।
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मौके पर राहत बचाव कार्य जारी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एसईसीएल के सोहागपुर क्षेत्र में शनिवार शाम अमलाई ओपन कास्ट माइंस (ओसीएम) में एक गंभीर हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, ठेका कंपनी आरकेटीसी की गाड़ियां तकनीकी रूप से अनफिट और पर्याप्त प्रेसर के बिना ओवी डंपिंग कार्य में लगी हुई थीं। इसी लापरवाही के चलते करीब 50 मीटर गहरे पानी भरे डम्पिंग एरिया में मिट्टी धंसने से एक डंपर और एक डोजर दलदल में समा गए।
घटना शाम लगभग 5 से साढ़े 5 बजे के बीच हुई। बताया गया कि भारत बेन्ज डंपर नंबर-10 अपलोड हो रहा था और पास में एक डोजर मिट्टी फैला रहा था। अचानक डंपिंग क्षेत्र में स्लाइड हुआ, जिससे दोनों वाहन गहराई में समा गए।
मौके पर मौजूद अन्य ड्राइवरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। ठेका कंपनी के सिप्ट इंचार्ज मुनीम यादव और एक अन्य कर्मचारी को मिट्टी हटाकर बाहर निकाला गया। हालांकि, डंपर ऑपरेटर अनिल कुशवाहा, जो मऊगंज (रीवा) के निवासी बताए जा रहे हैं, अब तक लापता हैं। हादसे में ठेका कंपनी के कर्मचारी प्रदीप शर्मा (भोलू) और सूर्यप्रकाश रजक भी घायल हुए हैं।
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स्थानीय कर्मचारियों का आरोप है कि एसईसीएल प्रबंधन और आरकेटीसी कंपनी के अधिकारी सुरक्षा मानकों और तकनीकी नियमों की अनदेखी कर रहे थे। पानी भरे डंपिंग क्षेत्र में बिना निरीक्षण के भारी वाहनों को भेजा जा रहा था, जिससे यह हादसा हुआ।
यह भी पढ़ें-'ड्रग कंट्रोलर को क्लीन चिट क्यों? मतलब भ्रष्टाचार हुआ' जीतू पटवारी ने स्वास्थ्य मंत्री को घेरा
हादसे की सूचना मिलते ही एसईसीएल के अधिकारी और धनपुरी थाना प्रभारी खेम सिंह पेंदरो अपनी पूरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। क्षेत्र को घेरकर राहत और बचाव कार्य शुरू कराया गया। एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) को भी सूचित किया गया, जो रात में स्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य करेगी।
करीब एक दशक पहले भी अमलाई क्षेत्र में ऐसा ही हादसा हो चुका था, जब हैलपैक डोजर और अन्य भारी वाहन दलदल में फंस गए थे। उस समय एनडीआरएफ की टीम वाहनों और ऑपरेटरों को खोजने में असफल रही थी। इस बार भी हादसे ने खदान सुरक्षा, निरीक्षण प्रणाली और प्रबंधन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना प्रभारी खेम सिंह पेंदरो ने बताया कि जानकारी मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में लगी हुई है। स्थानीय टीम भी राहत कार्य में जुटी हुई है।
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घटना शाम लगभग 5 से साढ़े 5 बजे के बीच हुई। बताया गया कि भारत बेन्ज डंपर नंबर-10 अपलोड हो रहा था और पास में एक डोजर मिट्टी फैला रहा था। अचानक डंपिंग क्षेत्र में स्लाइड हुआ, जिससे दोनों वाहन गहराई में समा गए।
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मौके पर मौजूद अन्य ड्राइवरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। ठेका कंपनी के सिप्ट इंचार्ज मुनीम यादव और एक अन्य कर्मचारी को मिट्टी हटाकर बाहर निकाला गया। हालांकि, डंपर ऑपरेटर अनिल कुशवाहा, जो मऊगंज (रीवा) के निवासी बताए जा रहे हैं, अब तक लापता हैं। हादसे में ठेका कंपनी के कर्मचारी प्रदीप शर्मा (भोलू) और सूर्यप्रकाश रजक भी घायल हुए हैं।
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स्थानीय कर्मचारियों का आरोप है कि एसईसीएल प्रबंधन और आरकेटीसी कंपनी के अधिकारी सुरक्षा मानकों और तकनीकी नियमों की अनदेखी कर रहे थे। पानी भरे डंपिंग क्षेत्र में बिना निरीक्षण के भारी वाहनों को भेजा जा रहा था, जिससे यह हादसा हुआ।
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हादसे की सूचना मिलते ही एसईसीएल के अधिकारी और धनपुरी थाना प्रभारी खेम सिंह पेंदरो अपनी पूरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। क्षेत्र को घेरकर राहत और बचाव कार्य शुरू कराया गया। एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) को भी सूचित किया गया, जो रात में स्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य करेगी।
करीब एक दशक पहले भी अमलाई क्षेत्र में ऐसा ही हादसा हो चुका था, जब हैलपैक डोजर और अन्य भारी वाहन दलदल में फंस गए थे। उस समय एनडीआरएफ की टीम वाहनों और ऑपरेटरों को खोजने में असफल रही थी। इस बार भी हादसे ने खदान सुरक्षा, निरीक्षण प्रणाली और प्रबंधन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना प्रभारी खेम सिंह पेंदरो ने बताया कि जानकारी मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में लगी हुई है। स्थानीय टीम भी राहत कार्य में जुटी हुई है।
