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Sagar News: 50 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य इस्कॉन मंदिर, दान में मिली तीन एकड़ जमीन

Tue, 29 Apr 2025 10:14 PM IST
सागर ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: सागर ब्यूरो Updated Tue, 29 Apr 2025 10:14 PM IST
सार

सागर जिले में 50 करोड़ की लागत से भव्य इस्कॉन मंदिर बनेगा। मंदिर बनाने के लिए दान में तीन एकड़ जमीन मिली है।

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Sagar News grand ISKCON temple will be built at cost of 50 crores three acres of land was donated
प्रस्तावित इस्कॉन मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस यानी इस्कॉन संस्था सागर शहर से लगे मेनपानी गांव की पहाड़ी पर भगवान राधा-कृष्ण का भव्य मंदिर बनाएगी। पहाड़ी पर तीन एकड़ क्षेत्र में 50 करोड़ की लागत से यह मंदिर बनाया जाएगा। सफेद मार्बल और राजस्थान के लाल पत्थरों से 20 हजार वर्ग फीट में मुख्य मंदिर बनेगा एवं बाकी क्षेत्र में गौशाला और चिकित्सा जैसे सेवा के प्रकल्प बनाए जाएंगे। मंदिर निर्माण के लिए मेनपानी के भक्त विवेक यादव ने अपनी तीन एकड़ भूमि संस्था को दान में दी है। मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन 30 अप्रैल को होगा। भूमिपूजन समारोह में मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली रूप से जुड़ेंगे।

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इस्कॉन सागर के अध्यक्ष कृष्णार्चनदास प्रभुजी ने बताया कि भगवान राधा कृष्ण की प्रतिमाएं जयपुर से तैयार होकर आएंगी। प्रतिमाएं करीब साढ़े तीन से चार फीट ऊंची होंगी। मुख्य मंदिर के अलावा 12 प्रकल्प बनाए जाएंगे, जिनमें वैदिक गुरुकुल स्कूल, भक्तिवेदांत अस्पताल, गौशाला व आर्गेनिक खेती, प्रसादम हाल, वैदिक लाइब्रेरी, संत आश्रम, प्राकृतिक गांव, बुजुगों के लिए आश्रम, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, कीर्तन बैंक्वेट हाल, पशुओं की देखभाल के लिए फार्म बनाया जाना प्रस्तावित किया गया है।
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उन्होंने बताया कि पहले मंदिर बनेगा फिर प्रकल्पों के काम शुरू होंगे। मंदिर निर्माण के लिए कोई समय सीमा तो निर्धारित नहीं की गई है। लेकिन प्रयास होगा मंदिर जल्द से जल्द बने। मंदिर निर्माण के लिए राशि दान से ही जुटाई जाएगी। मार्बल व लाल पत्थरों को तराशने के लिए जयपुर से कलाकार आएंगे, बाकी काम स्थानीय कलाकार ही करेंगे। मंदिर निर्माण के लिए एक समिति का गठन भी किया जाएगा।
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भूमि को समतल करने व सड़क बनाने का काम शुरू
मेनपानी पहाड़ी की दान में मिली तीन एकड़ भूमि को जेसीबी की मदद से समतल करने एवं सड़क से वहां तक रास्ता तैयार करने का काम शुरू हो गया है। इस्कॉन के सागर अध्यक्ष कृष्णार्चनदास प्रभुजी ने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए लंबे समय से प्रयास चल रहे थे। ग्राम जरारा, तिली सहित कई क्षेत्रों में जमीन देखी थी और कुछ अन्य दानदाता भी सामने आए थे। लेकिन संस्था से जुड़े विवेक यादव की मेनपानी स्थित जमीन बड़ी और अनुकूल होने के कारण संस्था की ओर से तय की गई।

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मप्र का जबलपुर के बाद दूसरा सबसे बड़ा मंदिर होगा
मेनपानी सागर में बन रहा इस्कॉन मंदिर मप्र का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर होगा। इस्कॉन सागर के अध्यक्ष कृष्णार्चनदास ने बताया कि जबलपुर में भी बड़ा मंदिर निर्माण चल रहा है। वह इससे कुछ विशाल हो सकता है। भोपाल में बना मंदिर 2 एकड़ क्षेत्र में है। इंदौर और उज्जैन के भी मंदिर हैं तो बड़े ही लेकिन क्षेत्रफल के लिहाज से यह दूसरा बड़ा मंदिर बनेगा। उन्होंने बताया कि मंदिर बनने से सागर के इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। परिवहन सहित व्यापारिक गतिविधियां इस क्षेत्र में बढ़ने से सागर के निवासियों को भी फायदा मिलेगा।

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