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Sehore Corona Update: मुख्यमंत्री के गृह जिले सीहोर में 228 संक्रमित मिले, पिछले नौ दिनों में 43 बच्चे भी हुए पॉजिटिव
Wed, 19 Jan 2022 03:43 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 19 Jan 2022 03:43 PM IST
सार
सीहोर जिले में कोरोना पैर पसारने लगा है। बुधवार को जारी रिपोर्ट में 228 नए संक्रमित मिले हैं। बच्चों पर तीसरी लहर भारी पड़ रही है, बीते नौ दिनों की बात करें तो 43 बच्चे पॉजिटिव मिले हैं। सभी को होम आइसोलेट किया गया है।
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सीहोर में 228 नए संक्रमित मिले हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सीहोर जिले में कोरोना पैर पसारने लगा है। बुधवार को जारी रिपोर्ट में 228 नए संक्रमित मिले हैं। बच्चों पर तीसरी लहर भारी पड़ रही है, बीते नौ दिनों की बात करें तो 43 बच्चे पॉजिटिव मिले हैं। सभी को होम आइसोलेट किया गया है।
जानकारी के अनुसार संक्रमण की रफ्तार काफी तेज है, पिछले तीन दिनों की जानकारी देखी जाए तो 85 फिर 85 और अब बुधवार को 228 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो सीहोर जिले में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान अब तक 43 बच्चे संक्रमित हो चुके हैं। जिन्हें दवाएं उपलब्ध करा कर होम आइसोलेट किया गया है। प्रतिदिन सामने आ रहे मरीजों में बच्चे भी संक्रमित मिल रहे हैं।
सुविधाविहिन कोविड सेंटर
कोरोना की रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी एक्टिव मोड में आया है। आवासीय छात्रावास में कोविड सेंटर बनाया गया है जहां 100 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस बात को लेकर चिंतित है कि छात्रावास में बनाए गए कोविड सेंटर में बिजली और पानी की व्यवस्था अभी नहीं हो पाई है। इतना ही नहीं इस कोविड सेंटर में जरुरत पडने पर मरीजों के लिए आक्सीजन सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
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कौन सा वैरिएंट पता नहीं
जिले में प्रतिदिन कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने की संख्या 100 से उपर पहुंच गई है। दोनों लहर में जिले में 24 घंटे के दौरान इतने मरीज नहीं मिले, जितने 19 जनवरी को मिले इस दिन 228 कोरोना पॉजिटिव पाए गए। 100 का आंकड़ा कोरोना ने बीते चार दिन में दो बार छू लिया है। लगातार पॉजिटिव मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अभी तक इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया है कि पॉजिटिव मरीज किस वैरिएंट से पीड़ित हैं।
36 घंटे में जांच रिपोर्ट
शासन बार-बार दावा कर रहा है कि कोरोना जांच रिपोर्ट 24 घंटे में आ जाए, लेकिन सीहोर जिले में जांच सैंपलों की रिपोर्ट 36 घंटे में आ रही है और कोरोना बुलेटिन भी एक दिन पुरानी तारीख में जारी किया जा रहा है।
लाखों का प्लांट बेकार
कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीजों की हालात बिगड़ी जिसे देखते हुए सरकार द्वारा हर जिलों में ऑक्सीजन प्लांट बनाए गए, सीहोर जिला मुख्यालय पर ट्रामा सेंटर में पीएम केयर फंड से 133 लाख रुपए की लागत से ऑक्सीजन प्लांट बनाया गया है। जिसका सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सिंतबर में वर्चुअल लोकार्पण किया था। चार माह बीत जाने के बाद भी इस प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई न लेकर बाहर से ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब वेंडर से ही भरे हुए ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदने थे तो 133 लाख रुपये की लागत से यहां प्लांट लगाने का दिखावा क्यों किया गया।
सीएमएचओ डॉ. सुधीर डेहरिया के अनुसार ऑक्सीजन प्लांट होने के बाद बाहर से ऑक्सीजन भरे सिलेंडर जिला अस्पताल द्वारा क्यों खरीदे जा रहे हैं, इसकी जानकारी नहीं है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ही इस विषय में कुछ बोल सकते हैं। डेहरिया के अनुसार जिले में कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, हम आगामी तैयारियों पर ध्यान दे रहे हैं।
