Gwalior: मोंगिया आदिवासी महिलाओं का जनसुनवाई में भारी हंगामा, एक ने पेट्रोल उड़ेला, सिंधिया से भी की थी मांग
ग्वालियर की मोंगिया आदिवासी महिलाएं अपने आदिवासी जाति के प्रमाण पत्र रद्द किए जाने से नाराज हैं। इसे लेकर ये महिलाएं दो दिन पहले केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मिली थीं। सिंधिया ने उन्हें समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया था।
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मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिलाधिकारी कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान मोंगिया आदिवासी महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। इन महिलाओं की पहले अधिकारियों से बहस हुई और फिर उनमें से एक ने अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेल लिया। इससे कलेक्टर कार्यालय में हड़कंप मच गया।
ग्वालियर की मोंगिया आदिवासी महिलाएं अपने आदिवासी जाति के प्रमाण पत्र रद्द किए जाने से नाराज हैं। इसे लेकर ये महिलाएं दो दिन पहले केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मिली थीं। सिंधिया ने उन्हें समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया था।
जन सुनवाई के दौरान ग्वालियर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि प्रमाणपत्र उनकी ही मांग पर रद्द किए गए हैं। वे अब भ्रम की शिकार हैं। इसके बाद सैकड़ों महिलाओं ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया।
अजा प्रमाण पत्र बगैर बच्चों को नहीं मिल रहा स्कूलों में प्रवेश
बताया गया कि जन सुनवाई के दौरान 50 से ज्यादा महिलाएं पहुंच गईं और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि उनके अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिए गए हैं और अब नए नहीं बना रहे हैं। इसके कारण उनके बच्चों को स्कूल और छात्रावासों से निकाल दिया गया है। प्रमाण पत्र के लिए छह महीने से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।
महिला ने अपने ऊपर उड़ेल लिया पेट्रोल
हंगामे के बीच शोर मचा रही एक महिला ने पेट्रोल की बोतल निकाली और अपने ऊपर उड़ेल ली। पेट्रोल की बदबू फैलते ही जनसुनवाई कक्ष में भगदड़ मच गई। इस बीच लोगों ने महिला को पकड़ा कि कहीं वह आग न लगा ले। इस बीच, पुलिस और प्रशासन के लोगों ने जैसे तैसे महिलाओं को सुनवाई कक्ष और कलेक्टर कार्यालय के बाहर निकाला, लेकिन उन्होंने बाहर ही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। तभी सूचना पाकर कई और महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी करने लगीं।
झांसी रोड थाना क्षेत्र में पहाड़ी पर रहते हैं मोंगिया परिवार
मोंगिया जाति की ये महिलाएं व उनके परिवार ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र में स्थित एक पहाड़ी पर रहते हैं। इनके 50 से ज्यादा परिवार हैं। इस पहाड़ी को सिंधिया नगर कहा जाता है। उनका कहना है कि वे मोंगिया जाति की हैं और प्रशासन ने उनके एससी के प्रमाणपत्र बनाए थे, लेकिन उनका कहना था कि वे मोंगिया आदिवासी हैं तो उनके प्रमाणपत्र में आदिवासी शब्द लिखा जाए। इसके बाद उनके प्रमाणपत्र रद्द कर दिए गए और नए बनाए नहीं जा रहे हैं। वे चक्कर लगा लगाकर परेशान हैं।
बच्चों को स्कूल व छात्रावासों से निकाला
खुद पर पेट्रोल उड़ेलने वाली महिला सुनीता मोंगिया का कहना है कि उनके जाति प्रमाणपत्र रद्द होने से उनके बच्चों को स्कूल से निकाला जा रहा है। उनको परीक्षा में नही बैठने नही दिया जा रहा है। जाति प्रमाणपत्र मांगा जा रहा है। कई बच्चे आदिमजाति छात्रावास में रहते थे, उन्हें बाहर किया जा रहा है।
अनुसूचित जनजाति में नहीं आते हैं मोंगिया: एसडीएम
जन सुनवाई में मौजूद झांसी रोड इलाके के एसडीएम सीबी प्रसाद का कहना है कि ये लोग हमसे पहले भी मिले थे। इनके अनुसूचित जनजाति के प्रमाणपत्र जारी भी किए गए थे, लेकिन जांच से पता चला कि ये जनजाति में नहीं आते, बल्कि अनुसूचित जाति में आते हैं, इसलिए इनके जाति प्रमाण पत्र रद्द कर दिए गए और इनसे कहा गया कि वे एससी प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन कर दें, लेकिन वे एसटी के सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव बना रहे हैं, जबकि हमने बताया कि दोनो को सुविधाएं समान हैं। आज इस जाति की महिलाओं ने योजनापूर्वक जनसुनवाई में अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की, लेकिन हमने नियंत्रण कर लिया।
सिंधिया से भी मिलीं थी महिलाएं, उन्होंने कहा था 'मैं हूं ना'
मोंगिया जाति की इन महिलाओं ने गत दिनों केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से ज्यविलास पैलेस में जाकर मुलाकात की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि उनकी कोई सुन नहीं रहा, क्योंकि उनके पास कोई नेता नहीं है। इस पर सिंधिया ने कहा था कि 'मैं हूं ना'। सिंधिया ने आश्वासन दिया था कि वे आज ही इस मामले को दिखवाते हैं। सिंधिया और इन महिलाओं के बीच बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
