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Sehore news: आधुनिक खेती की राह पर किसान, कस्टम हायरिंग सेंटर योजना बनी सफलता की पहचान
Sat, 24 May 2025 03:15 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Sat, 24 May 2025 03:15 PM IST
सार
जिले के निपानिया गांव के युवा किसान दीपेश वर्मा भी उन किसानों में शामिल हैं जिन्हें कस्टम हायरिंग सेंटर योजना का फायदा मिला है। इस योजना से जुड़कर दीपेश वर्मा ने अपनी खेती में बड़ा बदलाव लाया है।
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दीपेश ने उठाया कस्टम हायरिंग सेंटर योजना का फायदा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीहोर जिले के निपानिया गांव के एक युवा किसान की जिंदगी कस्टम हायरिंग सेंटर योजना से बदल गई है। इस योजना से जुड़कर उसने खेती के लिए आधुनिक मशीनें खरीदीं और अपनी आमदनी कई गुना बढ़ा ली। अब यह किसान दूसरों को भी सलाह दे रहा है कि वे इस योजना का फायदा उठाएं और खेती को फायदे का काम बनाएं।
केंद्र और राज्य सरकारें किसानों और गरीबों की मदद के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। ऐसी ही एक योजना है- कस्टम हायरिंग सेंटर योजना। इस योजना से कई किसानों की जिंदगी में अच्छा बदलाव आया है। यह योजना केंद्र और राज्य सरकार की मिलकर चलाई गई एक पहल है। इसके तहत किसानों को खेती में काम आने वाले यंत्र खरीदने के लिए सरकारी मदद (अनुदान) दी जाती है। इस योजना का मकसद छोटे और मध्यम किसानों को यह मौका देना है कि वे महंगे और आधुनिक खेती के उपकरण खरीद सकें। इससे किसान अपनी खेती को बेहतर बना सकते हैं और इन मशीनों को किराए पर देकर अतिरिक्त कमाई भी कर सकते हैं।
यह भी पढ़े: 'ये मुस्लिम मोहल्ला! तिलक लगाकर आया तो उड़ा दूंगा', धमकी देकर आसिम ने नेता को जड़ा तमाचा; क्या है मामला?
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सीहोर जिले के निपानिया गांव के युवा किसान दीपेश वर्मा भी उन किसानों में शामिल हैं, जिन्हें कस्टम हायरिंग सेंटर योजना से बड़ा फायदा हुआ है। इस योजना से जुड़कर दीपेश वर्मा ने खेती में बदलाव ला दिया है। उन्हें सरकार से 8 लाख 16 हजार रुपये का अनुदान मिला, जिससे उन्होंने दो ट्रैक्टर, एक ट्रॉली, दो बीज व खाद डालने की मशीनें (सीडकम फर्टिड्रिल), दो कल्टीवेटर, एक स्ट्रा रीपर, एक रोटावेटर और एक हल (प्लॉ) खरीदे।
इन मशीनों से वे अपनी खेती तो बेहतर कर ही रहे हैं, साथ ही इन्हें किराए पर देकर हर साल 8 से 10 लाख रुपये तक की कमाई भी कर रहे हैं। किसान दीपेश वर्मा ने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी है। अब वे आधुनिक मशीनों से खेती कर रहे हैं और उनकी आमदनी भी कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। दीपेश वर्मा ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दिल से धन्यवाद भी किया।
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केंद्र और राज्य सरकारें किसानों और गरीबों की मदद के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। ऐसी ही एक योजना है- कस्टम हायरिंग सेंटर योजना। इस योजना से कई किसानों की जिंदगी में अच्छा बदलाव आया है। यह योजना केंद्र और राज्य सरकार की मिलकर चलाई गई एक पहल है। इसके तहत किसानों को खेती में काम आने वाले यंत्र खरीदने के लिए सरकारी मदद (अनुदान) दी जाती है। इस योजना का मकसद छोटे और मध्यम किसानों को यह मौका देना है कि वे महंगे और आधुनिक खेती के उपकरण खरीद सकें। इससे किसान अपनी खेती को बेहतर बना सकते हैं और इन मशीनों को किराए पर देकर अतिरिक्त कमाई भी कर सकते हैं।
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सीहोर जिले के निपानिया गांव के युवा किसान दीपेश वर्मा भी उन किसानों में शामिल हैं, जिन्हें कस्टम हायरिंग सेंटर योजना से बड़ा फायदा हुआ है। इस योजना से जुड़कर दीपेश वर्मा ने खेती में बदलाव ला दिया है। उन्हें सरकार से 8 लाख 16 हजार रुपये का अनुदान मिला, जिससे उन्होंने दो ट्रैक्टर, एक ट्रॉली, दो बीज व खाद डालने की मशीनें (सीडकम फर्टिड्रिल), दो कल्टीवेटर, एक स्ट्रा रीपर, एक रोटावेटर और एक हल (प्लॉ) खरीदे।
इन मशीनों से वे अपनी खेती तो बेहतर कर ही रहे हैं, साथ ही इन्हें किराए पर देकर हर साल 8 से 10 लाख रुपये तक की कमाई भी कर रहे हैं। किसान दीपेश वर्मा ने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर योजना ने उनकी जिंदगी बदल दी है। अब वे आधुनिक मशीनों से खेती कर रहे हैं और उनकी आमदनी भी कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। दीपेश वर्मा ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दिल से धन्यवाद भी किया।
