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Rewa: कृष्ण कुमार के घर पहुंचे DM, बोले- कलेक्ट्रेट में करोगे नौकरी, तैयारी के लिए दिया हरसंभव मदद का भरोसा
Sat, 02 Sep 2023 02:00 PM IST
लोकेंद्र सिंह चंपावत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
Published by: लोकेंद्र सिंह चंपावत
Updated Sat, 02 Sep 2023 02:00 PM IST
सार
रीवा में अपने पैरों से उड़ान भरने वाले कृष्ण कुमार का सपना अब जल्द ही साकार होने वाला है। कृष्ण कुमार से मिलने जिला कलेक्टर पहुंचे। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट में करोगे नौकरी, साथ ही यूपीएससी की तैयारी के लिए मदद का भरोसा दिलाया।
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कलेक्टर पहुंचें दिव्यांग कृष्ण कुमार के घर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के रिवा में बिना हाथों के अपने पैरों से उड़ान भरने वाले कृष्ण कुमार अब कलेक्टर बनने का सपना सच होगा। 2020 में 12वीं की परीक्षा अपने पैरो से देकर 82% अंक अर्जित कर सब को चकित करने वाले कृष्ण कुमार अब UPSC की तैयारी शुरू करेंगे। इसके बाद उनकी कलेक्टर बनने की इच्छा भी पूरी हो जाएगी। जानकारी मिलते ही मऊगंज के नवागत कलेक्टर अजय श्रीवास्तव शुक्रवार की सुबह कृष्ण कुमार के घर पहुंचे और उसके हौसले की तारीफ करते हुए उनकी हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
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कृष्ण कुमार ने सीएम के वादों को याद कर लगाई थी पुकार
इससे ठीक एक दिन पहले गुरुवार के दिन कृष्ण कुमार केवट ने मीडिया के माध्यम से पुकार लगाते हुए सीएम शिवराज के द्वारा किए गए वादों को याद दिलाकर उसे पूरा करने की बात कही थी। इसके बाद मीडिया कर्मियो ने जब कृष्ण कुमार के बारे में नवागत मऊगंज कलेक्टर से बात की तो उन्होंने कृष्ण कुमार की मदद करने का आश्वासन दिया। शायद यह किसी को पता नहीं था, कि कलेक्टर अजय श्रीवास्तव अगले ही दिन कृष्ण कुमार की मदद के लिए कृष्ण कुमार से मिलने उनके घर पहुंच जाएंगे।
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मीडिया से मिली जानकारी के बाद कलेक्टर पहुंचे दिव्यांग के घर
शुक्रवार की सुबह मऊगंज कलेक्टर अजय श्रीवास्तव अपनी प्रशासनिक टीम के साथ जैसे ही कृष्ण कुमार के घर पहुंचे तो आस पडोस के लोग भौचक्के रह गए। कुछ देर बाद कृष्ण कुमार और उनके परिजन शायद समझ गए थे कि भगवान के घर देर है पर अंधेर नही। कृष्ण कुमार के समीप खड़े कलेक्टर अजय श्रीवास्तव ने कृष्ण कुमार का हाल जाना इसके बाद उन्होंने कृष्ण कुमार के बुलंद हौसलों की तारीफ की। कलेक्टर अजय श्रीवास्ताव ने कृष्ण कुमार को मऊगंज के कलेक्ट्रेट कार्यालय में ही नौकरी देने का वादा किया। ऑनलाइन UPSC की तैयारी कराकर कृष्ण कुमार को कलेक्टर बनाने की बात कही।
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नवागत कलेक्टर ने कृष्ण कुमार को दी बड़ी सौगात
कलेक्टर अजय श्रीवास्तव ने कृष्ण कुमार को पढ़ाई के लिए एक मोबाइल फोन दिया। अगले दिन UPSC की किताबे देने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही कृष्ण कुमार के घर में खराब पड़े बोरिंग मशीन में भी मोटर डलवाकर उसे सुधारने के लिए कलेक्टर अजय श्रीवास्तव ने अधिकारियो को निर्देश दिए।
ऐसे मददगार अफसर हो तो बदल जाएगी देश की सूरत