जिला कोविड प्रभारी डॉ. जागेश्वर कोरी का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर में 43 बच्चे संक्रमित मिले हैं, वैरिएंट का प्रकार अभी नहीं पता लगा है, लेकिन विभाग अनुमान लगा रहा है कि यह डेल्टा है जो काफी खतरनाक है। इसलिए सजग रहने की आवश्यकता है।
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जानकारी के अनुसार संक्रमण की रफ्तार काफी तेज है, पिछले तीन दिनों की जानकारी देखी जाए तो 85 फिर 85 और अब बुधवार को 228 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो सीहोर जिले में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान अब तक 43 बच्चे संक्रमित हो चुके हैं। जिन्हें दवाएं उपलब्ध करा कर होम आइसोलेट किया गया है। प्रतिदिन सामने आ रहे मरीजों में बच्चे भी संक्रमित मिल रहे हैं।
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सुविधाविहिन कोविड सेंटर
कोरोना की रफ्तार को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी एक्टिव मोड में आया है। आवासीय छात्रावास में कोविड सेंटर बनाया गया है जहां 100 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस बात को लेकर चिंतित है कि छात्रावास में बनाए गए कोविड सेंटर में बिजली और पानी की व्यवस्था अभी नहीं हो पाई है। इतना ही नहीं इस कोविड सेंटर में जरुरत पडने पर मरीजों के लिए आक्सीजन सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
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कौन सा वैरिएंट पता नहीं
जिले में प्रतिदिन कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने की संख्या 100 से उपर पहुंच गई है। दोनों लहर में जिले में 24 घंटे के दौरान इतने मरीज नहीं मिले, जितने 19 जनवरी को मिले इस दिन 228 कोरोना पॉजिटिव पाए गए। 100 का आंकड़ा कोरोना ने बीते चार दिन में दो बार छू लिया है। लगातार पॉजिटिव मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अभी तक इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाया है कि पॉजिटिव मरीज किस वैरिएंट से पीड़ित हैं।
36 घंटे में जांच रिपोर्ट
शासन बार-बार दावा कर रहा है कि कोरोना जांच रिपोर्ट 24 घंटे में आ जाए, लेकिन सीहोर जिले में जांच सैंपलों की रिपोर्ट 36 घंटे में आ रही है और कोरोना बुलेटिन भी एक दिन पुरानी तारीख में जारी किया जा रहा है।
लाखों का प्लांट बेकार
कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की कमी के चलते मरीजों की हालात बिगड़ी जिसे देखते हुए सरकार द्वारा हर जिलों में ऑक्सीजन प्लांट बनाए गए, सीहोर जिला मुख्यालय पर ट्रामा सेंटर में पीएम केयर फंड से 133 लाख रुपए की लागत से ऑक्सीजन प्लांट बनाया गया है। जिसका सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सिंतबर में वर्चुअल लोकार्पण किया था। चार माह बीत जाने के बाद भी इस प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाई न लेकर बाहर से ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब वेंडर से ही भरे हुए ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदने थे तो 133 लाख रुपये की लागत से यहां प्लांट लगाने का दिखावा क्यों किया गया।
सीएमएचओ डॉ. सुधीर डेहरिया के अनुसार ऑक्सीजन प्लांट होने के बाद बाहर से ऑक्सीजन भरे सिलेंडर जिला अस्पताल द्वारा क्यों खरीदे जा रहे हैं, इसकी जानकारी नहीं है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ही इस विषय में कुछ बोल सकते हैं। डेहरिया के अनुसार जिले में कोरोना का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, हम आगामी तैयारियों पर ध्यान दे रहे हैं।
जिला कोविड प्रभारी डॉ. जागेश्वर कोरी का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर में 43 बच्चे संक्रमित मिले हैं, वैरिएंट का प्रकार अभी नहीं पता लगा है, लेकिन विभाग अनुमान लगा रहा है कि यह डेल्टा है जो काफी खतरनाक है। इसलिए सजग रहने की आवश्यकता है।
