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MP: गृह ग्राम क्वायला में हुआ सैनिक राजेश यादव का अंतिम संस्कार, पुंछ में आतंकियों से मुठभेड़ में हुए थे शहीद
Fri, 29 Dec 2023 07:25 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सागर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सागर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 29 Dec 2023 07:25 PM IST
सार
शुक्रवार सुबह सेना के प्लेन से शहीद राजेश यादव का पार्थिव शरीर सागर लाया गया। सागर से सेना के वाहन से चालीस किलोमीटर दूर राजेश यादव के गृह ग्राम क्वायला पहुंचा। इस दौरान लोगों का हुजूम शहीद को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिए उमड़ पड़ा।
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सागर जिले के बेटे राजेश यादव शहीद हो गए। उनका अंतिम संस्कार गृह ग्राम क्वायला में हुआ।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सागर के बेटे शहीद राजेश यादव का अंतिम संस्कार गृह ग्राम में किया गया। शुक्रवार सुबह उनकी पार्थिव देह सेना के हैलीकॉप्टर से सागर लाया गया। फिर वहां से सड़क मार्ग से बंडा तहसील के क्वायला लाया गया। इस दौरान उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा।
बता दें कि 21 दिसंबर को कश्मीर के पुंछ सेक्टर में हुई आतंकियों से मुठभेड़ में बीएसएफ के जवान राजेश यादव घायल हो गए थे। जिनका इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा था, 27 दिसंबर को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सिपाही राजेश यादव की शहादत की खबर क्षेत्र में पहुंचने पर शोक व्याप्त हो गया। शुक्रवार सुबह सेना के प्लेन से शहीद राजेश यादव का पार्थिव शरीर सागर लाया गया। सागर से सेना के वाहन से चालीस किलोमीटर दूर राजेश यादव के गृह ग्राम क्वायला पहुंचा। इस दौरान लोगों का हुजूम शहीद को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिए उमड़ पड़ा।
बंडा नगर में ही हजारों लोगों ने सड़क किनारे खड़े होकर सेना के वाहन में रखे शहीद की पार्थिव देह और वाहन पर पुष्प वर्षा की। राजेश यादव अमर रहे के गगनभेदी नारे लगाते हुए लोगों का हुजूम ग्राम क्वायला तक सेना के वाहनों के साथ चला। क्वायला में नियमानुसार सेना के जवानों ने शहीद को अंतिम सलामी दी और मंत्री प्रहलाद पटेल सहित प्रशानिक अधिकारियों ने पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद शहीद का परिजनों के द्वारा अंतिम संस्कार किया गया।
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बता दें कि 21 दिसंबर को कश्मीर के पुंछ सेक्टर में हुई आतंकियों से मुठभेड़ में बीएसएफ के जवान राजेश यादव घायल हो गए थे। जिनका इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा था, 27 दिसंबर को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सिपाही राजेश यादव की शहादत की खबर क्षेत्र में पहुंचने पर शोक व्याप्त हो गया। शुक्रवार सुबह सेना के प्लेन से शहीद राजेश यादव का पार्थिव शरीर सागर लाया गया। सागर से सेना के वाहन से चालीस किलोमीटर दूर राजेश यादव के गृह ग्राम क्वायला पहुंचा। इस दौरान लोगों का हुजूम शहीद को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिए उमड़ पड़ा।
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बंडा नगर में ही हजारों लोगों ने सड़क किनारे खड़े होकर सेना के वाहन में रखे शहीद की पार्थिव देह और वाहन पर पुष्प वर्षा की। राजेश यादव अमर रहे के गगनभेदी नारे लगाते हुए लोगों का हुजूम ग्राम क्वायला तक सेना के वाहनों के साथ चला। क्वायला में नियमानुसार सेना के जवानों ने शहीद को अंतिम सलामी दी और मंत्री प्रहलाद पटेल सहित प्रशानिक अधिकारियों ने पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद शहीद का परिजनों के द्वारा अंतिम संस्कार किया गया।
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शहीद राजेश यादव के बेटे का तिरंगा सौंपा गया।
- फोटो : सोशल मीडिया
एक बेटा और एक बेटी
लगभग तीस वर्षीय शहीद राजेश यादव विवाहित थे और उनकी छह वर्षीय बेटी और 3 वर्षीय बेटा है। बेटे की शहादत ओर राजेश के पिता ने कहा कि मेरे दो बेटे थे। एक मेरी सेवा के लिए और एक देश की सेवा के लिए। उन्होंने कहा कि राजेश की शहादत के बाद उसके बच्चों और पत्नी की चिंता है।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि बंडा तहसील के क्वायला गांव के बुंदेली वीर राजेश यादव की वीरगति आज बंडा क्षेत्र में नए जागरण का निमित्त बनी। बेटे-बेटियों से लेकर वृद्ध तक इस सपूत के दर्शन के लिए क़तारबद्ध थे। नमन, शत शत नमन। वहीं पटेल ने एक व्यक्ति के जज्बे को भी सराहा। उन्होंने कहा कि वीरगति प्राप्त राजेश यादव के शव वाहन के साथ बंडा से क्वायला तक लगभग 6 किमी तिरंगा लेकर चप्पल पहने दौड़ते हुए पहुंचे अहिरवार जी। मेरी नज़रें लगातार देखती रही तो रोक नहीं पाया और वीडियो बनवाया। स्व. राजेश यादव के साथ अहिरवार जी को भी सैल्यूट।
लगभग तीस वर्षीय शहीद राजेश यादव विवाहित थे और उनकी छह वर्षीय बेटी और 3 वर्षीय बेटा है। बेटे की शहादत ओर राजेश के पिता ने कहा कि मेरे दो बेटे थे। एक मेरी सेवा के लिए और एक देश की सेवा के लिए। उन्होंने कहा कि राजेश की शहादत के बाद उसके बच्चों और पत्नी की चिंता है।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि बंडा तहसील के क्वायला गांव के बुंदेली वीर राजेश यादव की वीरगति आज बंडा क्षेत्र में नए जागरण का निमित्त बनी। बेटे-बेटियों से लेकर वृद्ध तक इस सपूत के दर्शन के लिए क़तारबद्ध थे। नमन, शत शत नमन। वहीं पटेल ने एक व्यक्ति के जज्बे को भी सराहा। उन्होंने कहा कि वीरगति प्राप्त राजेश यादव के शव वाहन के साथ बंडा से क्वायला तक लगभग 6 किमी तिरंगा लेकर चप्पल पहने दौड़ते हुए पहुंचे अहिरवार जी। मेरी नज़रें लगातार देखती रही तो रोक नहीं पाया और वीडियो बनवाया। स्व. राजेश यादव के साथ अहिरवार जी को भी सैल्यूट।
