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Sehore news: कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनने 40 की दावेदारी, 60 फीसदी की पसंद राजीव, आलाकमान के पास फैसला सुरक्षित
Tue, 24 Jun 2025 08:50 AM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Tue, 24 Jun 2025 08:50 AM IST
सार
विधानसभा चुनाव के बाद जिले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद में बदलाव किया गया था। डॉ. बलवीर तोमर के स्थान पर युवा नेता राजीव गुजराती को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बाद से यहां कांग्रेस मजबूत दिख रही है।
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राजीव गुजराती, वर्तमान कांग्रेस जिला अध्यक्ष
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विस्तार
मध्य प्रदेश समेत सीहोर जिले के लिए कांग्रेस में रायशुमारी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। रायशुमारी के दौरान कांग्रेस के करीब 40 नेताओं ने जिलाध्यक्ष बनने की इच्छा जताई है। इसे लेकर पर्यवेक्षकों द्वारा जिले में 8 स्थानों पर रायशुमारी की गई। खास बात यह है कि इन 40 दावेदारों में कोई सक्रिय है, तो कोई निष्क्रिय, वहीं कुछ कानूनी दांवपेंच में उलझे जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। हालांकि, जिले की कमान किसे सौंपी जाएगी अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान ही करेगा।
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गौरतलब है कि सीहोर जिला अध्यक्ष पद के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक डॉ. श्रीबेला प्रसाद सीहोर आए थे। इस दौरान उन्होंने जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों- बुदनी, सीहोर, आष्टा और इछावर में करीब 8 स्थानों पर वन-टू-वन चर्चा कर रायशुमारी की। जिलाध्यक्ष पद के लिए करीब 40 नेताओं ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। इस रायशुमारी में दावेदारों के पार्टी से जुड़े पुराने रिकॉर्ड पर भी गौर किया जा रहा है। हालांकि, पिछले तीन दशकों से बुरे दौर से गुजर रही सीहोर जिला कांग्रेस को यह रायशुमारी और अधिक संकट में डाल सकती है। पहले से ही गुटबाजी से ग्रसित कांग्रेस में इस चुनावी प्रक्रिया के चलते नए गुट बनते दिखाई दे रहे हैं।
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तीन विधानसभाओं में कांग्रेस मजबूत...
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद जिले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद में बदलाव किया गया था। डॉ. बलवीर तोमर के स्थान पर युवा नेता राजीव गुजराती को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गुजराती को यह जिम्मेदारी मिले करीब एक वर्ष हो गया है। इस एक वर्ष के कार्यकाल में बुधनी उपचुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। पहले जहां कांग्रेस को एक लाख से अधिक मतों से हार का सामना करना पड़ा था, वहीं उपचुनाव में हार का अंतर घटकर मात्र 13 हजार वोट रह गया। गुजराती पर किसी एक नेता का समर्थक होने का ठप्पा नहीं है और उनके कार्यकाल में कांग्रेस काफी सक्रिय नजर आई, साथ ही संगठन सड़कों पर भी दिखा। प्रदेश कांग्रेस से मिले दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में कांग्रेस ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। विवाद भी अपेक्षाकृत कम रहे। गुजराती के नेतृत्व में आज की तारीख में कांग्रेस जिले की तीन विधानसभाओं में मजबूत स्थिति में मानी जा रही है। अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, रायशुमारी के दौरान करीब 60 फीसदी नेताओं ने राजीव गुजराती को ही पहली पसंद बताया है। हालांकि, अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान द्वारा लिया जाएगा कि राजीव ही जिलाध्यक्ष बने रहेंगे या किसी नए चेहरे को यह जिम्मेदारी दी जाएगी।
