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दोस्ती को सलाम: भोपाल ने कमलनाथ और संजय गांधी की दोस्ती को कुछ ऐसे किया याद
Tue, 18 Dec 2018 04:42 PM IST
पूजा मेहरोत्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पूजा मेहरोत्रा
Updated Tue, 18 Dec 2018 04:42 PM IST
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कमलनाथ सोमवार को मध्य प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। कमलनाथ ने मुख्यमंत्री बनने से ठीक पहले मीडिया से रूबरू हुए कहा कि इंदिरा गांधी उन्हें अपना तीसरा बेटा मानती थी। कमलनाथ संजय गांधी के लंगोटिया यार भी रहे हैं।
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वैसे तो मुख्यमंत्री बनते ही कमलनाथ ने किसानों की कर्जमाफी का वादा पूरा करते हुए लोन माफी वाले पेपर पर साइन किया वहीं दूसरी तरफ एमपी फर्स्ट का विवादित ब्यान देकर सियासी भूचाल मचा दिया है।
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इन सब सियासी भूचालों के बीच जो एक खबर जो चर्चा में बनी हुई है वह है कि भोपाल की सड़कों पर लगा पोस्टर। यह पोस्टर चर्चा क्यों बटोर रही है तो वजह हैं संजय गांधी। भोपाल के एमीनगर इलाके में लगे इस पोस्टर में मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ संजय गांधी की तस्वीर लगी है।
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राजनीति में कुछ भी यूं ही नहीं होता है। इस पोस्टर की वजह से भी काफी चर्चा बनी हुई है। एमीनगर इलाके में लगे इस पोस्टर को किसने लगाया इसका पता तो अभी तक नहीं चला है लेकिन इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है।
कमलनाथ और संजय गांधी की दोस्ती बहुत खास थी वैसे तो वह राजीव गांधी के भी अच्छे दोस्त थे । वैसे तो कमलनाथ जितने पावरफुल राजीव गांधी के कार्यकाल में थे उतनी ही मजबूत स्थिति उनकी आज भी है जब जमाना राहुल गांधी और सोनिया गांधी का है। ज्योतिरादित्य जैसे जोशीले और युवा नेता को दरकिनार करना इस बात को बखूबी दर्शाता भी है।
कमलनाथ ने जब पहली बार छिंदवाड़ा से चुनावी मैदान में बिगुल फूंका तब उनके चुनाव प्रचार के लिए इंदिरा गांधी भी पहुंची थीं। इसी दौरान इंदिरा गांधी ने कमलनाथ को अपना तीसरा बेटा कहा था। कमलनाथ उसी छिंदवाड़ा से पहली बार सांसद बने, तबसे लागातर 2018 में नौवीं बार छिंदवाड़ा से ही सांसद बनते रहे।
कमलनाथ की दोस्ती संजय गांधी से दून स्कूल की पढ़ाई के दौरान ही हुई थी। राजनीति में आने से पहले उन्होंने सेंट जेवियर कॉलेज कोलकाता से बीए की पढ़ाई की। कमलनाथ को राजनीति में लाने का श्रेय संजय गांधी को ही जाता है।
