फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore news: Total Lunar Eclipse Sept 7: Sehore’s ancient Siddhi Vinayak Ganesh Temple to remain closed

Lunar Eclipse: सात सितंबर को खग्रास चंद्र ग्रहण, सीहोर का प्राचीन सिद्धि विनायक गणेश मंदिर रहेगा बंद

Fri, 05 Sep 2025 08:00 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Fri, 05 Sep 2025 08:00 PM IST
सार

7 सितंबर 2025 को लगने वाले खग्रास चंद्र ग्रहण पर सीहोर का सिद्धि विनायक गणेश मंदिर दोपहर 12 बजे से बंद रहेगा। सूतक काल 12:50 बजे शुरू होगा। ग्रहणकाल में भक्तों का प्रवेश वर्जित रहेगा, पुजारी विशेष अनुष्ठान करेंगे। शुद्धिकरण के बाद मंदिर 8 सितंबर से दर्शन हेतु खुलेगा। 

विज्ञापन
Sehore news: Total Lunar Eclipse Sept 7: Sehore’s ancient Siddhi Vinayak Ganesh Temple to remain closed
सीहोर स्थित पेशवा कालीन गणेश मंदिर

विस्तार

आगामी 7 सितंबर 2025 को खग्रास चंद्र ग्रहण लग रहा है, जिसका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। सीहोर का ऐतिहासिक और स्वयंभू सिद्धि विनायक गणेश मंदिर इस अवसर पर दर्शन के लिए बंद रहेगा। मंदिर की पीठाधीश्वर डॉ. चारु चंद्रा व्यास ने बताया कि शास्त्रीय परंपराओं के अनुसार ग्रहणकाल में मंदिर के पट बंद रखना अनिवार्य होता है।

विज्ञापन


सूतककाल का प्रारंभ और पट बंद
चंद्र ग्रहण का सूतककाल दोपहर 12:58 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। लेकिन शास्त्रीय मर्यादा का पालन करते हुए भगवान गणेश जी के पट दोपहर 12 बजे ही मंगल कर दिए जाएंगे। इसका अर्थ यह है कि सूतक लगने से पहले ही मंदिर बंद कर दिया जाएगा और भक्तों को दर्शन का अवसर नहीं मिलेगा।
विज्ञापन


भक्तों के लिए विशेष सूचना
मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि ग्रहणकाल और सूतककाल के दौरान किसी भी भक्त को मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। यह नियम केवल सीहोर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के सभी मंदिरों पर लागू करने का आग्रह भी किया गया है। गुरु दीदी ने स्वयं श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस दौरान मंदिर में प्रवेश न करें और घर पर ही नियमपूर्वक पूजा-पाठ करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- सिद्धिविनायक के चल समारोह में तनाव, लव जिहाद की झांकी निकलने से एक पक्ष को लगा बुरा, आमने-सामने

पुजारियों का जाप और अनुष्ठान
ग्रहणकाल के दौरान मंदिर के पुजारी और प्रबंधकगण मंदिर के भीतर रहकर विशेष जाप और अनुष्ठान करेंगे। परंपरा के अनुसार ग्रहणकाल को आध्यात्मिक साधना और प्रार्थना का समय माना जाता है। इस समय का सदुपयोग पितरों की शांति, आरोग्य और कल्याण के लिए मंत्रोच्चार तथा धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से किया जाएगा।

ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धि प्रक्रिया
ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर की संपूर्ण शुद्धि की जाएगी। इसके अंतर्गत मंदिर परिसर, गर्भगृह और प्रतिमाओं की विशेष विधि से शुद्धि-अभिषेक और पूजन किया जाएगा। केवल इस शुद्धिकरण के पूर्ण होने के बाद ही मंदिर के पट भक्तों के लिए पुनः खोले जाएंगे।

8 सितंबर से पुनः दर्शन
मंदिर प्रबंधन ने बताया कि भक्तों को नियमित समय के अनुसार दर्शन का लाभ केवल 8 सितंबर से ही मिलेगा। तब तक मंदिर के पट पूरी तरह से बंद रहेंगे। भक्तों को आग्रह किया गया है कि वे इस दौरान धैर्य और संयम बनाए रखें तथा ग्रहणकाल में घर पर ही ईश्वर का स्मरण और भक्ति करें।

ये भी पढ़ें- मजहबी जुलूस में लगे 'सर तन से जुदा' के नारे, हिंदू संगठनों ने कहा-फिजा खराब करने वालों पर हो एक्शन


धार्मिक दृष्टिकोण से महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण को अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को ढंक दिया जाता है और मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहणकाल में की गई पूजा, जाप और ध्यान का विशेष पुण्यफल मिलता है, इसलिए मंदिरों में पुजारियों द्वारा अनुष्ठान किया जाता है।

प्रदेश के मंदिरों के लिए अपील
सीहोर के सिद्धि विनायक गणेश मंदिर की परंपरा को ध्यान में रखते हुए गुरु दीदी ने प्रदेश के अन्य मंदिरों से भी आग्रह किया है कि वे भी 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण की अवधि में पट बंद रखें। इससे न केवल धार्मिक मर्यादाओं का पालन होगा, बल्कि श्रद्धालुओं में भी धार्मिक अनुशासन और आस्था की भावना सुदृढ़ होगी।

दोपहर 12:50 बजे से शुरू होगा सूतक काल
ज्योतिष पद्म भूषण स्वर्ण पदक प्राप्त ज्योतिषाचार्य डॉ. पंडित गणेश शर्मा ने बताया कि इस वर्ष पितृ पक्ष 7 सितंबर 2025, पूर्णिमा तिथि से प्रारंभ हो रहा है। संयोग यह है कि इसी दिन साल का अंतिम चंद्र ग्रहण भी लगेगा, जो भारत में दृश्यमान होगा। सूतक काल दोपहर 12:50 बजे से शुरू होगा। रात 8:58 बजे छाया प्रवेश, 9:57 बजे ग्रहण स्पर्श और 1:27 बजे मोक्ष काल रहेगा। अंततः 2:25 बजे ग्रहण समाप्त होगा। धार्मिक दृष्टि से यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है और श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता रखने की सलाह दी गई है।

सीहोर स्थित पेशवा कालीन गणेश मंदिर

सीहोर स्थित पेशवा कालीन गणेश मंदिर

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed