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Shahdol News: मुरैना की वारदात के बाद माफियाओं पर प्रशासन सख्त, यहां पकड़े गए रेत से भरे तीन ट्रैक्टर
Fri, 10 Apr 2026 11:39 AM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 11:39 AM IST
सार
शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन ट्रैक्टर जब्त किए हैं। एसडीएम काजोल सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने जिले में सक्रिय रेत माफिया की गतिविधियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
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जब्त ट्रैक्टर।
विस्तार
शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। शुक्रवार सुबह जयसिंहनगर एसडीएम काजोल सिंह (आईएएस) ने गोहपारू थाना क्षेत्र के टेटकी इलाके में कार्रवाई करते हुए रेत से भरे तीन ट्रैक्टर जब्त कर पुलिस के हवाले कर दिए। यह ट्रैक्टर अमझोर स्थित गोडना नदी से अवैध रूप से रेत निकालकर परिवहन कर रहे थे। प्रशासन की इस कार्रवाई ने जिले में सक्रिय रेत माफियाओं की बेखौफ गतिविधियों को फिर उजागर कर दिया है। हाल ही में मुरैना में वन विभाग के एक अधिकारी पर ट्रैक्टर चढ़ा कर उनकी हत्या की गई। मामले को खुद सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान में लिया है।
जानकारी के अनुसार, जब्त किए गए ट्रैक्टरों के मालिक मुन्नू यादव, रनजीत मिश्रा और प्रभाकर तिवारी बताए जा रहे हैं, जो लमार क्षेत्र के निवासी हैं। गोहपारू पुलिस ने ट्रैक्टर चालकों और मालिकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
हत्या के बाद भी नहीं थमा अवैध खनन
जिले में रेत माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि पूर्व में हुई दर्दनाक घटनाओं के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। देवलौंद थाना क्षेत्र के गोपालपुर इलाके में बीते वर्ष अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर पहुंचे पटवारी की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। अब स्थानीय लोगों का आरोप है कि उसी क्षेत्र से फिर दिन-रात रेत की चोरी हो रही है।स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, देवलौंद में स्थित नदियों के किनारे ट्रैक्टरों से रेत निकालकर अलग-अलग स्थानों पर जमा की जाती है। इसके बाद रात के समय जेसीबी की मदद से ट्रकों और हाइवा में रेत लोड कर रीवा और उत्तर प्रदेश तक भेजी जाती है। लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों को किसी कार्रवाई का डर नहीं है।
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पुलिस पर मिलीभगत के आरोप
जिले के कई इलाकों, खासकर देवलौंद के गोपालपुर सथनी सहित कई स्थानों से दिन रात चंबल की तर्ज में रेत चोरी हो रही है।जैतपुर के बिरौड़ी, गाड़ाघाट और जयसिंहनगर क्षेत्र में लगातार अवैध उत्खनन की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध है, जिसके चलते खनिज और राजस्व अमले की कार्रवाई भी कमजोर पड़ जाती है।
ये भी पढ़ें- Live Ujjain Tragedy Live: मासूम बच्चे तक पहुंचने की जद्दोजहद जारी, अब चट्टानों को तोड़ने के लिए बुलाई गई हैमर मशीन
ग्रामीणों का कहना है कि जब भी राजस्व या खनिज विभाग कार्रवाई की तैयारी करता है, माफियाओं को पहले ही भनक लग जाती है। यही वजह है कि मौके पर टीम पहुंचने से पहले ही वाहन और मशीनें गायब हो जाती हैं। लोगों ने जिले में चंबल की तर्ज पर सक्रिय रेत माफिया नेटवर्क पर चिंता जताई है।
चार साल में कई हमले, फिर भी ढीला शिकंजा
शहडोल जिले में पिछले चार वर्षों के दौरान खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पटवारी और सहायक उप निरीक्षक की जान जा चुकी है। इसके अलावा कई सरकारी कर्मचारियों पर जानलेवा हमले भी हुए हैं। इसके बावजूद अवैध उत्खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है।
ब्यौहारी खनिज निरीक्षक समय लाल गुप्ता ने कहा कि कार्रवाई के लिए सहयोग मिलता है, लेकिन कई बातें ऐसी हैं जिन्हें फोन पर बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में विस्तार से चर्चा मुलाकात के बाद ही की जा सकती है। जिले में बढ़ते अवैध खनन को लेकर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है।
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जानकारी के अनुसार, जब्त किए गए ट्रैक्टरों के मालिक मुन्नू यादव, रनजीत मिश्रा और प्रभाकर तिवारी बताए जा रहे हैं, जो लमार क्षेत्र के निवासी हैं। गोहपारू पुलिस ने ट्रैक्टर चालकों और मालिकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
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हत्या के बाद भी नहीं थमा अवैध खनन
जिले में रेत माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि पूर्व में हुई दर्दनाक घटनाओं के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। देवलौंद थाना क्षेत्र के गोपालपुर इलाके में बीते वर्ष अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर पहुंचे पटवारी की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। अब स्थानीय लोगों का आरोप है कि उसी क्षेत्र से फिर दिन-रात रेत की चोरी हो रही है।स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, देवलौंद में स्थित नदियों के किनारे ट्रैक्टरों से रेत निकालकर अलग-अलग स्थानों पर जमा की जाती है। इसके बाद रात के समय जेसीबी की मदद से ट्रकों और हाइवा में रेत लोड कर रीवा और उत्तर प्रदेश तक भेजी जाती है। लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों को किसी कार्रवाई का डर नहीं है।
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पुलिस पर मिलीभगत के आरोप
जिले के कई इलाकों, खासकर देवलौंद के गोपालपुर सथनी सहित कई स्थानों से दिन रात चंबल की तर्ज में रेत चोरी हो रही है।जैतपुर के बिरौड़ी, गाड़ाघाट और जयसिंहनगर क्षेत्र में लगातार अवैध उत्खनन की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध है, जिसके चलते खनिज और राजस्व अमले की कार्रवाई भी कमजोर पड़ जाती है।
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ग्रामीणों का कहना है कि जब भी राजस्व या खनिज विभाग कार्रवाई की तैयारी करता है, माफियाओं को पहले ही भनक लग जाती है। यही वजह है कि मौके पर टीम पहुंचने से पहले ही वाहन और मशीनें गायब हो जाती हैं। लोगों ने जिले में चंबल की तर्ज पर सक्रिय रेत माफिया नेटवर्क पर चिंता जताई है।
चार साल में कई हमले, फिर भी ढीला शिकंजा
शहडोल जिले में पिछले चार वर्षों के दौरान खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पटवारी और सहायक उप निरीक्षक की जान जा चुकी है। इसके अलावा कई सरकारी कर्मचारियों पर जानलेवा हमले भी हुए हैं। इसके बावजूद अवैध उत्खनन पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है।
ब्यौहारी खनिज निरीक्षक समय लाल गुप्ता ने कहा कि कार्रवाई के लिए सहयोग मिलता है, लेकिन कई बातें ऐसी हैं जिन्हें फोन पर बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में विस्तार से चर्चा मुलाकात के बाद ही की जा सकती है। जिले में बढ़ते अवैध खनन को लेकर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है।
