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Sagar: बीना रिफायनरी के आसपास नो डेवलपमेंट जोन खत्म किया जाए, दिग्विजय सिंह ने सीएम को लिखा पत्र
Thu, 10 Oct 2024 02:54 PM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Oct 2024 02:54 PM IST
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दिग्विजय सिंह का पत्र
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बीना रिफायनरी के आसपास स्थित ग्रामों को नो डेवलपमेंट जोन से हटाए जाने को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है। इसमें यहां होने वाली परेशानियों का जिक्र किया है।
बता दें कि पिछले दिनों सागर जिले के बीना दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को बीना रिफायनरी के आसपास स्थित ग्रामों के निवासियों ने बताया था कि रिफायनरी के आसपास नो डेवलपमेंट जोन होने से उन्हें बड़ी परेशानी होती है। जिस पर दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव को पत्र लिखा है।
बीना बीपीसीएल रिफाइनरी जो पूर्व में भारत ओमान रिफाइनरी थी, जिसका भूमिपूजन दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीव्ही नरसिंहराव ने किया था और इसका शुभारंभ भी प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने किया था। इस रिफाइनरी के 5 किलोमीटर तक नो डवलपमेंट जोन घोषित है जिसके अंतर्गत सागर जिला सहित विदिशा जिले के ग्राम भी आ रहे हैं। इस जोन के अंतर्गत दर्जनों गांव आते है और यहां के ग्रामीणजन किसी भी सूरत में कोई भी निर्माण नहीं कर सकते इस मामले को लेकर बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बीना रिफाइनरी के पास ग्रामो का दौरा किया था और जिन किसानों की जमीन रिफाइनरी के निर्माण के दौरान अधिग्रहण की गई थी उन किसान परिवारों से चर्चा की थी। इसके बाद उन्होंने मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर नो डेवलपमेंट जोन खत्म कर विकास प्राधिकरण (साडा) बनाने की मांग की है ताकि यहां के आसपास के गांवों की मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़े तथा आवश्यक निर्माण कार्य सुनियोजित तरीके से किए जा सकें।
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यह लिखा है पत्र में
दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि बीना रिफायनरी के आस पास 5 किलोमीटर के दायरे मैं 22 ग्राम आते है जिनमे लगभग 1 लाख लोग निवास करते हैं। इन ग्रामों में सभी तरह की निर्माण पर प्रतिबंध लगा रखा है। इन ग्रामों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को देखते हुए मेरी मांग है कि इस पूरे क्षेत्र को विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण साडा बनाते हुए विकास कार्यों की अनुमति दी जाना चाहिए। जिससे भविष्य में यह क्षेत्र विकास की दौड़ में शामिल हो सके। कलेक्टर सागर का आदेश पत्र के साथ संलग्न है। जिसमें ग्राम आगासोद क्षेत्र में बनी भारत - ओमान रिफायनरी के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के 5 किलोमीटर क्षेत्र को नो डेवलपमेंट जोन घोषित किया गया था। जिसमें फैक्ट्री, बाजार, होटल, व्यवसायिक संस्थान, अधिक ऊंचाई के निर्माण आदि पर प्रतिबंध लगाया था। गत 15 वर्षों से इन ग्रामों में रहने वाली एक लाख से अधिक की आबादी विकास कार्यों से प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन निर्माण कार्य के किसी भी निजी या सार्वजनिक निर्माण कार्य पर रोक लगाने के लिए नोटिस जारी कर रहा है।
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की इस रिफायनरी परियोजना से पूरे देश को फायदा मिल रहा है। जिले में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन रिफायनरी से लगे ग्रामों के बाशिंदे छोटी-छोटी व्यवसायिक गतिविधियों को तरस रहे हैं। हजारों करोड़ रुपये के कारोबार वाली रिफायनरी के समीप रहने वाले लोग न सिर्फ बेरोजगार हैं बल्कि पलायन करने को मजबूर हैं। इन रहवासियों को सर्वांगीण विकास के लिए अभी तक राज्य शासन ने कोई योजना नहीं बनाई है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि रिफायनरी के आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र के विकास की एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। जहां शासन विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) बनाते हुए सम्पूर्ण सुरक्षा के प्रावधानों के साथ औद्योगिक, व्यवसायिक और रहवासी सुविधाओं को विकसित कर स्थानीय लोगों की तरक्की के अवसर प्रदान किए जाने चाहिये। अभी ये समस्त ग्राम अभिशाप्त स्थिति में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। विकास की आधुनिक दौड़ से बहुत पीछे छूट गए हैं। मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान ...बीना डेवलपमेंट प्लान' नाम से नगरीय प्रशासन विभाग ने एक ड्राफ्ट भी तैयार किया था। जिसे कालांतर में भाजपा सरकार ने आगे नहीं बढ़ाया। जिससे क्षेत्र के विकास की संभावनाएं धूमिल होती चली गईं। आज “दिया तले अंधेरा” की स्थिति सामने है। जबकि सुरक्षा के मानकों पर काम करते हुए भी यहां का विकास हो सकता था।
