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सीहोर: पुलिस को चकमा देकर फरार हुआ दुष्कर्म का दोषी, कड़ी मशक्कत के बाद भी नहीं हो सका गिरफ्तार
Mon, 14 Feb 2022 01:47 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 14 Feb 2022 01:47 PM IST
सार
सीहोर जिले में एक नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी जिला अस्पताल से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। कड़ी मशक्कत के बाद भी आरोपी को पकड़ा नहीं जा सका।
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फरार आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीहोर जिले में एक नाबालिग बालिका से रेप का दोषी मेडिकल जांच के दौरान पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से फरार हो गया। दरअसल पुलिस उसे मेडिकल के लिए नसरुल्लागंज के अस्पताल में लाई थी, जहां अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते आरोपी भाग निकला। जानकारी के अनुसार बासनिया खुर्द निवासी अगर सिंह उर्फ गोलू कीर (उम्र 21) ने एक नाबालिग बालिका का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था, इसी मामले में वह नसरुल्लागंज उपजेल में धारा 363, 366, 376 व पाक्सो एक्ट के तहत दोषी पाए जाने पर सजा काट रहा था।
शनिवार को रेहटी थाने से (कोर्ट मुंशी) आरक्षक फूल सिंह व सैनिक मोहनलाल वर्मा 299 आरोपियों को उपजेल से निकालकर सिविल अस्पताल मेडिकल टेस्ट के लिए लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टर आरएस मीणा ने मेडिकल परीक्षण करने के बाद सिमन स्लाइड, फ्य़ूविल हेयर, अंडरवियर, प्रजर्व किए, जिनकी चिट पर डॉक्टर द्वारा थाना रेहटी के स्थान पर थाना नसरुल्लागंज लिखकर दिया गया था। इस दौरान आरक्षक फूल सिंह ने डॉक्टर मीणा को चिट पर रेहटी के स्थान पर नसरुल्लागंज लिखाने लगे।
इसी दौरान अगर सिंह सैनिक मोहन को धक्का देकर अस्पताल से भाग खड़ा हुआ, जिसे अस्पताल सहित पुलिस द्वारा खोजने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन भीड़ अधिक होने के चलते वह नहीं मिल सका। घटना के बाद रेहटी थाने के आरक्षक द्वारा घटना की रिपोर्ट नसरुल्लागंज थाने में की गई। आरक्षक को अस्पताल में स्वीपर मौजूद नहीं मिला। चूंकि मेडिकल टेस्ट की सामग्री जमाने का कार्य स्वीपर का होता है, स्वीपर को खोजने के लिए भी आरक्षक को ही परेशान होना पड़ा। इसी का फायदा उठाते हुए दोषी पुलिस की आंखो से ओझल हो गया।
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शनिवार को रेहटी थाने से (कोर्ट मुंशी) आरक्षक फूल सिंह व सैनिक मोहनलाल वर्मा 299 आरोपियों को उपजेल से निकालकर सिविल अस्पताल मेडिकल टेस्ट के लिए लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टर आरएस मीणा ने मेडिकल परीक्षण करने के बाद सिमन स्लाइड, फ्य़ूविल हेयर, अंडरवियर, प्रजर्व किए, जिनकी चिट पर डॉक्टर द्वारा थाना रेहटी के स्थान पर थाना नसरुल्लागंज लिखकर दिया गया था। इस दौरान आरक्षक फूल सिंह ने डॉक्टर मीणा को चिट पर रेहटी के स्थान पर नसरुल्लागंज लिखाने लगे।
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इसी दौरान अगर सिंह सैनिक मोहन को धक्का देकर अस्पताल से भाग खड़ा हुआ, जिसे अस्पताल सहित पुलिस द्वारा खोजने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन भीड़ अधिक होने के चलते वह नहीं मिल सका। घटना के बाद रेहटी थाने के आरक्षक द्वारा घटना की रिपोर्ट नसरुल्लागंज थाने में की गई। आरक्षक को अस्पताल में स्वीपर मौजूद नहीं मिला। चूंकि मेडिकल टेस्ट की सामग्री जमाने का कार्य स्वीपर का होता है, स्वीपर को खोजने के लिए भी आरक्षक को ही परेशान होना पड़ा। इसी का फायदा उठाते हुए दोषी पुलिस की आंखो से ओझल हो गया।
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