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जबलपुर की लुटेरी दुल्हनें: शादी के विज्ञापन देखकर बनाती थीं निशाना, एक दर्जन परिवार को ठगा, गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार
Fri, 24 Dec 2021 07:46 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 24 Dec 2021 07:46 PM IST
सार
दो स्कूली छात्राओं ने लुटेरी दुल्हन बनकर एक दर्जन से अधिक परिवारों के साथ लाखों रुपये की ठगी की। गिरोह के छह सदस्यों को कटनी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये लोग समाचार पत्रों में शादी संबंधित विज्ञापन देखकर उन्हें निशाना बनाते है।
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शादी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जबलपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मासूम और खूबसूरत दिखने वाली दो स्कूली छात्राओं ने लुटेरी दुल्हन बनकर एक दर्जन से अधिक परिवारों के साथ लाखों रुपये की ठगी की। शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले इस गिरोह के छह सदस्यों को कटनी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह का मास्टर माइंड फरार है। गिरोह के सदस्य समाचार पत्रों में अविवाहित युवक का शादी संबंधित विज्ञापन देखकर उन्हें निशाना बनाते है।
कटनी एसपी सुनील कुमार जैन ने बताया कि कैमोर थाने के ग्राम बडारी के रहने वाले 75 वर्षीय जगदंबा प्रसाद तिवारी ने शिकायत की थी कि दोनों बेटों की शादी का झांसा देकर उनके साथ डेढ़ लाख रुपये की ठगी की गई है। जगदंबा प्रसाद ने बताया कि दो व्यक्ति मेरे घर आए थे और उन्होंने सतना निवासी दो बहनों का रिश्ता बताया था। इसके बाद जगदंबा प्रसाद को लड़की दिखाने के लिए सतना बुलाया गया। बताया गया कि लड़कियां विधवा मां तथा भाई के साथ रहती हैं। सतना के दो मंजिला मकान में दो बहनों को दिखाया गया। लड़कियों का मामा भी उस दौरान घर में था। जगदंबा प्रसाद ने बताया कि लड़कियां पसंद आने पर उन्होंने रस्में कर दी। इसके बाद शादी में विधवा महिला की आर्थिक मदद करने के नाम पर लड़की पक्ष वालों ने 1 लाख 10 हजार रुपये लिए थे। शादी की तारीख भी तय हो गई और कार्ड छपकर बंट गए थे। बारात ले जाने के एक दिन पूर्व लड़की पक्ष वालों ने सूचित किया कि उनके परिवार में मृत्यु हो गई है, इसलिए शादी की तिथि आगे बढ़ानी होगी। जिसके बाद जब जगदंबा प्रसाद सतना स्थित उनके मकान पर गए तो सभी गायब थे।
एसपी ने विवेचना की जिम्मेदारी कैमोर थाना प्रभारी अरविंद जैन को दी थी। जांच के बाद पुलिस ने पाया कि बबीता तिवारी नामक महिला विधवा है और उसका पति मादक पदार्थों की तस्करी का काम करता था। जिन लड़कियों को दिखाया गया था वे सतना जिले के ग्रामीण क्षेत्र में रहती हैं और कक्षा 11वीं तथा 12वीं की छात्रा हैं। दोनों सतना पढ़ने आती थीं तो बबीता ने उन्हें लोभ देकर अपने झांसे में फंसा लिया। दोनों लड़कियां कृषक परिवार से हैं और प्रत्येक ठगी में उन्हें 10 से 15 हजार रुपये दिए जाते थे। लड़कियों का कथित भाई पूरे गिरोह का सरगना है तथा कथित मामा भी अपराधी प्रवृत्ति का है। दो लोग एजेंट बनकर ऐसे संपन्न परिवार को निशाना बनाते थे, जिनके घर पर अविवाहित युवक होते थे। गिरोह के सदस्य समाचार पत्र में प्रकाशित होने वाले वैवाहिक विज्ञापन देखकर अपना टारगेट चुनते थे।
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पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्यों ने सतना, जबलपुर, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया सहित अन्य जिलों में शादी के नाम पर एक दर्जन परिवारों के साथ ठगी की है। गिरोह के सदस्यों के खिलाफ उमरिया, जबलपुर तथा कटनी में प्रकरण दर्ज किया गया है तथा अन्य प्रकरणों की विवेचना जारी है। पुलिस ने कथित मां बबीता तिवारी, कथित मामा केशव प्रसाद साकेत, एजेंट अरुण कुमार तिवारी व मनसुख रैकवार सहित दोनों लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह का मास्टर माइंड तथा कथित भाई दीपक चौधरी फरार है। थाना प्रभारी कैमोर ने बताया कि गिरोह द्वारा शादी के नाम पर एक दर्जन परिवारों के साथ ठगी करने का मामला अभी तक विवेचना में आया है। गिरोह ने अन्य कितने परिवारों को ठगा है उस संबंध में जांच जारी है। गिरोह के सदस्यों ने शादी का झांसा देकर सवा लाख से 3 लाख तक की ठगी संबंधित परिवारों से की है।
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कटनी एसपी सुनील कुमार जैन ने बताया कि कैमोर थाने के ग्राम बडारी के रहने वाले 75 वर्षीय जगदंबा प्रसाद तिवारी ने शिकायत की थी कि दोनों बेटों की शादी का झांसा देकर उनके साथ डेढ़ लाख रुपये की ठगी की गई है। जगदंबा प्रसाद ने बताया कि दो व्यक्ति मेरे घर आए थे और उन्होंने सतना निवासी दो बहनों का रिश्ता बताया था। इसके बाद जगदंबा प्रसाद को लड़की दिखाने के लिए सतना बुलाया गया। बताया गया कि लड़कियां विधवा मां तथा भाई के साथ रहती हैं। सतना के दो मंजिला मकान में दो बहनों को दिखाया गया। लड़कियों का मामा भी उस दौरान घर में था। जगदंबा प्रसाद ने बताया कि लड़कियां पसंद आने पर उन्होंने रस्में कर दी। इसके बाद शादी में विधवा महिला की आर्थिक मदद करने के नाम पर लड़की पक्ष वालों ने 1 लाख 10 हजार रुपये लिए थे। शादी की तारीख भी तय हो गई और कार्ड छपकर बंट गए थे। बारात ले जाने के एक दिन पूर्व लड़की पक्ष वालों ने सूचित किया कि उनके परिवार में मृत्यु हो गई है, इसलिए शादी की तिथि आगे बढ़ानी होगी। जिसके बाद जब जगदंबा प्रसाद सतना स्थित उनके मकान पर गए तो सभी गायब थे।
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एसपी ने विवेचना की जिम्मेदारी कैमोर थाना प्रभारी अरविंद जैन को दी थी। जांच के बाद पुलिस ने पाया कि बबीता तिवारी नामक महिला विधवा है और उसका पति मादक पदार्थों की तस्करी का काम करता था। जिन लड़कियों को दिखाया गया था वे सतना जिले के ग्रामीण क्षेत्र में रहती हैं और कक्षा 11वीं तथा 12वीं की छात्रा हैं। दोनों सतना पढ़ने आती थीं तो बबीता ने उन्हें लोभ देकर अपने झांसे में फंसा लिया। दोनों लड़कियां कृषक परिवार से हैं और प्रत्येक ठगी में उन्हें 10 से 15 हजार रुपये दिए जाते थे। लड़कियों का कथित भाई पूरे गिरोह का सरगना है तथा कथित मामा भी अपराधी प्रवृत्ति का है। दो लोग एजेंट बनकर ऐसे संपन्न परिवार को निशाना बनाते थे, जिनके घर पर अविवाहित युवक होते थे। गिरोह के सदस्य समाचार पत्र में प्रकाशित होने वाले वैवाहिक विज्ञापन देखकर अपना टारगेट चुनते थे।
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पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्यों ने सतना, जबलपुर, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया सहित अन्य जिलों में शादी के नाम पर एक दर्जन परिवारों के साथ ठगी की है। गिरोह के सदस्यों के खिलाफ उमरिया, जबलपुर तथा कटनी में प्रकरण दर्ज किया गया है तथा अन्य प्रकरणों की विवेचना जारी है। पुलिस ने कथित मां बबीता तिवारी, कथित मामा केशव प्रसाद साकेत, एजेंट अरुण कुमार तिवारी व मनसुख रैकवार सहित दोनों लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह का मास्टर माइंड तथा कथित भाई दीपक चौधरी फरार है। थाना प्रभारी कैमोर ने बताया कि गिरोह द्वारा शादी के नाम पर एक दर्जन परिवारों के साथ ठगी करने का मामला अभी तक विवेचना में आया है। गिरोह ने अन्य कितने परिवारों को ठगा है उस संबंध में जांच जारी है। गिरोह के सदस्यों ने शादी का झांसा देकर सवा लाख से 3 लाख तक की ठगी संबंधित परिवारों से की है।