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बता दें कि पिछले दिनों सागर जिले के बीना दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को बीना रिफायनरी के आसपास स्थित ग्रामों के निवासियों ने बताया था कि रिफायनरी के आसपास नो डेवलपमेंट जोन होने से उन्हें बड़ी परेशानी होती है। जिस पर दिग्विजय सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव को पत्र लिखा है।
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बीना बीपीसीएल रिफाइनरी जो पूर्व में भारत ओमान रिफाइनरी थी, जिसका भूमिपूजन दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीव्ही नरसिंहराव ने किया था और इसका शुभारंभ भी प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने किया था। इस रिफाइनरी के 5 किलोमीटर तक नो डवलपमेंट जोन घोषित है जिसके अंतर्गत सागर जिला सहित विदिशा जिले के ग्राम भी आ रहे हैं। इस जोन के अंतर्गत दर्जनों गांव आते है और यहां के ग्रामीणजन किसी भी सूरत में कोई भी निर्माण नहीं कर सकते इस मामले को लेकर बीते दिनों पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बीना रिफाइनरी के पास ग्रामो का दौरा किया था और जिन किसानों की जमीन रिफाइनरी के निर्माण के दौरान अधिग्रहण की गई थी उन किसान परिवारों से चर्चा की थी। इसके बाद उन्होंने मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर नो डेवलपमेंट जोन खत्म कर विकास प्राधिकरण (साडा) बनाने की मांग की है ताकि यहां के आसपास के गांवों की मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़े तथा आवश्यक निर्माण कार्य सुनियोजित तरीके से किए जा सकें।
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यह लिखा है पत्र में
दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि बीना रिफायनरी के आस पास 5 किलोमीटर के दायरे मैं 22 ग्राम आते है जिनमे लगभग 1 लाख लोग निवास करते हैं। इन ग्रामों में सभी तरह की निर्माण पर प्रतिबंध लगा रखा है। इन ग्रामों में रहने वाले लोगों की समस्याओं को देखते हुए मेरी मांग है कि इस पूरे क्षेत्र को विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण साडा बनाते हुए विकास कार्यों की अनुमति दी जाना चाहिए। जिससे भविष्य में यह क्षेत्र विकास की दौड़ में शामिल हो सके। कलेक्टर सागर का आदेश पत्र के साथ संलग्न है। जिसमें ग्राम आगासोद क्षेत्र में बनी भारत - ओमान रिफायनरी के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के 5 किलोमीटर क्षेत्र को नो डेवलपमेंट जोन घोषित किया गया था। जिसमें फैक्ट्री, बाजार, होटल, व्यवसायिक संस्थान, अधिक ऊंचाई के निर्माण आदि पर प्रतिबंध लगाया था। गत 15 वर्षों से इन ग्रामों में रहने वाली एक लाख से अधिक की आबादी विकास कार्यों से प्रभावित हुई है। जिला प्रशासन निर्माण कार्य के किसी भी निजी या सार्वजनिक निर्माण कार्य पर रोक लगाने के लिए नोटिस जारी कर रहा है।
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की इस रिफायनरी परियोजना से पूरे देश को फायदा मिल रहा है। जिले में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन रिफायनरी से लगे ग्रामों के बाशिंदे छोटी-छोटी व्यवसायिक गतिविधियों को तरस रहे हैं। हजारों करोड़ रुपये के कारोबार वाली रिफायनरी के समीप रहने वाले लोग न सिर्फ बेरोजगार हैं बल्कि पलायन करने को मजबूर हैं। इन रहवासियों को सर्वांगीण विकास के लिए अभी तक राज्य शासन ने कोई योजना नहीं बनाई है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि रिफायनरी के आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र के विकास की एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। जहां शासन विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) बनाते हुए सम्पूर्ण सुरक्षा के प्रावधानों के साथ औद्योगिक, व्यवसायिक और रहवासी सुविधाओं को विकसित कर स्थानीय लोगों की तरक्की के अवसर प्रदान किए जाने चाहिये। अभी ये समस्त ग्राम अभिशाप्त स्थिति में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। विकास की आधुनिक दौड़ से बहुत पीछे छूट गए हैं। मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान ...बीना डेवलपमेंट प्लान' नाम से नगरीय प्रशासन विभाग ने एक ड्राफ्ट भी तैयार किया था। जिसे कालांतर में भाजपा सरकार ने आगे नहीं बढ़ाया। जिससे क्षेत्र के विकास की संभावनाएं धूमिल होती चली गईं। आज “दिया तले अंधेरा” की स्थिति सामने है। जबकि सुरक्षा के मानकों पर काम करते हुए भी यहां का विकास हो सकता था।

दिग्विजय सिंह का पत्र

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