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Sehore: बजरंगी पहुंचे कलेक्टर के पास, कहा- गोतस्करों के इशारों पर लगने वाले पशु मेलों पर लगाया जाए प्रतिबंध
Thu, 20 Mar 2025 06:35 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Thu, 20 Mar 2025 06:35 PM IST
सार
विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और देशी गोवंश रक्षण संवर्धन समिति ने कहा कि प्रदेश सरकार के अनेक प्रयास के बाद भी गोवंश तस्करी में कमी नहीं आ रही है। इसके पीछे दलाल और मांस कारोबारियों का समूह सक्रिय बना हुआ है।
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ज्ञापन देते हुए पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोतस्करों के इशारों पर सीहोर जिले में पशु मेले लगाए जाते हैं। इन मेलों पर प्रतिबंध लगाया जाए और गोकशी होने पर थाने के टीआई को तत्काल सस्पेंड कर तस्करों पर एनएसए लगाया जाए। गोवंश तस्करी में शामिल ट्रक, मेटाडोर जैसे चार पहिया वाहन को जब्त किया जाए। इस तरह की मांगों को लेकर गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल एवं देशी गोवंश रक्षण संवर्धन समिति प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम कलेक्टर बालागुरु के को ज्ञापन दिया।
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विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और देशी गोवंश रक्षण संवर्धन समिति ने कहा कि प्रदेश सरकार के अनेक प्रयास के बाद भी गोवंश तस्करी में कमी नहीं आ रही है। इसके पीछे दलाल और मांस कारोबारियों का समूह सक्रिय बना हुआ है। हाल ही में घटिया जिला उज्जैन में आरोपियों ने दो हजार गोवंश को लोकल स्लाटर कर स्थानीय मार्केट में बेचना स्वीकार किया है। राजस्थान, गुजरात, यूपी से होकर महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बार्डर पर बड़े स्तर पर साप्ताहिक पशु हाट बाजार मेलों के माध्यम से किसानों के नाम से गरीब निर्धनों का उपयोग कर तस्करी की जा रही है।
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तस्करों के इशारों पर पशु मेले संचालित किए जा रहे हैं। कई बार पुलिस भी इस तस्करी में शामिल पाए गए हैं। गोवंश तस्करों से रुपये लेते हुए पुलिरा जवानों के वीडियो भी वायरल हुए हैं। ऐसे हाट बाजारों पर प्रतिबंध लगाया जाए या निगरानी समिति बनाकर तस्करों से गोवंश को बचाया जाए और जिस थाना क्षेत्र में गोवंश तस्करी होती है या गोवंश का वध हुआ पाया जाता है तो तुरंत थाना प्रभारी को निलंबित किया जाए। एक से अधिक बार गोवंश तस्करी में लिप्त आरोपी एवं वाहन मालिक के विरुद्ध रासुका के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और संजीवनी पशु एम्बुलेंस को गोवंश के लिए 150 रुपये शुल्क से मुक्त रखा जाए।
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यह मांग भी रखी
गोतस्कर गरीब वर्ग को आर्थिक प्रलोभन देकर महिला, पुरुषों को तस्करी के गोरख व्यापार में जोड़ देते हैं। ऐसे गोवंश तस्कर आदतन अपराधी जिनके ऊपर एक से अधिक अपराध पंजीबद्ध हैं, इनकी सूची बनाकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मनरेगा द्वारा संचालित गौशालाओं को अनुभवी संस्थाओं को संचालन के लिए दिया जाए। भूसा व्यापारी गोवंश एवं पशुधन के लिए उपयोगी भूसे को उद्योगों के लिए बाहर भेज रहे हैं। जमाखोरी कर भूसे का दाम बढ़ा रहे हैं, तुरंत जिले के बाहर भूसे के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया जाए। बियर चपड़ के नाम से शराब, एल्कोहल फैक्ट्री से बचा बेस्ट गोवंश तथा दुधारू पशुओं के लिए खतरा बना हुआ है। इसकी जांच करवाकर तत्काल बंद कराया जाए। नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया जाए। गोचर भूमि उद्योग के लिए आवंटित नहीं की जाए और यदि की गई है तो उसे उद्योग से मुक्त कराकर गोमाता के लिए सुरक्षित रखी जाए। गोचर भूमि से अतिक्रमण हटवाया जाए।
विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और देशी गोवंश रक्षण संवर्धन समिति के प्रतिनिधि मंडल में मध्य प्रांत गोरक्षा आयाम के उपाध्यक्ष अजीत शुक्ला, विश्व हिंदू परिषद जिला मंत्री राकेश कुमार विश्वकर्मा, जिला कोषाध्यक्ष महेश मेवाड़ा, जिला मार्गदर्शक पंडित मोहितराम पाठक, जिला गोरक्षा प्रमुख जितेंद्र नारोलिया, जिला सहसंयोजक आशीष सिसोदिया, नगर अध्यक्ष परमवीर जाट, नगर उपाध्यक्ष आशीष कुशवाह, नगर मंत्री यज्ञशजी, नगर संयोजक प्रभात मेवाड़ा, नगर गोरक्षा प्रमुख रोहन यादव, नगर विशेष संपर्क प्रमुख अर्जुन सोनी, नगर समरसता प्रमुख सुनील वर्मा सहित विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के पदाधिकारी शामिल रहे।
