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Sehore: नाबालिग का अपहरण कर 20 दिनों तक बनाए संबंध, आरोपी के पिता ने भी दिया साथ, पिता-पुत्र को 20 साल कैद
Wed, 22 Feb 2023 06:14 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 22 Feb 2023 06:14 PM IST
सार
सीहोर कोर्ट ने नाबालिग का अपहरण करने और उसके साथ 20 दिनों तक संबंध बनाने के आरोप में पिता-पुत्र को दोषी करार दिया है। दोनों को 20-20 साल की कैद सुनाई गई है।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश की सीहोर कोर्ट ने नाबालिग का अपहरण करने और उसके साथ 20 दिनों तक संबंध बनाने के आरोप में पिता-पुत्र को दोषी करार दिया है। दोनों को 20-20 साल की कैद सुनाई गई है। आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था, आरोपी के पिता ने भी उसका साथ दिया था। साथ देने वाले एक अन्य को भी तीन साल का कारावास भुगतान होगा।
जानकारी के अनुसार द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश वैभव सक्सेना, तहसील नसरुल्लागंज ने फैसला सुनाते हुए मामले के अभियुक्त जितेंद्र पिता जुझार सिंह (21) को धारा 363 में तीन वर्ष, 366 में पांच वर्ष, 368 में 3 वर्ष कठोर कारावास एवं धारा 5/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं पिता अभियुक्त जुझार सिंह पिता देवदी को 16/17 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष एवं एक अन्य आरोपी रामविलास कोरकू को 363 में 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं 6500 रुपये के कुल अर्थदंड से दंडित किया गया।
विशेष लोक अभियोजक शिरीष उपासनी ने पैरवी करते हुए बताया कि पांच दिसंबर 2019 को थाना रेहटी पर फरियादी ने रिपोर्ट कराई थाी। इसमें बताया था कि उक्त दिनांक को मेरी 15 वर्षीय बेटी सुबह 10 बजे घर से शासकीय हाईस्कूल सोयत गई थी। दोपहर के समय लंच में 2 बजे घर पर खाना खाने आई थी। उसके बाद शाम को घर नहीं आई। मैंने स्कूल में पता किया तो पीड़िता लंच के बाद स्कूल नहीं आई, वह बिना बताए कहीं चली गई है।
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विवेचना के दौरान 25 दिसंबर 2019 को ग्राम बावड़िया चोर थाना बिलकिसगंज जिला सीहोर से अभियुक्त के कब्जे से पीड़िता को दस्तयाब किया गया। पीड़िता ने बताया कि अभियुक्त उसे शादी का झांसा देकर उसके ग्राम बावड़िया चोर अपने घर ले गया और जहां अभियुक्त के पिता जुझार सिंह जानते हुए कि अभियोक्त्री नाबालिग है और कमरे में बंद कर दिया और अभियुक्त जितेन्द्र ने उसके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश वैभव सक्सेना ने अभियोजन की ओर से प्रस्तुत तर्क एवं साक्षीगण की साक्ष्य तथा वैज्ञानिक साक्ष्य को विश्वसनीय मानते हुए अभियुक्तगणों को सजा सुनाई गई।
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जानकारी के अनुसार द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश वैभव सक्सेना, तहसील नसरुल्लागंज ने फैसला सुनाते हुए मामले के अभियुक्त जितेंद्र पिता जुझार सिंह (21) को धारा 363 में तीन वर्ष, 366 में पांच वर्ष, 368 में 3 वर्ष कठोर कारावास एवं धारा 5/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं पिता अभियुक्त जुझार सिंह पिता देवदी को 16/17 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष एवं एक अन्य आरोपी रामविलास कोरकू को 363 में 3 वर्ष का कठोर कारावास एवं 6500 रुपये के कुल अर्थदंड से दंडित किया गया।
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विशेष लोक अभियोजक शिरीष उपासनी ने पैरवी करते हुए बताया कि पांच दिसंबर 2019 को थाना रेहटी पर फरियादी ने रिपोर्ट कराई थाी। इसमें बताया था कि उक्त दिनांक को मेरी 15 वर्षीय बेटी सुबह 10 बजे घर से शासकीय हाईस्कूल सोयत गई थी। दोपहर के समय लंच में 2 बजे घर पर खाना खाने आई थी। उसके बाद शाम को घर नहीं आई। मैंने स्कूल में पता किया तो पीड़िता लंच के बाद स्कूल नहीं आई, वह बिना बताए कहीं चली गई है।
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विवेचना के दौरान 25 दिसंबर 2019 को ग्राम बावड़िया चोर थाना बिलकिसगंज जिला सीहोर से अभियुक्त के कब्जे से पीड़िता को दस्तयाब किया गया। पीड़िता ने बताया कि अभियुक्त उसे शादी का झांसा देकर उसके ग्राम बावड़िया चोर अपने घर ले गया और जहां अभियुक्त के पिता जुझार सिंह जानते हुए कि अभियोक्त्री नाबालिग है और कमरे में बंद कर दिया और अभियुक्त जितेन्द्र ने उसके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश वैभव सक्सेना ने अभियोजन की ओर से प्रस्तुत तर्क एवं साक्षीगण की साक्ष्य तथा वैज्ञानिक साक्ष्य को विश्वसनीय मानते हुए अभियुक्तगणों को सजा सुनाई गई।
