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मध्य प्रदेश: IAS अफसर नियाज खान पर रामेश्वर का पलटवार, पूछा- कहां मारा जा रहा है मुसलमानों को?
Sat, 19 Mar 2022 07:01 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 19 Mar 2022 07:01 PM IST
सार
द कश्मीर फाइल्स फिल्म पर आईएएस अधिकारी नियाज खान ने मुसलमानों की हत्या पर भी फिल्म बनाने की मांग की थी। इस पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार किया है। शर्मा ने नियाज से पूछा कि भारत में मुसलमानों को कहां मारा जा रहा है?
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हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
द कश्मीर फाइल्स फिल्म पर घमासान जारी है। मध्य प्रदेश के आईएएस अफसर नियाज खान ने मुसलमानों की हत्या पर किसी निर्माता को आगे आकर फिल्म बनाने की अपील की थी। उनके इस ट्वीट पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार किया है। शर्मा ने नियाज से पूछा है कि भारत में मुसलमानों को कहां मारा जा रहा है? इस पर नियाज ने कहा कि मैं सभी धर्मों की बात करता हूं। मुझसे बड़ा धर्मनिरपेक्ष कोई नहीं हैं।
मध्य प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग में उप सचिव नियाज खान ने ट्वीट कर कहा था कि मुसलमान कीड़े नहीं बल्कि इंसान हैं। इस पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने उनसे पूछा है कि देश में मुसलमानों को कहां मारा जा रहा है। रामेश्वर शर्मा ने एक के बाद एक ट्वीट कर कहा कि चलिए 30 साल बाद ही सही पर आपने माना तो कि कश्मीरी पंडितों-हिंदुओं के साथ अन्याय, अत्याचार, बर्बरता हुई। 30 साल बाद आपने माना तो कि इस्लामिक कट्टरवाद, जिहाद के लिए कैसे हिंदुओं को मिट्टी में मिलाने की सोच का उदाहरण 19 जनवरी 1990 को पेश किया गया। यदि इस इस्लामिक कट्टरवाद को नहीं रोका गया तो भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश के लिए यह बहुत घातक होगा। इस पर रिसर्च कर नॉवेल कोई IAS (आप जैसे) द्वारा लिखा जाएगा तो निश्चित रूप से यह देश को आगाह करने के लिए The Kashmir file से ज्यादा कारगर सिद्ध होगा।
आईएएस की नौकरी छोड़ मैदान में आइए
शर्मा ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में रहते हुए सिर्फ मुसलमानों के प्रति आपकी चिंता व्यक्त करना संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के आचरण के विपरीत है। फिर भी आपको मुसलामानों का रहनुमा बनने का शौक है तो IAS की नौकरी छोड़कर मैदान में उतरिए।
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अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने की मांग
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मैं मध्यप्रदेश सरकार से भी आग्रह करता हूं कि इनके कथन पर स्पष्टीकरण लिया जाए। पूछा जाए कि देश में ऐसा कौन-सा प्रांत है, जहां मुसलमानों को मारा जा रहा है। वैसे तो देश में कही दंगे नहीं हो रहे हैं। न हो पाएंगे। हालांकि, पूर्व में भिवंडी, भागलपुर, मुजफ्फरनगर, बंगाल, केरल में हिंदू-मुस्लिम दंगो में भी हिंदूओं की मौत का आंकड़ा मुस्लिमों से ज्यादा ही निकलेगा।
एपीजे जैसे देशभक्त हुए हैं
रामेश्वर शर्मा ने नियाज को संबोधित करते हुए कि कहा कि मुस्लिमों के लिए कीड़ा-मकौड़ा जैसे शब्दों का इस्तेमाल न करें क्योंकि भारत में सच्चे देशभक्त APJ अब्दुल कलाम साहब, अशफाक उल्लाह खां जैसे मुसलमान भी हुए हैं।
