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मध्यप्रदेश : 5 संतों को राज्य मंत्री बनाए जाने की अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने की निंदा

Fri, 06 Apr 2018 03:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 06 Apr 2018 03:12 PM IST
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saints organisation are not in favour of cm shivraj singh chauhan decission on 5 saint

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कंप्यूटर बाबा सहित अन्य पांच संतों को मंत्री पद का दर्जा दिया है। इसके बाद से ही सरकार के इस फैसले पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस फैसले पर साधु-संतों की संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी कड़ी आपत्ति जताई है। परिषद के महंत नरेंद्र गिरी का कहना है कि संतों का दर्जा मंत्रियों से कहीं ऊंचा होता है। संतों को इस तरह के लाभ को ठुकराना चाहिए क्योंकि संतों के लिए सत्ता नहीं होती। 

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उन्होंने कहा कि यदि मंत्री ऐसा करेंगे तो समाज में संतों के लिए सम्मान निश्चित तौर पर कम होगा और अगर संत मंत्री हो जाएं तो भला कैसा सम्मान? उन्होंने कहा कि मंत्रियों को संत जैसा होना चाहिए और संतों को इस तरह के वैभव से दूर रहना चाहिए। उनके इस बयान के बाद पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वारण के महंत महेश्वर दास ने कहा कि संतों को हमेशा सत्य के मार्ग पर चलते हुए जन कल्याण के हित के बारे में सोचना चाहिए। 
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गैरतलब है कि कंप्यूटर बाबा सहित इंदौर के भय्यू महाराज, अमरकंटक के हरिहरानंदजी, डिंडोरी के नर्मदानंदजी और पंडित योगेंद्र महंत को राज्य मंत्री पद का दर्जा देने वाला आदेश राज्य सरकार की ओर से मंगलवार को जारी किया गया था। सरकार के इस फैसले का विरोध भी किया जा रह है। इस फैसले के खिलाफ रामबहादुर शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में एक जनहित याचिका दाखिल की है। 
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याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने राज्य मंत्री की संवैधानिकता को लेकर याचिका लगाई है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए। हालांकि इस फैसले के कारण बाबाओं के रुख में भी अचानक बदलाव आया है। कल तक जिन पांचों संतों ने शिवराज सिंह चौहान द्वारा पिछले साल नर्मदा किनारे लगाए गए पौधों और अन्य विकास कार्यों की ‘पोल’ खोलने के लिए ‘नर्मदा घोटाला रथयात्रा’ शुरू करने का ऐलान किया था अब उन्हीं मंत्रियों ने पद का दर्जा मिलने के बाद अपनी पूर्व की घोषणा से कदम पीछे खींच लिए हैं। अब ये सभी बाबा जनजागरण करने की बात कर रहे हैं।

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