फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Shahdol News ›   Campaign to create Aabha ID started in Birsa Munda Medical College of Shahdol

Shahdol: आभा आईडी बनी मरीजों की सुरक्षा कवच, मेडिकल कॉलेज के डीन बोले- एक क्लिक में मिलेगी मेडिकल हिस्ट्री

Tue, 07 May 2024 05:15 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 07 May 2024 05:15 PM IST
सार

Shahdol: मेडिकल कॉलेज शहडोल में उपचार हेतु आने वाले समस्त मरीजों से आग्रह है कि आप अपने साथ आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर एवं आयुष्मान कार्ड साथ लेकर आयें। जिससे आसानी से आभा आईडी एवं मरीज की ओपीडी रजिस्ट्रेशन किया जा सके।

विज्ञापन
Campaign to create Aabha ID started in Birsa Munda Medical College of Shahdol
आभा आईडी बनी मरीजों की सुरक्षा कवच - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मरीजों को उपचार में किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए शासन के निर्देशन पर इन दिनों शहडोल के बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज में आभा आईडी बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। आभा आईडी बनाने से जहां एक ओर मरीजों की समस्याएं समाप्त हो जायेगी वहीं दूसरी ओर चिकित्सकों को उपचार करने में सहूलियत होगी। बहरहाल मरीजों के उपचार में आभा आईडी की अनिवार्यता नहीं है, फिर भी यह आईडी मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए किसी कवच से कम नहीं है। बता दें कि आभा आईडी आयुष्मान आईडी की तरह है। जिसका लाभ अब मरीजों को मिलने लगा है। आभा आईडी बनाने के लिए मोबाइल नंबर का आधार से लिंक होना जरूरी है।

विज्ञापन


बिरसा मुण्डा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय शहडोल के नवागत डीन डॉक्टर गिरिश बी रामटेके ने जानकारी देते हुए बताया कि 03 मई 2024 से उपचार के लिए आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधा हेतु उनकी आभा आईडी बनाई जा रही है, ताकि उनके इलाज का डेटा सुरक्षित रखा जा सके। इससे मरीज और डॉक्टर दोनों को लाभ होगा। पिछले 02 दिनों में 500 से अधिक मरीजों की आभा आईडी बनाई जा चुकी है। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
विज्ञापन


शुरूआत में आभा आईडी बनवाये जाने हेतु अधिक समय लग रहा था। इसके लिए अधिष्ठाता महोदय द्वारा सतत समीक्षा एवं हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। जिससे अब 250-300 मरीजों की आभा आईडी बनाई जा रही है। आभा आईडी बनाने के लिए मोबाइल नंबर से आधार का लिंक होना जरूरी है। मेडिकल कॉलेज में 08 कर्मचारी स्टॉल लगाकर तैनात हैं, जो मोबाइल से ही मरीजों की आभा आईडी बना रहे हैं। मरीज का एक बार ओटीपी आधार नंबर और दूसरी बार ओटीपी मोबाइल नंबर से जनरेट होता है। दोनों ओटीपी डालते ही मरीज की आभा आईडी बन जाती है। इसके बाद मरीज सीधे ओ.पी.डी. पर्चा बनवाते हैं और संबंधित डॉक्टर को दिखाते हैं। रजिस्ट्रेशन की सुविधा समस्त काउंटर पर उपलब्ध है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


आभा आईडी के लाभ 
बिरसा मुण्डा मेडिकल कॉलेज शहडोल के डीन डॉक्टर गिरिश बी रामटेके ने चर्चा के दौरान बताया कि आभा आईडी बनने से मरीजो को फाइल लेकर चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एक क्लिक पर उनकी मेडिकल हिस्ट्री मिल जायेगी। आभा आईडी से इलाज के लिए हर जगह रिपोर्ट या पर्चीयां ले जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, इसके साथ ही इसमें मरीज का ब्लड ग्रुप, बीमारी, दवाई और चिकित्सक से संबंधित सभी जानकारी मौजूद रहेगी। अब मरीज अपना मेडिकल रिकार्ड, लैब रिपोर्ट और डायग्नोसिस दिखा सकेंगे। डीन नें आगे बताया की ऑनलाइन इलाज, टैली मेडिसिन, निजी चिकित्सक, ई-फार्मेसी व पर्सनल हेल्थ रिकार्ड अब आसानी से मिल जायेगे। उन्होंने बताया कि इस कार्ड से बीमा कंपनियों को भी जोड़ा गया है, जिससे मरीज को बीमा का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही मेडिकल रिकार्ड को अस्पताल, क्लिनिक, और इंश्योरेंस कंपनी के साथ आसानी से शेयर किया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed