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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore News ›   Budhni By Election: Who will benefit from the fall in voting percentage? Both parties are staking claim

Budhni By Election: मतदान प्रतिशत का गिरना किसे पहुंचाएगा फायदा? दोनों ही दल कर रहे दावेदारी, 23 को फैसला

Fri, 15 Nov 2024 09:04 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 15 Nov 2024 09:04 PM IST
सार

2023 की तुलना में 2024 के उपचुनाव में लगभग 8% कम मतदान हुआ। भाजपा का कहना है कि किसानों के खेतों में व्यस्त होने के कारण मतदान प्रतिशत कम हुआ। दूसरी ओर, कांग्रेस का दावा है कि निष्पक्ष मतदान के चलते ऐसा हुआ। 

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Budhni By Election: Who will benefit from the fall in voting percentage? Both parties are staking claim
उपचुनाव - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

13 नवंबर को बुधनी विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। भाजपा प्रत्याशी रमाकांत भार्गव, कांग्रेस के राजकुमार पटेल सहित अन्य 20 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया। बुधनी में 77% से अधिक मतदान दर्ज हुआ है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
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2023 की तुलना में 2024 के उपचुनाव में लगभग 8% कम मतदान हुआ। भाजपा का कहना है कि किसानों के खेतों में व्यस्त होने के कारण मतदान प्रतिशत कम हुआ। दूसरी ओर, कांग्रेस का दावा है कि निष्पक्ष मतदान के चलते ऐसा हुआ। कांग्रेस ने भाजपा पर शाहगंज क्षेत्र में माहौल खराब करने और फर्जी मतदान का आरोप लगाया। मतदान के बाद मतदाता अपनी दिनचर्या में व्यस्त हो गए हैं, जबकि कार्यकर्ता मतदान आंकड़ों पर गुणा-भाग करने में लगे हैं। अब 23 नवंबर को ही तय होगा कि बुधनी का अगला विधायक कौन होगा।
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भाजपा और कांग्रेस के दावे
भाजपा ने कहा कि बुधनी में पार्टी एक बार फिर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी, जबकि कांग्रेस का कहना है कि इस बार परिवर्तन की लहर के चलते नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं। हालांकि, दोनों ही दलों के नेताओं में मुकाबले को लेकर चिंता स्पष्ट दिख रही है।
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नेताओं की धड़कनें तेज
शुक्रवार को दोनों दलों के नेता पोलिंग बूथ के कार्यकर्ताओं से लगातार जानकारी लेते रहे। वे हर बिंदु पर चर्चा कर रहे हैं, ताकि अपनी जीत सुनिश्चित कर सकें। मुकाबला कांटे का रहा या एकतरफा, यह कहना अभी मुश्किल है। अब सभी की निगाहें 23 नवंबर को होने वाली मतगणना पर हैं।
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