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MP: मध्यप्रदेश में 12 वीं कक्षा के छात्र को आठ माह में चार बार सांप ने काटा, हर बार सिर्फ इस वजह से बची जान
Sat, 04 Jul 2026 09:26 AM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 09:26 AM IST
सार
सागर जिले के बंडा तहसील स्थित धुरमार गांव में एक किशोर को आठ महीने में चार बार सांप ने काटा, लेकिन हर बार समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। परिवार ने झाड़-फूंक के बजाय डॉक्टरों और विज्ञान पर भरोसा किया, जिसे चिकित्सक उसकी जिंदगी बचने का सबसे बड़ा कारण बता रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
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अस्पताल में इलाज करवाता छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सागर से अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता और विज्ञान की जीत का एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहां बंडा तहसील के ग्राम धुरमार में एक किशोर को पिछले आठ महीनों के अंदर चार बार सांप ने काटा।
अमूमन ऐसी घटनाओं में लोग झाड़-फूंक और तांत्रिकों के चक्कर में पड़ जाते हैं, लेकिन पीड़ित परिवार ने हर बार अंधविश्वास को दरकिनार कर विज्ञान और डॉक्टरों पर भरोसा जताया। नतीजा यह है कि किशोर चारों बार मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर आ गया। गांव के लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, तो वहीं डॉक्टर इसे सही समय पर मिले इलाज का परिणाम बता रहे हैं।
बार-बार काल बनकर आया सांप, पर हौसला नहीं हारा परिवार
जानकारी के अनुसार, धुरमार निवासी नारायण चौबे का पुत्र नमन चौबे (12वीं कक्षा का छात्र) बंडा के एक निजी स्कूल में पढ़ाई करता है। नमन के साथ सांप काटने का यह सिलसिला पिछले साल नवंबर महीने से शुरू हुआ था।
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पहली बार (नवंबर): नमन को सबसे पहले नवंबर माह में सांप ने काटा। परिवार उसे तत्काल अस्पताल ले गया और वह ठीक हो गया।
दूसरी बार (दिसंबर): इसके ठीक एक महीने बाद दिसंबर में सांप ने उसे फिर काटा। परिवार फिर अस्पताल भागा और नमन की जान बच गई।
तीसरी बार (जनवरी): जनवरी माह में सांप ने नमन को तीसरी बार अपना निशाना बनाया, लेकिन डॉक्टरों ने समय पर इलाज कर उसे फिर स्वस्थ कर दिया।
चौथी बार (मंगलवार रात): हाल ही में मंगलवार रात करीब 8 बजे सांप ने नमन के हाथ में चौथी बार काट लिया।
ये भी पढ़ें- Indore News: प्राइवेट सेक्टर के पैकेज छोड़कर पास की सरकारी परीक्षा, अब तक नहीं मिला नियुक्ति पत्र; विरोध शुरू
डॉक्टर छात्र पर रख रहे नजर
मंगलवार रात को सांप के काटने के बाद परिजन बिना एक पल गंवाए नमन को तत्काल बंडा विकासखंड अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां दो दिनों तक प्राथमिक उपचार और निगरानी में रखने के बाद, बेहतर देखभाल के लिए गुरुवार रात 10 बजे उसे सागर जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, नमन को समय पर एंटी-स्नेक वेनम मिल गया था, जिसके कारण उसकी हालत अब बिल्कुल सामान्य और खतरे से बाहर है।
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अमूमन ऐसी घटनाओं में लोग झाड़-फूंक और तांत्रिकों के चक्कर में पड़ जाते हैं, लेकिन पीड़ित परिवार ने हर बार अंधविश्वास को दरकिनार कर विज्ञान और डॉक्टरों पर भरोसा जताया। नतीजा यह है कि किशोर चारों बार मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर आ गया। गांव के लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, तो वहीं डॉक्टर इसे सही समय पर मिले इलाज का परिणाम बता रहे हैं।
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बार-बार काल बनकर आया सांप, पर हौसला नहीं हारा परिवार
जानकारी के अनुसार, धुरमार निवासी नारायण चौबे का पुत्र नमन चौबे (12वीं कक्षा का छात्र) बंडा के एक निजी स्कूल में पढ़ाई करता है। नमन के साथ सांप काटने का यह सिलसिला पिछले साल नवंबर महीने से शुरू हुआ था।
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पहली बार (नवंबर): नमन को सबसे पहले नवंबर माह में सांप ने काटा। परिवार उसे तत्काल अस्पताल ले गया और वह ठीक हो गया।
दूसरी बार (दिसंबर): इसके ठीक एक महीने बाद दिसंबर में सांप ने उसे फिर काटा। परिवार फिर अस्पताल भागा और नमन की जान बच गई।
तीसरी बार (जनवरी): जनवरी माह में सांप ने नमन को तीसरी बार अपना निशाना बनाया, लेकिन डॉक्टरों ने समय पर इलाज कर उसे फिर स्वस्थ कर दिया।
चौथी बार (मंगलवार रात): हाल ही में मंगलवार रात करीब 8 बजे सांप ने नमन के हाथ में चौथी बार काट लिया।
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डॉक्टर छात्र पर रख रहे नजर
मंगलवार रात को सांप के काटने के बाद परिजन बिना एक पल गंवाए नमन को तत्काल बंडा विकासखंड अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां दो दिनों तक प्राथमिक उपचार और निगरानी में रखने के बाद, बेहतर देखभाल के लिए गुरुवार रात 10 बजे उसे सागर जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, नमन को समय पर एंटी-स्नेक वेनम मिल गया था, जिसके कारण उसकी हालत अब बिल्कुल सामान्य और खतरे से बाहर है।
