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एमपी: अनूपपुर में हाथियों का आतंक, 15 साल में 17 ग्रामीणों की मौत; विधायक ने सीएम से मांगा स्थायी समाधान

Wed, 26 Aug 2026 09:04 PM IST
अनूपपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर Published by: अनूपपुर ब्यूरो Updated Wed, 26 Aug 2026 09:04 PM IST
सार

अनूपपुर में छत्तीसगढ़ से लगातार हाथियों के प्रवेश और हमलों से ग्रामीण परेशान हैं। अप्रैल 2011 से 2026 तक 17 लोगों की मौत हुई। विधायक विसाहूलाल सिंह ने सीएम से सीमा पर खाई-टंच लाइन और हाथियों के रेस्क्यू की मांग की।

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MLA expresses concern over elephant attacks, seeks Chief Minister's intervention to permanently prevent them
अनूपपुर विधायक बिसाहू लाल सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अनूपपुर में छत्तीसगढ़ से लगातार जिले की सीमा में प्रवेश कर रहे हाथियों और ग्रामीणों पर हमले की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए अनूपपुर विधायक विसाहूलाल सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजकर स्थायी समाधान की मांग की है। विधायक ने छत्तीसगढ़ सीमा पर गहरी खाई और टंच लाइन बनाकर हाथियों के आवागमन का रास्ता बंद करने तथा जिले में विचरण कर रहे हाथियों को रेस्क्यू कर दूसरे राज्यों के राष्ट्रीय उद्यानों में छोड़े जाने की मांग की है।

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विधायक ने पत्र में बताया कि अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र के कुछ हिस्से, कोतमा और पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के कुछ क्षेत्र छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे हुए हैं। छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल की सिवनी बीट के अंतर्गत मालाडांड़ के जंगल से हाथी नाला पार कर ग्राम पंचायत चोलना के रास्ते अनूपपुर जिले में प्रवेश करते हैं। इसके बाद हाथी ग्रामीणों के खेतों में खड़ी फसलों, घरों और बाड़ियों में पहुंचकर नुकसान पहुंचाते हैं। ग्रामीणों द्वारा हाथियों को रोकने या भगाने का प्रयास करने पर वे उन्हें दौड़ाकर हमला करने की कोशिश करते हैं।
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15 साल में 17 ग्रामीणों की मौत
विधायक ने पत्र में बताया कि अप्रैल 2011 से 30 अप्रैल 2026 के बीच हाथियों के हमले में जिले के 17 ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। इनमें 12 पुरुष, चार महिलाएं और एक बालक शामिल हैं। इसके अलावा हाथियों के हमले में कई मवेशियों की भी मौत हुई है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
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16 अगस्त को फिर पहुंचा तीन हाथियों का झुंड
विधायक के अनुसार, 16 अगस्त 2026 को तीन हाथियों का झुंड इसी रास्ते से दोबारा अनूपपुर जिले में प्रवेश कर गया। हाथियों ने चोलना, पड़रिया, कुकुरगोड़, धनगवां, चोई, भटगवां टोला, चौधरियान टोला और पड़वनिया टोला सहित आसपास के क्षेत्रों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया।

छत्तीसगढ़ सीमा पर टंच लाइन बनाने की मांग
अनूपपुर विधायक विसाहूलाल सिंह ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल की सिवनी बीट के अंतर्गत मालाडांड़ के जंगल और अनूपपुर जिले की सीमा पर गहरी खाई तथा टंच लाइन का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे हाथियों के आने-जाने के मार्ग को बंद किया जा सकेगा। साथ ही, वर्तमान में अनूपपुर जिले में विचरण कर रहे हाथियों को रेस्क्यू कर दूसरे राज्यों के राष्ट्रीय उद्यानों में छोड़े जाने की मांग की गई है। विधायक ने कहा कि इन स्थायी उपायों से ग्रामीणों की जान-माल और फसलों को हो रहे नुकसान से राहत मिल सकेगी।

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