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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Politics on MP OBC election: Leader of Opposition Dr. Govind wrote a letter to CM calling for a one-day special session of the assembly

MP ओबीसी आरक्षण पर सियासत: डॉ. गोविंद सिंह ने सीएम को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने पत्र लिखा 

Fri, 13 May 2022 12:09 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Fri, 13 May 2022 12:09 AM IST
सार

मध्य प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के ओबीसी आरक्षण के बिना निकाय चुनाव करने के आदेश के बाद राजनीति पार्टियां ओबीसी हितैशी बनने में लगी हुई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने पत्र लिखा है।

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Politics on MP OBC election: Leader of Opposition Dr. Govind wrote a letter to CM calling for a one-day special session of the assembly
नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट के ओबीसी आरक्षण के बिना निकाय चुनाव करने के आदेश के बाद राजनीति पार्टियां ओबीसी हितैशी बनने में लगी हुई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने पत्र लिखा है।
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नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने पत्र में हवाला दिया है कि दिनांक 10 मई, 2022 को सुप्रीम ने मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के बिना ही निकाय चुनाव कराने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने अन्य पिछड़ा वर्ग को न्याय मिले, इसके लिए अपनी प्रतिबद्धता विधानसभा में जाहिर की है। इसी आशय को लेकर दिनांक 23 दिसंबर 2021 को विधानसभा में सरकार की ओर से संकल्प लाया गया था, जिसमें “प्रदेश में बगैर अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के आरक्षण के त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव न कराये जाये यह संकल्प सदन में सर्वसम्मति से पारित किया गया था।’’
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सिंह ने कहा कि संकल्प पारित किये जाने के दौरान मुख्यमंत्री ने सदन में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट में अपने पक्ष को पूरी ताकत के साथ रखेंगे, इसके साथ ही ओबीसी को पंचायत चुनाव में आरक्षण मिले उसके लिये हर संभव उपाय करेंगे। उसके बावजूद सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अन्य पिछड़ा वर्ग के संबंध ठोस तथ्य प्रस्तुत न किए जाने के कारण पिछड़ा वर्ग के पक्ष में कोर्ट का निर्णय नहीं आया है।
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सिंह ने कहा कि जब पक्ष तथा विपक्ष दोनों प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को आरक्षण देने के पक्षधर है, ऐसी स्थिति में यह आवश्यक है कि मध्यप्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जाकर इस सत्र में एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया जाये जिनमें केन्द्र सरकार से अनुरोध किया जाये कि प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को 27 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के लिये संविधान में संशोधन किया जाये।  
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