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सागर में गरीबों के राशन पर डाका?: पांच उचित मूल्य दुकानों में लाखों के खाद्यान्न का गबन, विक्रेताओं पर एफआईआर
Fri, 04 Sep 2026 10:23 AM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 10:23 AM IST
सार
सागर में पीडीएस राशन में अनियमितता और खाद्यान्न गबन के मामले में जिला प्रशासन ने पांच शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में स्टॉक और रिकॉर्ड में भारी अंतर मिला। पांचों दुकानों को निलंबित कर दिया गया है।
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राशन दुकानों का निरीक्षण करते हुए अधिकारी
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
सागर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के राशन में बड़े पैमाने पर धांधली और गरीबों का खाद्यान्न हड़पने वाले पांच शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं पर जिला प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसा है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देश पर खाद्य विभाग की जांच में लाखों रुपये के खाद्यान्न गबन का खुलासा होने के बाद संबंधित पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही पांचों दुकानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के बाद खुली पोल
शहर की विभिन्न राशन दुकानों से हितग्राहियों को राशन नहीं मिलने और वितरण में धांधली की शिकायतें जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन और समाचार माध्यमों के जरिए लगातार मिल रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक आपूर्ति अधिकारी श्रीमती चारू जैन और प्रभारी सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री अभिषेक मोर की टीम ने गांधीचौक, रामपुरा, शास्त्री वार्ड, शिवाजीनगर और सुबेदार-01 की राशन दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान मौके पर भौतिक स्टॉक और रिकॉर्ड में भारी अंतर मिला। रिकॉर्ड के अनुसार उठाए गए खाद्यान्न और हितग्राहियों को वितरित किए गए खाद्यान्न में भी काफी अंतर पाया गया।
किस दुकान पर कितना हुआ गबन
बीएनएस और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस
जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 316(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन ने गबन की राशि की रिकवरी की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। हितग्राहियों को राशन मिलने में किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए निलंबित दुकानों को नजदीकी शासकीय राशन दुकानों से अस्थायी रूप से अटैच कर दिया गया है।
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सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के बाद खुली पोल
शहर की विभिन्न राशन दुकानों से हितग्राहियों को राशन नहीं मिलने और वितरण में धांधली की शिकायतें जनसुनवाई, सीएम हेल्पलाइन और समाचार माध्यमों के जरिए लगातार मिल रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक आपूर्ति अधिकारी श्रीमती चारू जैन और प्रभारी सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री अभिषेक मोर की टीम ने गांधीचौक, रामपुरा, शास्त्री वार्ड, शिवाजीनगर और सुबेदार-01 की राशन दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान मौके पर भौतिक स्टॉक और रिकॉर्ड में भारी अंतर मिला। रिकॉर्ड के अनुसार उठाए गए खाद्यान्न और हितग्राहियों को वितरित किए गए खाद्यान्न में भी काफी अंतर पाया गया।
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किस दुकान पर कितना हुआ गबन
- सुबेदार-01 वार्ड: वर्तमान विक्रेता ध्रुव रजक के स्तर पर 1.45 लाख रुपये मूल्य के 2,236 किलोग्राम तथा पूर्व विक्रेता अतुल तिवारी के कार्यकाल में 15.67 लाख रुपये मूल्य के 5,60,012 किलोग्राम खाद्यान्न का हिसाब नहीं मिला।
- शास्त्री वार्ड: विक्रेता रमा तिवारी एवं सहायक विक्रेता अनुरोध तिवारी के स्तर पर 14.55 लाख रुपये कीमत के 47,291 किलोग्राम खाद्यान्न का गबन पाया गया।
- गांधीचौक वार्ड: वर्तमान विक्रेता अनुराग सोनी के स्तर पर 1.04 लाख रुपये मूल्य के 3,293 किलोग्राम तथा पूर्व विक्रेता अतुल तिवारी के स्तर पर 7.49 लाख रुपये मूल्य के 24,054 किलोग्राम खाद्यान्न का अंतर पाया गया।
- रामपुरा वार्ड: विक्रेता अतुल तिवारी के स्तर पर 4.75 लाख रुपये मूल्य के 15,544 किलोग्राम खाद्यान्न का हिसाब नहीं मिला।
- शिवाजीनगर वार्ड: विक्रेता दीपक श्रीवास्तव के स्तर पर 6.47 लाख रुपये कीमत के 20,362 किलोग्राम खाद्यान्न की अफरा-तफरी पाई गई।
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बीएनएस और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस
जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 316(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन ने गबन की राशि की रिकवरी की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। हितग्राहियों को राशन मिलने में किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए निलंबित दुकानों को नजदीकी शासकीय राशन दुकानों से अस्थायी रूप से अटैच कर दिया गया है।
