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उप्र से उठाया, मप्र में फेंका: सपा को वोट करने को कहा, इनकार करने पर उप्र से अपहरण, 10 दिन बंधक रखा, चुनाव बाद छतरपुर में छोड़ा
Wed, 09 Mar 2022 07:23 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 09 Mar 2022 07:23 PM IST
सार
सपा को वोट देने से इनकार करने पर युवक को दस दिन बंदी बनाकर रखा गया। चुनाव के बाद उसे छतरपुर में फोरलेन पर फेंक दिया। युवक ने छतरपुर एसपी ऑफिस पहुंचकर आवेदन दिया है।
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युवक ने छतरपुर एसपी ऑफिस पहुंचकर आवेदन दिया है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के ललितपुर में चुनावी रंजिश का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सपा को वोट देने से इनकार करने पर युवक को दस दिन बंदी बनाकर रखा गया। चुनाव के बाद उसे छतरपुर में फोरलेन पर फेंक दिया। युवक ने छतरपुर एसपी ऑफिस पहुंचकर आवेदन दिया है। उसकी मांग है कि आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए।
छतरपुर के पुलिस अधीक्षक ऑफिस परिवार सहित आवेदन लेकर पहुंचे गोविंद राजपूत ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के गिरार थाना के बड़वार गांव का है। 13 फरवरी दोपहर करीब 12:45 बजे मानपुरा गांव के विजय यादव, गुलाब यादव, मनोज यादव, रामनरेश यादव, प्रीतम यादव, हल्कू लोधी गुड्डा लोधी, कारण लोधी, कल्लू लोधी, सहित आए और कहा कि चुनाव में समाजवादी पार्टी को वोट देना। तो मैंने कहा यह मेरी मर्जी मैं किस को वोट देता हूं किसको नहीं। तो इस बात पर वह गाली-गलौज कर मार-पीट करने लगे और मुझे जबरन उठाया चार पहिया वाहन में जबर्दस्ती बैठाकर ले गए। उसके बाद एक कमरे में बंद कर दिया। मैंने काफी शोर किया पर कोई बचाने नहीं आया। सुबह-शाम एक सात-आठ साल की बच्ची खाना-पानी देने आती थी। मुझे वहां 24 फरवरी तक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया।
फोरलेन पर छोड़कर भागे
इसके बाद कुछ लोग मुझे 24 फरवरी को ओरछा रोड थाना क्षेत्र के फोरलेन इलाके में छोड़कर भाग गए। वहां पास ही काम कर रहे किसान ने डायल100 को फोन लगाकर दिया। उसके बाद पुलिस मुझे लेकर थाने आई। मैंने सारा घटनाक्रम उन्हें बता दिया। पुलिस ने मेरे भाई को कॉल किया, जहां मेरा भाई मुझे छतरपुर थाने लेने आया। यहां से मेरे बयान लेने के बाद भाई के साथ वापस भेज दिया गया। मैं अपने गांव घर वापस चला गया और अस्पताल में अब तक इलाज कराता रहा। अब ठीक होने के बाद छतरपुर एसपी ऑफिस आया हूं। जहां आवेदन देकर मेरे साथ हुई घटना पर आरोपियों की गिरफ्तारी करने और न्याय को मांग की है।
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पुलिस कर रही जांच
पीड़ित गोविंद का कहना है कि घटना मेरे साथ भले ही उत्तर प्रदेश में घटी, पर अपहरण कर मुझे मध्य प्रदेश छतरपुर में छोड़ गए हैं, जिससे कि मैं यहां से भी आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई कर न्याय की मांग करता हूं। उक्त मामले में एएसपी विक्रम सिंह का कहना है कि पीड़ित का आवेदन आया है। मामले में जांच की जा रही है। जांच के उपरांत विधिसंवत कार्रवाई की जाएगी।
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छतरपुर के पुलिस अधीक्षक ऑफिस परिवार सहित आवेदन लेकर पहुंचे गोविंद राजपूत ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के गिरार थाना के बड़वार गांव का है। 13 फरवरी दोपहर करीब 12:45 बजे मानपुरा गांव के विजय यादव, गुलाब यादव, मनोज यादव, रामनरेश यादव, प्रीतम यादव, हल्कू लोधी गुड्डा लोधी, कारण लोधी, कल्लू लोधी, सहित आए और कहा कि चुनाव में समाजवादी पार्टी को वोट देना। तो मैंने कहा यह मेरी मर्जी मैं किस को वोट देता हूं किसको नहीं। तो इस बात पर वह गाली-गलौज कर मार-पीट करने लगे और मुझे जबरन उठाया चार पहिया वाहन में जबर्दस्ती बैठाकर ले गए। उसके बाद एक कमरे में बंद कर दिया। मैंने काफी शोर किया पर कोई बचाने नहीं आया। सुबह-शाम एक सात-आठ साल की बच्ची खाना-पानी देने आती थी। मुझे वहां 24 फरवरी तक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया।
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फोरलेन पर छोड़कर भागे
इसके बाद कुछ लोग मुझे 24 फरवरी को ओरछा रोड थाना क्षेत्र के फोरलेन इलाके में छोड़कर भाग गए। वहां पास ही काम कर रहे किसान ने डायल100 को फोन लगाकर दिया। उसके बाद पुलिस मुझे लेकर थाने आई। मैंने सारा घटनाक्रम उन्हें बता दिया। पुलिस ने मेरे भाई को कॉल किया, जहां मेरा भाई मुझे छतरपुर थाने लेने आया। यहां से मेरे बयान लेने के बाद भाई के साथ वापस भेज दिया गया। मैं अपने गांव घर वापस चला गया और अस्पताल में अब तक इलाज कराता रहा। अब ठीक होने के बाद छतरपुर एसपी ऑफिस आया हूं। जहां आवेदन देकर मेरे साथ हुई घटना पर आरोपियों की गिरफ्तारी करने और न्याय को मांग की है।
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पुलिस कर रही जांच
पीड़ित गोविंद का कहना है कि घटना मेरे साथ भले ही उत्तर प्रदेश में घटी, पर अपहरण कर मुझे मध्य प्रदेश छतरपुर में छोड़ गए हैं, जिससे कि मैं यहां से भी आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई कर न्याय की मांग करता हूं। उक्त मामले में एएसपी विक्रम सिंह का कहना है कि पीड़ित का आवेदन आया है। मामले में जांच की जा रही है। जांच के उपरांत विधिसंवत कार्रवाई की जाएगी।
