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खजुराहो से रेल मंत्री प्रभु व सीएम शिवराज ने किया ट्रेन का शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो/ भोपाल
Updated Tue, 18 Oct 2016 09:05 PM IST
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : =
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अठारह वर्ष से अटकी खजुराहो रेल लाइन का शुभारंभ मंगलवार को ललितपुर से केंद्रीय जल संसाधन और गंगा पुनरुद्वार मंत्री उमा भारती ने खजुराहो ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया। उधर, खजुराहो से रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के साथ ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर ललितपुर की ओर रवाना किया। इसके साथ ही भोपाल से इंटरसिटी एक्सप्रेस और महोबा के रास्ते खजुराहो जाने वाली उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के भी जल्द ही घोषणा होने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। ट्रेन शुभारंभ के दौरान ललितपुर रेलवे स्टेशन पर झांसी सदर विधायक, बिजावर विधायक, सदर विधायक ललितपुर समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि व भाजपा पदाधिकारियों समेत हजारों लोगों ने ट्रेन का स्वागत किया।
ललितपुर से टीकमगढ़ और टीकमगढ़ से खजुराहो तक रेल लाइन का कार्य दो चरणों में पूर्ण होकर 18 अक्टूबर को खजुराहो पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू किया गया। इसके लिए ललितपुर रेलवे स्टेशन पर एक दिन पूर्व ही दस डिब्बों का नया रैक पहुंचा दिया गया था। प्लेटफार्म नंबर एक पर नए ओवरब्रिज की ओर मंच बनाया गया। मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे केंद्रीय मंत्री उमा भारती अपने काफिले के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचीं, जहां क्षेत्रीय लोगों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
इस मौके पर झांसी विधायक रवि शर्मा, मध्य प्रदेश के बिजावर से विधायक पुष्पेंद्र पाठक, राजीव सिंह पारीछा और रेलवे झांसी के मंडलीय अधिकारियों का फूल मालाएं से स्वागत किया गया। केंद्रीय मंत्री व रेल मंडल प्रबंधक एस के अग्रवाल द्वारा खजुराहो रेल रूट की उपलब्धियों को गिनाया गया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने 11 बजे फूलों विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद ट्रेन टीकमगढ़, छतरपुर होते हुए खजुराहो पहुंची, जहां रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देर शाम ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर छतरपुर, टीकमगढ़ व ललितपुर की ओर रवाना किया। यह ट्रेन मंगलवार की रात को ललितपुर पहुंची।
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इस मौके पर मंडल रेल प्रबंधक एसके अग्रवाल, सीनियर डीओएम हरीकृष्ण शुक्ला, सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे, सीनियर एईएन रवि शर्मा, रेल यातायात निरीक्षक डीके चतुर्वेदी, स्टेशन प्रबंधक राजेंद्र खन्ना, विजय तिवारी, टिकट निरीक्षक आरके मालवीय, सतेंद्र जैन बरया, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सिंह लोधी, सांसद प्रतिनिधि जगदीश सिंह चौहान, प्रदीप चौबे, जेके सिंह, रत्नेश तिवारी, देवेंद्र गुरु, बब्बूराजा बुंदेला, जगदीश कुशवाहा, राजेश लिटौरिया, मज्जू सोनी, राहुल मोदी मौजूद रहे।
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ललितपुर से टीकमगढ़ और टीकमगढ़ से खजुराहो तक रेल लाइन का कार्य दो चरणों में पूर्ण होकर 18 अक्टूबर को खजुराहो पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू किया गया। इसके लिए ललितपुर रेलवे स्टेशन पर एक दिन पूर्व ही दस डिब्बों का नया रैक पहुंचा दिया गया था। प्लेटफार्म नंबर एक पर नए ओवरब्रिज की ओर मंच बनाया गया। मंगलवार को सुबह साढ़े दस बजे केंद्रीय मंत्री उमा भारती अपने काफिले के साथ रेलवे स्टेशन पहुंचीं, जहां क्षेत्रीय लोगों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
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इस मौके पर झांसी विधायक रवि शर्मा, मध्य प्रदेश के बिजावर से विधायक पुष्पेंद्र पाठक, राजीव सिंह पारीछा और रेलवे झांसी के मंडलीय अधिकारियों का फूल मालाएं से स्वागत किया गया। केंद्रीय मंत्री व रेल मंडल प्रबंधक एस के अग्रवाल द्वारा खजुराहो रेल रूट की उपलब्धियों को गिनाया गया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने 11 बजे फूलों विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद ट्रेन टीकमगढ़, छतरपुर होते हुए खजुराहो पहुंची, जहां रेल मंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देर शाम ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर छतरपुर, टीकमगढ़ व ललितपुर की ओर रवाना किया। यह ट्रेन मंगलवार की रात को ललितपुर पहुंची।
