विभागों के बंटवारे में चली कमलनाथ की मर्जी, इस्तीफे की धमकी देने वाले विधायक दिल्ली रवाना

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Sat, 29 Dec 2018 10:49 AM IST
विज्ञापन
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ - फोटो : Social Media

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें

सार

  • कमलनाथ ने दी अनुभवी नेताओं को प्राथमिकता
  • विभागों के बंटवारे में राहुल गांधी की पसंद का रखा गया ख्याल
  • कमलनाथ खेमे के मंत्रियों के पास सात महत्वपूर्ण विभाग
  • दिग्विजय समर्थकों को मिले पांच विभाग

विस्तार

मध्यप्रदेश में मंत्रियों के विभाग बंटवारें को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है। चार दिनों तक चला यह दौर ठीक वैसा ही रहा जैसा मुख्यमंत्री उम्मीदवार को चुनने का था। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पास तकनीकी शिक्षा, जनसंपर्क, रोजगार और उद्योग जैसे पास आठ विभाग रखे है। इसके अलावा गृह विभाग  बाला बच्चन को और वित्त मंत्रालय का जिम्मा तरुण भनोट को दिया गया है। 

गृह और वित्त विभाग को लेकर था पेंच

विभाग बंटवारे में देरी की वजह वित्त और गृह विभाग के जिम्मे को लेकर थी। सिंधिया जहां गृह और परिवहन विभाग तुलसी सिलावट को दिलवाना चाहते थे वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ की पसंद राजपुर विधायक बाला बच्चन थे। अनुभव और वरिष्टता का हवाला देकर दिग्विजय सिंह डॉ. गोविंद सिंह को गृह विभाग दिलाने पर अड़े थे। इसके अलावा दिग्विजय अपने बेटे जयवर्धन सिंह को वित्त विभाग देने की वकालत कर रहे थे। 
विज्ञापन

मामला दिल्ली दरबार तक पहुंचा और आलाकमान ने मुख्यमंत्री की पसंद पर मुहर लगाई। कमलनाथ ने दिग्विजय के करीबी प्रियव्रत सिंह को ऊर्जा और उनके बेटे जयवर्धन को बेटे को नगरीय विकास का जिम्मा सौंपा है। इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया की पसंद तुलसी सिलावट को लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का जिम्मा देकर संतुलन बिठाने की कोशिश की गई है। 

लोकसभा चुनाव से पहले नाथ ने बनाया प्लान

दिल्ली की मदद से कमलानथ से सभी ने सभी दिग्गजों को साधने की कोशिश की है। कमलनाथ ने पीसी शर्मा को अपने पास रखकर विधि और विधायी कार्य विभाग सौंपा है।  उम्मीद जताई जा रही कि शर्मा को आगे बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। करीब पांच घंटे चली बैठक के बाद विभागों का बंटवारा हो सका।  किसानो से जुड़े किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग सचित सुभाष याद को सौंपा गया है।  सचिन रन यादव के भाई है। 
पूरी लिस्ट पर नजर डाले तो एक बात साफ नजर आती है कि विभाग बंटवारे में कमलनाथ की मर्जी सर्वोपरि रही है। कमलनाथ के समर्थक माने जाने वाले निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल को खनिज संसाधन विभाग मिला है। 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X