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Sehore news: भीषण गर्मी में पानी को लेकर मची है त्राहि-त्राहि, एक माह में 900 हैंडपंपों ने दे दिया जवाब
Sat, 26 Apr 2025 09:30 AM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Apr 2025 09:30 AM IST
सार
Shivpuri: पीएचई की मानें तो जलस्तर काफी नीचे जाने से 29 हैंडपंप पूरी तरह से बंद हो गए थे और पानी पाताल नाप रहा था। इसके अतिरिक्त जिन हैंडपंपों का जल स्तर अत्यधिक नीचे जा चुका है, उन हैंडपंपों के नलकूपों में सिंगलफेस मोटर पंप स्थापना का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।
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गर्मी से हाल बेहाल
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
सीहोर जिले में भीषण गर्मी के साथ ही जलसंकट भी बढ़ता जा रहा है। हैंडपंप, ट्यूबवेल जवाब देते जा रहे हैं। पानी को लेकर जिले के शहरी क्षेत्रों के अलावा कई ग्रामीण इलाकों में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। जल संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले एक माह में पीएचई को बंद हो चुके 899 हैंडपंपों में पाइप बढ़ाने सुधार कार्य कराना पड़ा। पानी की व्यवस्था सुचारू करने पीएचई विभाग दिन रात जल प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखे हुए है।
जलसंकट के कारण इस भीषण गर्मी में लोगों को दिन-रात एक करना पड़ रहा है। जिले के कई गांवों में लोग पानी के इंतजाम में सुबह से रात तक लगे हुए नजर आ रहे हैं। हालात ये है कि भीषण गर्मी पड़ने के कारण हैंडपंपों और जलस्त्रोतों का जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। इसके कारण हैंडपंप हिचकी लेते हुए पानी देना बंद कर रहे हैं। जलसंकट के कारण अनेक गांवों के लोग प्रतिदिन पीएचई और कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाकर पानी के इंतजाम की गुहार लगा रहे हैं।
पिछले एक माह में 900 हैंडपंपों ने छोड़ा साथ
जिले में पिछले एक माह में करीब 900 हैंडपंपों ने साथ छोड़ दिया। जलस्तर नीचे जाने के कारण हैंडपंप शोपीस बनकर रह गए। पीएचई की माने तो सूखे हैंडपंपों को सुधार का कार्य किया जा रहा है। विगत एक माह में सीहोर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रकार कुल 899 हैंडपंपों का सुधार कार्य पूर्ण कराया गया है। इनमें सीहोर विकासखंड में 175 हैंडपंप, इछावर विकासखंड में 149 हैंडपंप, आष्टा विकासखंड में 225 हैंडपंप, बुधनी विकासखंड में 195 हैंडपंप एवं भैरूंदा विकासखंड में 155 हैंडपंप राइजर पाइपों बड़ाने और सुधार कार्य किया गया है।
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29 हैंडपंपों में मोटर पंप डाले
पीएचई की मानें तो जलस्तर काफी नीचे जाने से 29 हैंडपंप पूरी तरह से बंद हो गए थे और पानी पाताल नाप रहा था। इसके अतिरिक्त जिन हैंडपंपों का जल स्तर अत्यधिक नीचे जा चुका है, उन हैंडपंपों के नलकूपों में सिंगलफेस मोटर पंप स्थापना का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विकासखंड सीहोर में 13 नग विकासखंड इछावर में 06 नग, विकासखंड आष्टा में 07 नग, विकासखंड बुधनी में 03 नग इस प्रकार कुल 29 नग सिंगलफेस मोटर पंप स्थापित कर पेयजल आपूर्ति प्रारंभ की गई है। जिले की जिन बसाहटों में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है, उनमें नवीन नलकूप खनन कर हैंडपम्प स्थापना का कार्य किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत विगत 01 माह में विकासखंड सीहोर में 20 इछावर में 01, एवं आष्टा में 04, कुल 25 नग नवीन हैंडपंप स्थापना का कार्य पूर्व किया जा चुका है।
बंद हो चुकी दस नल-जल योजना को किया चालू
जलसंकट की स्थिति इतनी भयावह होती जा रही है कि जिले की दस नल-जल योजना जल आवक क्षमता खत्म हो जाने के कारण बंद हो गई थी, उन योजनाओं में विगत 01 माह में विकासखंड सीहोर में 08 नग (ग्राम हैदरगंज, सिकन्दरगंज, सतोरनिया, तोरनिया, कसारखेडी, सरखेडा, छापरी दोराहा, एवं झागरिया) विकासखंड इछावर में 01 (ग्राम मोहनपुर नोआबाद) एवं आष्टा में 01 (ग्राम अरनियाराम) में नलकूप खनन कर स्त्रोत निर्माण का कार्य पूर्ण किया गया।
