एमपी: कैलारस नगर पालिका में 1.41 करोड़ के कथित भ्रष्टाचार की जांच तेज, ईओडब्ल्यू ने जब्त किए अहम दस्तावेज
मुरैना के कैलारस नगर पालिका में करीब 1.41 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार मामले की ईओडब्ल्यू जांच कर रही है। गुरुवार को पांच सदस्यीय टीम ने कार्यालय पहुंचकर तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। रिकॉर्ड की जांच के बाद आगे कार्रवाई होगी।
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ग्वालियर की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की पांच सदस्यीय टीम ने कैलारस नगर पालिका में हुए करीब 1.41 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार के मामले में जांच तेज कर दी है। इंस्पेक्टर मदन मोहन मालवीय के नेतृत्व में ईओडब्ल्यू की टीम गुरुवार दोपहर कैलारस नगर पालिका कार्यालय पहुंची। टीम ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और आरोपी अधिकारियों-कर्मचारियों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए।
2020-21 का है मामला
यह मामला वर्ष 2020-21 का है। शिकायतकर्ता रमेश उपाध्याय ने कैलारस नगर पालिका में करीब 1.41 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर ईओडब्ल्यू ने प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी में तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अतर सिंह रावत, संतोष सिहारे और संतोष शर्मा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा तत्कालीन लेखपाल लक्ष्मण नामदेव, स्टोर प्रभारी शिवकुमार और कर्मचारी देव प्रकाश शर्मा पर भी वित्तीय गड़बड़ी के आरोप हैं।
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दस्तावेजों का किया जाएगा परीक्षण
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ईओडब्ल्यू मामले की जांच कर रही है। इसी क्रम में टीम ने गुरुवार को नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जब्त किए। जांच टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर मदन मोहन मालवीय ने बताया कि तत्कालीन सीएमओ, लेखपाल और स्टोर प्रभारी से संबंधित दस्तावेज जांच के लिए एकत्र किए गए हैं। ईओडब्ल्यू इन दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण करेगी। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
