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Sagar News: तेंदुए की दहशत के साए में सागर विश्वविद्यालय, पांच दिन बाद फिर दिखा मूवमेंट
Mon, 21 Oct 2024 07:11 PM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Mon, 21 Oct 2024 07:11 PM IST
सार
MP: सागर के डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय कैंपस मैं रहने वाले कर्मचारी अधिकारी तथा विद्यार्थी पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की दहशत के साए में रह रहे हैं। विश्विद्यालय के कैंपस में 5 दिन बाद फिर तेंदुआ का मूवमेंट हुआ।
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तेंदुए की दहशत के साए में सागर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सागर के डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय कैंपस मैं रहने वाले कर्मचारी अधिकारी तथा विद्यार्थी पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की दहशत के साए में रह रहे हैं। विश्विद्यालय के कैंपस में 5 दिन बाद फिर तेंदुआ का मूवमेंट हुआ। इस बार 4 घंटे के भीतर दो तेंदुआ देखे गए। इनमें सुबह 7 बजे असिस्टेंट प्रोफेसर के बंगले की छत पर तेंदुआ देखा गया, वह सबसे छोटा है। बिल्ली से थोड़े बड़े आकार का यह तेंदुआ बंगले की छत पर सो रहा था। सफाई करने माली गया तो तेंदुआ के बच्चे को देखकर शोर मचाया। इसे सुनकर वह भाग गया। इसके 4 घंटे बाद ही सुबह करीब 11 बजे आवासीय कैंपस में ही एक बड़े तेंदुआ को सड़क पर चलते हुए देखा गया।
कुल कितने तेंदुए हैं यह किसी को पता नहीं
विश्विद्यालय के कैंपस में कुल कितने तेंदुए विचरण कर रहे हैं, यह किसी को पता नहीं। वन विभाग तथा विश्वविद्यालय प्रशासन इस दिशा में किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सके हैं। जहां 5 दिन पहले दो तेंदुआ देखे गए थे।
अब एक छोटे तेंदुआ को और मिला लें तो अब तक तीन तेंदुआ विवि परिसर में नजर आ चुके हैं। तेंदुआ की चहलकदमी से विवि के शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी, कर्मचारी सकते में हैं। विवि के शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों का कहना है कि ड्रोन से सर्चिग की जाए, ताकि जल्द से जल्द तेंदुआ का रेस्क्यू किया जा सके।
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असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रंजीत रजक ने बताया कि मेरे बगीचे में जो माली काम करता है, वहीं सीढ़ियों से छत पर गया तो तेंदुआ नजर आने पर वह चिल्लाते हुए भागा। इसके बाद हम लोग भी अंदर से भागते हुए बाहर निकले।
रात 1.30 बजे तक हम लोग जाग रहे थे, तेंदुआ उसी के बाद से लेकर सुबह 7 बजे के बीच आया होगा। सीसीटीवी कैमरे में उसे जाते हुए देखा गया। हालांकि जिस दिशा में कैमरे नहीं हैं, वह उसी दिशा से आया होगा, क्योंकि आते हुए नजर नहीं आया। अब जल्दी से रेस्क्यू होना चाहिए, हम लोगों ने रात में टहलना भी बंद कर दिया है।
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कुल कितने तेंदुए हैं यह किसी को पता नहीं
विश्विद्यालय के कैंपस में कुल कितने तेंदुए विचरण कर रहे हैं, यह किसी को पता नहीं। वन विभाग तथा विश्वविद्यालय प्रशासन इस दिशा में किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सके हैं। जहां 5 दिन पहले दो तेंदुआ देखे गए थे।
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अब एक छोटे तेंदुआ को और मिला लें तो अब तक तीन तेंदुआ विवि परिसर में नजर आ चुके हैं। तेंदुआ की चहलकदमी से विवि के शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी, कर्मचारी सकते में हैं। विवि के शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों का कहना है कि ड्रोन से सर्चिग की जाए, ताकि जल्द से जल्द तेंदुआ का रेस्क्यू किया जा सके।
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असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रंजीत रजक ने बताया कि मेरे बगीचे में जो माली काम करता है, वहीं सीढ़ियों से छत पर गया तो तेंदुआ नजर आने पर वह चिल्लाते हुए भागा। इसके बाद हम लोग भी अंदर से भागते हुए बाहर निकले।
रात 1.30 बजे तक हम लोग जाग रहे थे, तेंदुआ उसी के बाद से लेकर सुबह 7 बजे के बीच आया होगा। सीसीटीवी कैमरे में उसे जाते हुए देखा गया। हालांकि जिस दिशा में कैमरे नहीं हैं, वह उसी दिशा से आया होगा, क्योंकि आते हुए नजर नहीं आया। अब जल्दी से रेस्क्यू होना चाहिए, हम लोगों ने रात में टहलना भी बंद कर दिया है।