जिले के बनाए गए हैं शिकायत केन्द्र
लोक स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालन यंत्री प्रदीप सक्सेना ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाये रखने निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। विकासखंड स्तर एवं जिला स्तर पर शिकायत केन्द्र बनाये गये हैं। जिससे जलसंकट वाले क्षेत्रों में विभाग तत्काल कार्रवाई शुरू कर सके।
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जलसंकट के कारण इस भीषण गर्मी में लोगों को दिन-रात एक करना पड़ रहा है। जिले के कई गांवों में लोग पानी के इंतजाम में सुबह से रात तक लगे हुए नजर आ रहे हैं। हालात ये है कि भीषण गर्मी पड़ने के कारण हैंडपंपों और जलस्त्रोतों का जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। इसके कारण हैंडपंप हिचकी लेते हुए पानी देना बंद कर रहे हैं। जलसंकट के कारण अनेक गांवों के लोग प्रतिदिन पीएचई और कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाकर पानी के इंतजाम की गुहार लगा रहे हैं।
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पिछले एक माह में 900 हैंडपंपों ने छोड़ा साथ
जिले में पिछले एक माह में करीब 900 हैंडपंपों ने साथ छोड़ दिया। जलस्तर नीचे जाने के कारण हैंडपंप शोपीस बनकर रह गए। पीएचई की माने तो सूखे हैंडपंपों को सुधार का कार्य किया जा रहा है। विगत एक माह में सीहोर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रकार कुल 899 हैंडपंपों का सुधार कार्य पूर्ण कराया गया है। इनमें सीहोर विकासखंड में 175 हैंडपंप, इछावर विकासखंड में 149 हैंडपंप, आष्टा विकासखंड में 225 हैंडपंप, बुधनी विकासखंड में 195 हैंडपंप एवं भैरूंदा विकासखंड में 155 हैंडपंप राइजर पाइपों बड़ाने और सुधार कार्य किया गया है।
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29 हैंडपंपों में मोटर पंप डाले
पीएचई की मानें तो जलस्तर काफी नीचे जाने से 29 हैंडपंप पूरी तरह से बंद हो गए थे और पानी पाताल नाप रहा था। इसके अतिरिक्त जिन हैंडपंपों का जल स्तर अत्यधिक नीचे जा चुका है, उन हैंडपंपों के नलकूपों में सिंगलफेस मोटर पंप स्थापना का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विकासखंड सीहोर में 13 नग विकासखंड इछावर में 06 नग, विकासखंड आष्टा में 07 नग, विकासखंड बुधनी में 03 नग इस प्रकार कुल 29 नग सिंगलफेस मोटर पंप स्थापित कर पेयजल आपूर्ति प्रारंभ की गई है। जिले की जिन बसाहटों में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है, उनमें नवीन नलकूप खनन कर हैंडपम्प स्थापना का कार्य किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत विगत 01 माह में विकासखंड सीहोर में 20 इछावर में 01, एवं आष्टा में 04, कुल 25 नग नवीन हैंडपंप स्थापना का कार्य पूर्व किया जा चुका है।
बंद हो चुकी दस नल-जल योजना को किया चालू
जलसंकट की स्थिति इतनी भयावह होती जा रही है कि जिले की दस नल-जल योजना जल आवक क्षमता खत्म हो जाने के कारण बंद हो गई थी, उन योजनाओं में विगत 01 माह में विकासखंड सीहोर में 08 नग (ग्राम हैदरगंज, सिकन्दरगंज, सतोरनिया, तोरनिया, कसारखेडी, सरखेडा, छापरी दोराहा, एवं झागरिया) विकासखंड इछावर में 01 (ग्राम मोहनपुर नोआबाद) एवं आष्टा में 01 (ग्राम अरनियाराम) में नलकूप खनन कर स्त्रोत निर्माण का कार्य पूर्ण किया गया।
जिले के बनाए गए हैं शिकायत केन्द्र
लोक स्वास्थ्य विभाग के कार्यपालन यंत्री प्रदीप सक्सेना ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाये रखने निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। विकासखंड स्तर एवं जिला स्तर पर शिकायत केन्द्र बनाये गये हैं। जिससे जलसंकट वाले क्षेत्रों में विभाग तत्काल कार्रवाई शुरू कर सके।
