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Sehore News: कोरोना काल में इस वजह से पुलिस के साथ मारपीट-गाली गलौज करने वाले 11 लोगों को कठोर कारावास की सजा

Tue, 20 Jun 2023 07:27 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 20 Jun 2023 07:27 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की समझाइश देने पर पुलिस के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने वाले 11 आरोपियों को कोर्ट ने कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

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Sehore News Rigorous imprisonment to 11 people who hurled abuses police because of this during Corona period
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीहोर में कोरोना काल के दौरान मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की समझाइश देने पर पुलिस के साथ गाली-गलौज व मारपीट करने वाले 11 आरोपीगण को न्यायालय ने कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार शाही द्वारा अभियुक्तगण विनोद, मुन्नी बाई, कालूराम, बबलू उर्फ सतीश, महेश कुमार, पृथ्वी, खुशीलाल, लक्ष्मण, रामप्रसाद, राजेश और बलेदव को क्रमश: धारा-147 भादवि में एक-एक साल के सश्रम कारावास से भादसं 1860 की धारा-148 अंतर्गत एक-एक साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

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भादसं 1860 की धारा-341 (2 काउंट) अंतर्गत एक-एक महीने का साधारण कारावास (2 काउंट) से, भादसं 1860 की धारा-332 सहपठित धारा-149 (2 काउंट) अंतर्गत दो-दो साल के सश्रम कारावास (2 काउंट) और पांच सौ रुपये अर्थदंड (2 काउंट) कुल एक हजार रुपये के अर्थदंड से, भादसं 1860 की धारा-353 सहपठित धारा-149 (2 काउंट) अंतर्गत एक-एक साल के सश्रम कारावास (2 काउंट) और पांच सौ रुपये अर्थदंड (2 काउंट) कुल एक हजार रुपये के अर्थदंड से, भादसं 1860 की धारा-333 सहपठित धारा-149 अंतर्गत तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और पांच सौ रुपये अर्थदंड से एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा-51 (बी) के अंतर्गत छह-छह महीने के साधारण कारावास और पांच सौ रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
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घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है, आठ मई 2020 को थाना कोतवाली जिला सीहोर में पदस्थ प्रधान आरक्षक सुभाष कटारे और आरक्षक तेजपाल वर्मा वाहन क्रमांक एमपी-37 बीबी 0207 से चालक राजू पंवार के साथ रवाना होकर ग्राम बड़नगर पहुंचे। यहां तकरीबन शाम 4:30 बजे ग्राम बड़नगर में हरदौल बाबा के मंदिर परिसर पर 10 से 15 लोग पास-पास बिना मास्क लगाए बैठे थे, जिन्हें एनांउसमेंट कर सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने व लाकडाउन की शर्तो का पालन करने के लिए कहा। कुछ लोग तो वहां से चले गए, लेकिन आरोपी विनोद कुमार ने आरक्षक 528 तेजपाल वर्मा को मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां दी और बोला कि तुम लोग बार-बार उनके गांव आकर उन्हें परेशान करते हो, उन्हें मास्क नहीं लगाए और न ही कोई लाकडाउन की शर्तों को मानेंगे।
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इस पर आरक्षक तेजपाल द्वारा उन लोगों को समझाइश देने का प्रयास किया गया, परंतु विनोद कुमार ने आरक्षक तेजपाल की कालर को पकड़ लिया और झूमा-झटकी करने लगा। गांव का बबलू कुमार हाथ में डंडा लेकर और विनोद कुमार का भाई बल्देव कुमार हाथ में तलवार लेकर अन्य आरोपीगण महेश, रामप्रसाद, कालूराम, पृथ्वी, खुशीलाल पटेल, मुन्नीबाई, भूरा, राजेश, लक्ष्मण, लाठी-डंडों व लोहे की राड लेकर आए और एकमत होकर पुलिस वालों को चारों तरफ से घेर लिया। विनोद कुमार ने तलवार लेकर प्रधान आरक्षक सुभाष कटारे पर तलवार से वार किया, जिससे आरक्षक सुभाष कटारे को दाहिने हाथ की छोटी उंगली और बाएं हाथ के अंगूठे में चोट लगकर खून निकलने लगा। आरोपी बल्देव कुमार ने लोहे की राड  और आरोपी बबलू कुमार ने डंडा से आरक्षक तेजपाल वर्मा को मारा।

अन्य आरोपीगण महेश सिंह, रामप्रसाद, कालू राम पेंटर, पृथ्वी, खुशीलाल पटेल, मुन्नीबाई, भूरा कुमार, राजेश कुमार, लक्ष्मण कुमार लाठी डंडा लेकर आए आरक्षक सुभाष कटारे तथा आरक्षक तेजपाल वर्मा दोनों के साथ लाठी-डंडों व हाथ-मुक्कों से मारपीट करने लगे और झूमा झटकी कर उनकी वर्दी फाड़ दी। अभियुक्तगण के द्वारा लाकडाउन के नियमों का पालन न करते हुए शासकीय कार्य में बाधा भी उत्पन्न की गई।


घटना की रिपोर्ट किए जाने पर अभियुक्तगण के खिलाफ थाना कोतवाली सीहोर जिला सीहोर में भादंसं 1860 की धारा-294, 506 भाग-2, 147, 148, 149, धारा-188, 332, 353, 324 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 (बी) के अन्तर्गत अपराध पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई। अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गया और परिवादीगण/आहतगण के कथन लेखबद्ध किए और विवेचना उपरान्त अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन साक्ष्य एवं अंतिम बहस के दौरान अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए अभियुक्त को दोष सिद्ध किया। शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक सीहोर शहाना रइस खान द्वारा की गई।

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