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Sehore News: पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा, डंडे से हमला कर ग्रामीण को उतारा था मौत के घाट; जानें
Mon, 24 Feb 2025 05:05 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Feb 2025 05:05 PM IST
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सीहोर न्यायालय
- फोटो : अमर उजाला
सीहोर की बुधनी कोर्ट ने बहुचर्चित हत्या के मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. वैभव विकास शर्मा की अदालत ने यह निर्णय सुनाया।
अपर लोक अभियोजक रामेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि संजीत ओझा पिता हरिप्रसाद ओझा ने 22 अगस्त 2021 को थाना बुधनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, घटना शासकीय हैंडपंप के पास हुई, जहां विवाद के दौरान अर्जुन ओझा ने हरिप्रसाद ओझा पर डंडे से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण हरिप्रसाद बेहोश हो गए और अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में पुलिस ने अर्जुन ओझा और उसके पिता रामविलास ओझा के विरुद्ध धारा 302/34 के तहत प्रकरण दर्ज कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 5000-5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में शासकीय अभिभाषक अपर लोक अभियोजक रामेश्वर शर्मा ने पैरवी की।
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अपर लोक अभियोजक रामेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि संजीत ओझा पिता हरिप्रसाद ओझा ने 22 अगस्त 2021 को थाना बुधनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, घटना शासकीय हैंडपंप के पास हुई, जहां विवाद के दौरान अर्जुन ओझा ने हरिप्रसाद ओझा पर डंडे से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण हरिप्रसाद बेहोश हो गए और अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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इस मामले में पुलिस ने अर्जुन ओझा और उसके पिता रामविलास ओझा के विरुद्ध धारा 302/34 के तहत प्रकरण दर्ज कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 5000-5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में शासकीय अभिभाषक अपर लोक अभियोजक रामेश्वर शर्मा ने पैरवी की।
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