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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore: In place of women, men were the directors of the fishermen committee, the pond lease of two committees will be canceled

सीहोर: महिलाओं की जगह पुरुष कर रहे थे मछुआ समिति का संचालन, दो समितियों के होंगे तालाब पट्टे निरस्त

Sun, 27 Mar 2022 02:17 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: दिनेश शर्मा Updated Sun, 27 Mar 2022 02:17 PM IST
सार

सीहोर जिले में समितियों द्वारा नियमों को ताक पर रख गलत तरीके से तालाबों का संचालन किया जा रहा था। जांच में समितियां दोषी पाई गई हैं। महिला मछुआ सहकारी समिति चैनपुरा और मछुआ समिति नयापुरा के पट्टा निरस्तीकरण कार्रवाई की जा रही है।
 

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Sehore: In place of women, men were the directors of the fishermen committee, the pond lease of two committees will be canceled
शिकायत के बाद समितियों की विभागीय जांच की जा रही है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मत्स्योद्योग अधिकारी भारत सिंह मीणा ने बताया कि मत्स्य विभाग में जांच उपरांत दो मछुआ समीतियों के तालाबों के पट्टे निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है। प्रकरण तैयार कर कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है। जल्द ही समीतियों के पास तालाब के पट्टे निरस्त किए जा सकते हैं। पट्टा निरस्तीकरण कार्रवाई की जद में महिला मछुआ सहकारी समिति चैनपुरा और मछुआ समिति नयापुरा हैं। मीणा ने बताया कि शिकायत के बाद समितियों की विभागीय जांच की जा रही है करीब 30 मछुआ सहकारी समितियों की जांच हो चुकी है। नियम विरुद्ध कार्य करने वाली समीतियों के पट्टे निरस्त किए जाएंगे।
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मत्स्योद्योग के माध्यम से लोग अपना जीवनोपार्जन के साथ ही आर्थिक रूप से सुदृढ़ बन सकें, इसलिए केन्द्र व राज्य सरकार अनेक योजना संचालित कर रही हैं। कम आय वाले किसान और महिला समूहों को भी तालाब के पट्टे दिए जा रहे हैं ताकि वे आर्थिक रूप से संबल बन सके। लेकिन जिस उद्देश्य से योजना शुरू की गई थी उसका लाभ वंचित वर्ग को नहीं मिल पा रहा है। मछुआ सहकारी समीतियों में भारी गड़बड़ियां उजागर हो रही हैं। महिला समूहों का संचालन पुरुषों के हाथों तो वहीं स्थानीय ग्रामीणों की जगह दूसरे गांव के लोग पट्टा तालाबों से मत्स्याखेट कर लाभ ले रहे हैं।
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बता दें कि जिले में 73 मछुआ सहकारी समितियां हैं, वर्तमान में बोर्ड भंग है। बीते साल उप पंजीयक सहकारी संस्था द्वारा घोघरा जलाशय की जयपीर समिति का चुनाव कराया गया। जिसकी सूचना कई सदस्यों को नहीं दी गई। इस बात की शिकायत बुधनी-नसरुल्लागंज क्षेत्र के मछुआरों ने सीएम हाउस जाकर की थी। जांच के बाद चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी पाए जाने पर उप पंजीयक सहकारी समितियां सीहोर भूपेन्द्र सिंह को निलंबित कर दिया गया था और बोर्ड भंग कर दिया गया था।
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