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इस मौके पर मंडल रेल प्रबंधक एसके अग्रवाल, सीनियर डीओएम हरीकृष्ण शुक्ला, सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे, सीनियर एईएन रवि शर्मा, रेल यातायात निरीक्षक डीके चतुर्वेदी, स्टेशन प्रबंधक राजेंद्र खन्ना, विजय तिवारी, टिकट निरीक्षक आरके मालवीय, सतेंद्र जैन बरया, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सिंह लोधी, सांसद प्रतिनिधि जगदीश सिंह चौहान, प्रदीप चौबे, जेके सिंह, रत्नेश तिवारी, देवेंद्र गुरु, बब्बूराजा बुंदेला, जगदीश कुशवाहा, राजेश लिटौरिया, मज्जू सोनी, राहुल मोदी मौजूद रहे।
भोपाल इंटरसिटी की मिल सकती सौगात
रेल मंत्री सुरेश प्रभु
रेलवे सूत्रों के अनुसार खजुराहो-भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस के संचालन का प्रस्ताव मंडल की बैठक में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। इस प्रस्ताव के तहत खजुराहो-भोपाल के बीच खजुराहो एक्सप्रेस के नाम से ट्रेन संचालन को स्वीकृति दी गई है। फिलहाल यह मामला रेलवे बोर्ड में लंबित है। बोर्ड ने खजुराहो इंटरसिटी एक्सप्रेस में लगने वाले कोचों की संख्या और उनके प्रकार पर काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही कोच फैक्ट्रियों में उपलब्ध कोचों के संबंध में जानकारी मांगी जा रही है।
झांसी के मंडलीय सूत्रों के अनुसार बोर्ड ने खजुराहो-भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस के संचालन के सैद्धांतिक रूप से सहमति दे दी है। वहीं, झांसी से महोबा के रास्ते खजराहो जाने वाली उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के भी ललितपुर, टीकमगढ़ के रेल मार्ग से खजुराहो तक संचालन भी करने की उम्मीद जताई गई है। इसके साथ ही इलाहाबाद के लिए सप्ताह में दो दिन तक चलने वाली तुलसी एक्सप्रेस के अब सातों दिन टीकमगढ़ खजुराहो ट्रेन चलाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
19 वर्ष बाद हुआ खजुराहो ट्रेन का सपना साकार
सिंगरौली प्रोजेक्ट को वर्ष 1997 में मंजूदरी मिली थी। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट की लागत 925 करोड़ थी, जो बाद में 5100 करोड़ तक पहुंच गई। जबकि ललितपुर से खजुराहो तक 167 किलोमीटर का यह रेल प्रोजेक्ट अनुमानित 793 करोड़ से तैयार किया गया है। 541 किमी के इस प्रोजेक्ट के तहत ललितपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, खजुराहो, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली और महोबा को जोड़ा जाना था।
इस पूरे प्रोजेक्ट को तीन चरणों में बांट दिया गया था, जिसमें पहले चरण में ललितपुर से सतना तक ट्रेन पहुंचानी थी। दूसरे चरण में महोबा-खजुराहो और तीसरे चरण में रीवा सिंगरौली तक रेल शुरू करनी थी। इस पूरे प्रोजेक्ट की आधार शिला तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई ने वर्ष1998 में रखी थी। खजुराहो में आयोजित कार्यक्रम में तत्कालीन रेलमंत्री नीतीश कुमार, खजुराहो से सांसद उमाभारती ने भूमिपूजन किया था। ट्रेन का शुभारंभ भी झांसी-ललितपुर से सांसद व केंद्रीय मंत्री उमाभारती द्वारा ही ललितपुर से किया गया।
झांसी के मंडलीय सूत्रों के अनुसार बोर्ड ने खजुराहो-भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस के संचालन के सैद्धांतिक रूप से सहमति दे दी है। वहीं, झांसी से महोबा के रास्ते खजराहो जाने वाली उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के भी ललितपुर, टीकमगढ़ के रेल मार्ग से खजुराहो तक संचालन भी करने की उम्मीद जताई गई है। इसके साथ ही इलाहाबाद के लिए सप्ताह में दो दिन तक चलने वाली तुलसी एक्सप्रेस के अब सातों दिन टीकमगढ़ खजुराहो ट्रेन चलाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
19 वर्ष बाद हुआ खजुराहो ट्रेन का सपना साकार
सिंगरौली प्रोजेक्ट को वर्ष 1997 में मंजूदरी मिली थी। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट की लागत 925 करोड़ थी, जो बाद में 5100 करोड़ तक पहुंच गई। जबकि ललितपुर से खजुराहो तक 167 किलोमीटर का यह रेल प्रोजेक्ट अनुमानित 793 करोड़ से तैयार किया गया है। 541 किमी के इस प्रोजेक्ट के तहत ललितपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, खजुराहो, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली और महोबा को जोड़ा जाना था।
इस पूरे प्रोजेक्ट को तीन चरणों में बांट दिया गया था, जिसमें पहले चरण में ललितपुर से सतना तक ट्रेन पहुंचानी थी। दूसरे चरण में महोबा-खजुराहो और तीसरे चरण में रीवा सिंगरौली तक रेल शुरू करनी थी। इस पूरे प्रोजेक्ट की आधार शिला तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई ने वर्ष1998 में रखी थी। खजुराहो में आयोजित कार्यक्रम में तत्कालीन रेलमंत्री नीतीश कुमार, खजुराहो से सांसद उमाभारती ने भूमिपूजन किया था। ट्रेन का शुभारंभ भी झांसी-ललितपुर से सांसद व केंद्रीय मंत्री उमाभारती द्वारा ही ललितपुर से किया गया।
