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MP News: मूंग की फसल में मारूका इल्ली का प्रकोप, किसान चिंतित, वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण
Sat, 13 May 2023 03:38 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Sat, 13 May 2023 03:38 PM IST
सार
सीहोर जिले में मूंग की फसल में मारूका इल्ली का प्रकोप हो गया है। सेवनियां के कृषि वैज्ञानिकों ने मूंग की फसल का निरीक्षण किया। किसानों को फसल में लगने वाले कीट व रोगों की जानकारी भी दी।
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मूंग फसल की निगरानी करते वैज्ञानिक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीहोर में इस समय किसानों ने खेतों में मूंग की फसल बोई हुई है। किसानों की परेशानी यहां भी कम होती नजर नहीं आ रही है। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल में सफेद बैंगनी रंग की मारूका इल्ली का प्रकोप देखा जा रहा है। इससे किसान चिंतित नजर आ रहे हैं।
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कृषि विज्ञान केन्द्र सेवनियां के वैज्ञानिकों ने नसरूल्लागंज विकासखण्ड के ग्राम काकरिया, कोठरापिपलिया, हाथी घाट में ग्रीष्मकालीन मूंग फसल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को फसल में लगने वाले कीट व रोगों की जानकारी दी। वैज्ञानिक दीपक कुशवाह ने बताया कि मूंग फसल में सफेद बैंगनी रंग की मारूका इल्ली का प्रकोप पाया गया है। यह इल्ली फसल के फुलों में रहती है। जब पुष्प से फली का निर्माण होता है, तब इल्ली फली के अन्दर दाने को नुकसान करके बाहर निकलती है। इससे किसानों को भारी मात्रा में आर्थिक नुकसान होगा।
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वैज्ञानिक दीपक कुशवाह ने बताया कि जिन किसान भाइयों के खेत में इस कीट का प्रकोप है, उन्हें सलाह है कि अनुशंसित कीटनाशक, टेट्रानिलिप्रोल 50 मिली प्रति एकड़ डेल्टामेथ्रिन 100 मिली प्रति एकड या क्लोरोइंट्रानिलीप्रोल, लेम्डासाइक्लोप्रिन 100 मिली प्रति एकड़ या बीटासाइक्लोथ्रिन, इमिडाक्लोप्रिड 140 मिली प्रति एकड़ की दर से 150 ली. पानी में घोल बनाकर सुबह या शाम छिड़काव करें। साथ ही वर्तमान समय में फसल पर पाउडी मिल्डयु रोग का प्रकोप भी देखा जा रहा है। इस रोग के कारण पौधों के पत्तों पर सफेद भूरा पाउडर जम जाता है। इसके निदान के लिए किसान भाई टेबुकुनोजॉल सल्फर 400 ग्राम प्रति एकड की दर से छिड़काव करे।
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