मैं धर्म नहीं इसानियत की बात करता हूं-नियाज
इस मामले पर आईएएस नियाज खान ने प्रतिक्रिया में कहा कि मैं किसी धर्म नहीं इंसानियत की बात करता हूं। मुझ से बड़ा कोई धर्मनिरपेक्ष नहीं है। मैं निर्माता से सिर्फ मुस्लिम नहीं, गोधरा कांड, दिल्ली दंगे, सिख दंगों में मारे गए मासूम लोगों पर फिल्म बनाने को कहा है। जिससे सच्चाई सबके सामने आए। सिर्फ मेरे नाम के कारण लोग एकतरफा बात करने लगते हैं।
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मध्य प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग में उप सचिव नियाज खान ने ट्वीट कर कहा था कि मुसलमान कीड़े नहीं बल्कि इंसान हैं। इस पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने उनसे पूछा है कि देश में मुसलमानों को कहां मारा जा रहा है। रामेश्वर शर्मा ने एक के बाद एक ट्वीट कर कहा कि चलिए 30 साल बाद ही सही पर आपने माना तो कि कश्मीरी पंडितों-हिंदुओं के साथ अन्याय, अत्याचार, बर्बरता हुई। 30 साल बाद आपने माना तो कि इस्लामिक कट्टरवाद, जिहाद के लिए कैसे हिंदुओं को मिट्टी में मिलाने की सोच का उदाहरण 19 जनवरी 1990 को पेश किया गया। यदि इस इस्लामिक कट्टरवाद को नहीं रोका गया तो भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश के लिए यह बहुत घातक होगा। इस पर रिसर्च कर नॉवेल कोई IAS (आप जैसे) द्वारा लिखा जाएगा तो निश्चित रूप से यह देश को आगाह करने के लिए The Kashmir file से ज्यादा कारगर सिद्ध होगा।
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आईएएस की नौकरी छोड़ मैदान में आइए
शर्मा ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में रहते हुए सिर्फ मुसलमानों के प्रति आपकी चिंता व्यक्त करना संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के आचरण के विपरीत है। फिर भी आपको मुसलामानों का रहनुमा बनने का शौक है तो IAS की नौकरी छोड़कर मैदान में उतरिए।
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अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने की मांग
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मैं मध्यप्रदेश सरकार से भी आग्रह करता हूं कि इनके कथन पर स्पष्टीकरण लिया जाए। पूछा जाए कि देश में ऐसा कौन-सा प्रांत है, जहां मुसलमानों को मारा जा रहा है। वैसे तो देश में कही दंगे नहीं हो रहे हैं। न हो पाएंगे। हालांकि, पूर्व में भिवंडी, भागलपुर, मुजफ्फरनगर, बंगाल, केरल में हिंदू-मुस्लिम दंगो में भी हिंदूओं की मौत का आंकड़ा मुस्लिमों से ज्यादा ही निकलेगा।
एपीजे जैसे देशभक्त हुए हैं
रामेश्वर शर्मा ने नियाज को संबोधित करते हुए कि कहा कि मुस्लिमों के लिए कीड़ा-मकौड़ा जैसे शब्दों का इस्तेमाल न करें क्योंकि भारत में सच्चे देशभक्त APJ अब्दुल कलाम साहब, अशफाक उल्लाह खां जैसे मुसलमान भी हुए हैं।
मैं धर्म नहीं इसानियत की बात करता हूं-नियाज
इस मामले पर आईएएस नियाज खान ने प्रतिक्रिया में कहा कि मैं किसी धर्म नहीं इंसानियत की बात करता हूं। मुझ से बड़ा कोई धर्मनिरपेक्ष नहीं है। मैं निर्माता से सिर्फ मुस्लिम नहीं, गोधरा कांड, दिल्ली दंगे, सिख दंगों में मारे गए मासूम लोगों पर फिल्म बनाने को कहा है। जिससे सच्चाई सबके सामने आए। सिर्फ मेरे नाम के कारण लोग एकतरफा बात करने लगते हैं।