अब यह सोचने वाली बात है कि अगर इस तरह के अफसर देश के हर एक जिले में हों तो देश की तस्वीर ही कुछ और होगी। शायद प्रत्येक बेसहारा व्यक्ति को सहारा और हर जरूरतमंद का सपना साकार हो सकेगा। कुदरत ने भी सब कुछ पहले से ही तय कर रखा है, तभी तो कृष्ण कुमार ने जन्म से पहले ही अपने हाथ खो दिए। दुनिया में आने के बाद खुद की इबारत लिखकर अपने पैरों से उड़ान भरी। साथ ही कलेक्टर बनने की इच्छा जाहिर की। देर सवेर ही सही लेकीन शायद अब जल्द ही कृष्ण कुमार एक बार फिर ऊंची उड़ान भर कर नई इबारत लिखने में कामियाबी हासिल करेंगे।
कृष्ण कुमार ने पैरों से लिखी थी अपनी इबारत
मऊगंज शहर से तकरीबन छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित हरजई मुड़हान कस्बे में रहने वाले कृष्ण कुमार के दोनों हाथ उनके जन्म से ही नही है। मां के कोख में ही उनके दोनों हाथ गल गए थे। कृष्ण कुमार केवट की उम्र बढ़ती गई लेकिन दोनों हाथ न होने के बावजूद कृष्ण कुमार का हौसला कम नही हुआ। पिता की गरीबी भी कृष्ण कुमार के आड़े नहीं आई। कृष्ण कुमार ने अपने पैरों को ही हाथ बनाया और एक नई इबारत लिख दी। कृष्ण कुमार ने बिना हाथों के वो कर दिखाया जो हाथ वाले भी न कर पाए। कृष्ण कुमार ने अपने भाई बहनों के बीच रहकर न केवल चलना और पढ़ना सीखा बल्कि अपने पैरों से परीक्षा देकर हर कक्षा में पास होता गया। साथ ही 2020 में कृष्ण कुमार ने 12वीं की परीक्षा पास करके सबको चौका दिया था।
सीएम शिवराज ने कहा - कृष्ण कुमार प्रदेश का बेटा
कृष्ण कुमार की इस उपलब्धि से प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी बेहद प्रसन्न थे। लैपटॉप वितरण कार्यक्रम में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कृष्ण कुमार को प्रदेश का बेटा कहा था। इतना ही नहीं सीएम शिवराज ने कृष्ण कुमार की पूरी पढ़ाई और इलाज कराकर कृत्रिम हाथ लगाने का भी आश्वासन दिया था। कृष्ण कुमार को आश्वासन तो मिला लेकिन शासकीय मदद के नाम पर उन्हें मात्र एक लैपटाप ही मिल सका। इस तरह तीन साल बीत गए।
पैरों से लिखकर दी थी 12वीं की परीक्षा, 82 प्रतिशत लाकर सब को चौंकाया
कृष्ण कुमार ने तीन वर्ष पहले हाईस्कूल की पढ़ाई पूरी की। अब इस साल उने ग्रेजुएशन की है। आगे की पढ़ाई करते हुए वह UPSC की तैयारी करके कलेक्टर बनने चाहता है। लेकिन आर्थिक समस्या उनके रास्ते का रोड़ा बन रहीं थी। शुक्रवार को अचानक कृष्ण कुमार के घर पहुंचे मऊगंज कलेक्टर अजय श्रीवास्ताव ने कृष्ण कुमार के आगे का रास्ता साफ कर दिया और उनकी नौकरी लगाने सहित UPSC क्लियर करने की ख्वाहिश फिर से जाग गई।
कलेक्टर ने नौकरी देने और यूपीएससी की तैयारी करवाने का दिया भरोसा
मऊगंज के नवागत कलेक्टर अजय श्रीवास्तव इन दिनों वह काफी सुर्खियों में है। दिव्यांग कृष्ण कुमार के हर संभव मदद करने का आश्वासन हो या फिर किसी गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति की मदद करके उसका ऑपरेशन कराने की व्यवस्था हो। नवागत कलेक्टर के काम करने का ढंग और इनकी दरियादिली हर किसी को भा रही है। बीते दिनों कलेक्टर ने संतोष नाम के व्यक्ति को पैर में चोंट लगी थी जिस पर उसका एक पैर काटने तक के नौबत आ गई थी। मगर कलेक्टर की सूझबूझ से उसे भोपाल के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां पर डाक्टरों ने उसका ऑपरेशन कर पूरी तरह से स्वस्थ करने का आश्वासन दिया। साथ ही 15 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी की। इसी तरह से एक युवती का मोबाइल गुम होने पर कलेक्टर अजय श्रीवास्तव ने अपने पैसों उसे नया मोबाईल खरीदकर दिलवाया था।
