{"_id":"625fe74749469e144878e225","slug":"sehore-second-death-due-to-drowning-on-narmada-coast-for-four-days-administration-is-not-taking-cognizance-even-after-accidents","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीहोर: नर्मदा तट पर चार दिन डूबने से दूसरी मौत, हादसों के बाद भी प्रशासन नहीं ले रहा संज्ञान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीहोर: नर्मदा तट पर चार दिन डूबने से दूसरी मौत, हादसों के बाद भी प्रशासन नहीं ले रहा संज्ञान
Wed, 20 Apr 2022 04:28 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 20 Apr 2022 04:28 PM IST
सार
सीहोर जिले की रेहटी तहसील में पड़ने वाले आंवली घाट नर्मदा तट पर चार दिनों में दो लोगों की डूबने से मौत हो गई। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं लेकिन नदी के खतरनाक स्थानों पर प्रशासन ने किसी तरह के चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए हैं।
विज्ञापन
आंवली घाट में चार दिन में दो युवकों की डूबने से मौत।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीहोर जिले की रेहटी तहसील स्थित आंवली घाट नर्मदा तट पर लगातार हादसे हो रहे हैं। चार दिनों में डूबने से 2 लोगों की मौत हो गई है, लेकिन बावजूद इसके प्रशासन व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।
मंगलवार को आंवली घाट नर्मदा तट पर गंजबासौदा निवासी सुनील दुबे की डूबने से मौत हो गई। इससे पहले 16 अप्रैल को भोपाल निवासी मुकेश प्रजापति की डूबने से मौत हो गई थी। वहीं, तहसील के ही नीनौर नर्मदा घाट पर बायां निवासी एक 18 वर्षीय युवक की भी गहरे पानी में डूबने से मौत का मालमा सामने आया है।
आंवली घाट नर्मदा तट स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। लेकिन लगातार यहां लोग हादसों का शिकार होकर काल के गाल में समा रहे हैं। लेकिन जानलेवा हादसों के बाद भी प्रशासन सबक नहीं ले रहा है।
विज्ञापन
आंवली घाट नर्मदा तट पर कई स्थान खतरनाक हो गए हैं, जहां अब तक कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं। प्रशासन की तरफ से ऐसे खतरनाक स्थानों में न तो कोई बोर्ड लगाया गया है और न ही जाली लगाई गई है। पिछले साल हादसों के बाद प्रशासन ने यहां पर जाली लगाने की बात कही थी, लेकिन अब तक इसकी व्यवस्था नहीं की गई है।
वहीं मामले पर नायाब तहसीलदार जयपाल सिंह उइके का कहना है कि आंवली घाट स्थित नर्मदा तट पर खतरनाक स्थानों पर बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों पर चेतावनी भी लिखी गई है, लेकिन इसके बाद भी श्रद्धालु यहां पर नहाने के लिए पहुंच जाते हैं। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करके बेहतर प्रबंध किए जाएंगे।
विज्ञापन
मंगलवार को आंवली घाट नर्मदा तट पर गंजबासौदा निवासी सुनील दुबे की डूबने से मौत हो गई। इससे पहले 16 अप्रैल को भोपाल निवासी मुकेश प्रजापति की डूबने से मौत हो गई थी। वहीं, तहसील के ही नीनौर नर्मदा घाट पर बायां निवासी एक 18 वर्षीय युवक की भी गहरे पानी में डूबने से मौत का मालमा सामने आया है।
विज्ञापन
आंवली घाट नर्मदा तट स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। लेकिन लगातार यहां लोग हादसों का शिकार होकर काल के गाल में समा रहे हैं। लेकिन जानलेवा हादसों के बाद भी प्रशासन सबक नहीं ले रहा है।
विज्ञापन
आंवली घाट नर्मदा तट पर कई स्थान खतरनाक हो गए हैं, जहां अब तक कई लोग अपनी जान गवां चुके हैं। प्रशासन की तरफ से ऐसे खतरनाक स्थानों में न तो कोई बोर्ड लगाया गया है और न ही जाली लगाई गई है। पिछले साल हादसों के बाद प्रशासन ने यहां पर जाली लगाने की बात कही थी, लेकिन अब तक इसकी व्यवस्था नहीं की गई है।
वहीं मामले पर नायाब तहसीलदार जयपाल सिंह उइके का कहना है कि आंवली घाट स्थित नर्मदा तट पर खतरनाक स्थानों पर बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों पर चेतावनी भी लिखी गई है, लेकिन इसके बाद भी श्रद्धालु यहां पर नहाने के लिए पहुंच जाते हैं। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करके बेहतर प्रबंध किए जाएंगे।
