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MPPSC Result: टॉपर प्रिया पाठक का इंटरव्यू, बोलीं- खुद पर और तैयारी पर विश्वास रखें, सफलता जरूर मिलेगी
Wed, 27 Dec 2023 04:16 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Wed, 27 Dec 2023 04:16 PM IST
सार
MPPSC Result: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सिविल परीक्षा 2019 का रिजल्ट घोषित हो गया है। इस बार सतना निवासी प्रिया पाठक ने परीक्षा में टॉप किया है और वो डिप्टी कलेक्टर के पद के लिए चुनी गईं।
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माता-पिता संग प्रिया पाठक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सिविल परीक्षा 2019 की टॉपर प्रिया पाठक का कहना है कि खुद पर विश्वास रखा और अपनी तैयारी पर भरोसा किया। जो लक्ष्य तय किया था, उसे पाने के लिए पूरी कोशिश की और अब नतीजा सामने है। धैर्य रखना सबसे आवश्यक है। यह मेरे लिए भी शॉकिंग है। मैं इस सफलता को प्रोसेस कर रही हूं। बहुत अच्छा लग रहा है।
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MPPSC परीक्षा की टॉपर प्रिया पाठक समेत सभी छात्र करीब चार साल से नतीजों का इंतजार कर रहे थे। प्रिया का चयन डिप्टी कलेक्टर पद के लिए हुआ है। सतना जिले के नागौद कस्बे की रहने वाली प्रिया पाठक ने 27 वर्ष की उम्र में प्रदेश में अव्वल आकर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। प्रिया के पिता कृष्ण शरण पाठक नागौद के शासकीय विद्यालय में सहायक शिक्षक हैं। मां पुष्पा पाठक एक गृहिणी हैं। प्रिया शुरू से ही पढ़ने में अच्छी थी और ग्रेजुएशन एवं पोस्ट ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी है। प्रिया इससे पहले UPPSC में 2020 में DSP पद पर चुनी गई थी लेकिन नियुक्ति नहीं हुई है। इस बीच, उन्होंने MPPSC की परीक्षा दी और अब टप किया है।
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मेरी सफलता का श्रेय माता-पिता को
प्रिया ने कहा कि मेरी सफलता का श्रेय मेरे पेरेंट्स को जाता है। मेरे दोस्तों, केजी-1 से अब तक के टीचर्स ने मुझे मोटिवेट किया, उन्हें भी श्रेय जाता है। मैंने उम्मीद नहीं छोड़ी। लक्ष्य तय किया और उसे पाने तक पीछे नहीं हटी। अपनी तैयारी पर भरोसा रखा। मैं युवाओं से यह कहना चाहूंगी कि किसी भी स्टेज पर फेल होते हैं तो भी कोशिश न छोड़ें। फिर कोशिश करें। आपको सफलता जरूर मिलेगी।
सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल जरूरी
प्रिया का कहना है कि सोशल मीडिया वरदान है। बड़े शहर जाकर तैयारी करना हर कोई अफोर्ड नहीं कर सकता है। सोशल मीडिया आपको फेसिलिटेटर की भूमिका निभाता है। यदि आप अपने सपने की तरफ बढ़ रहे हैं तो सोशल मीडिया का सीमित और बेहतर उपयोग कर सकते हैं। टेस्ट और कंटेंट के लिए इसका इस्तेमाल सुविधाजनक होता है। ऑनलाइन मीडियम इतना है कि हर सब्जेक्ट आप कवर कर सकते हैं। लेकिन, डिस्ट्रेक्ट नहीं होना है।
बीएससी करते समय वक्त मिला तो पढ़ाई में विविधता लाई
प्रिया कहती है कि ऐसा नहीं है कि शुरू से सिविल सर्विसेस ही सपना था। बीएससी से ग्रेजुएशन किया। उस दौरान वक्त होता था तो अखबार पढ़ने लगी। पढ़ाई में विविधता लाई। ज्ञान की खोज ने मुझे सिविल सर्विसेस परीक्षा की ओर आकर्षित किया। आखिर, यह जॉब प्रोफाइल भी लोगों के बेटरमेंट के लिए काम करने को प्रेरित करता है।
नवोदय विद्यालय से की 12वीं की पढ़ाई
प्रिया मूल रूप से सतना जिले की रहने वाली हैं। प्रिया ने कक्षा 1 से कक्षा 5 की पढ़ाई सरस्वती विद्यालय से की। कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की पढ़ाई राहिकवारा नागौद नवोदय विद्यालय से की है। 12वीं के बाद ग्रेजुएशन के लिए 2017 में जबलपुर चली गई। वहां बीएससी बायोटेक्नॉलॉजी से अपना ग्रेजुएशन किया। पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए 2022 में इंदौर चली गई। वहां देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय से एमए पॉलिटिकल साइंस में अपना मास्टर्स किया।
पूरा परिवार उत्साहित
प्रिया पाठक शुरू से ही सभी कक्षाओं में पहले स्थान पर रही है। ग्रेजुएट एवं पोस्ट ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं। प्रिया की शिक्षा दीक्षा को देखकर परिवार हमेशा उससे बड़ी उम्मीदें लगाए हुए था और जब एमपीपीएससी 2019 का रिजल्ट आया तो प्रिया का डिप्टी कलेक्टर पद पर चयन हो चुका है। ऐसे में परिवार में खुशियों का ठिकाना नहीं है। पूरा परिवार बेहद उत्साहित है। दोस्तों और परिजनों के फोन घनघना रहे हैं। हर कोई बधाई दे रहा है।
तपस्या सफल हो गई
इस सवाल पर प्रिया कहती हैं कि मैं काफी पहले घर से बाहर चली गई थी। घर के माहौल से बाहर पली-बढ़ी हूं। छोटी-मोटी समस्याएं तो रही हैं। घर जाने का मन होता है। त्योहारों और परिवार में होने वाली शादियों को छूटने का दुख होता था। डर लगता था कि एग्जाम का शैड्यूल बिगड़ जाएगा। इस तरह बुरा भी महसूस होता था। फिर सोचते थे कि यह लंबा प्रोसेस है। कई त्योहार मिस होते थे। कई शादियां मिस होती थी। दोस्तों से मिल नहीं पाते थे। यह एग्जाम से कुछ पहले होता था। भरोसा रहता था कि आपके परिजन, दोस्त आपको समझेंगे। आज सफलता मिली है तो लगता है कि वह तपस्या सफल हो गई।
