MP विधानसभा बजट सत्र: धरी की धरी रह गई कांग्रेस की सरकार को घेरने की रणनीति; अलग-थलग पड़ गए जीतू पटवारी
मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध के मसले पर जीतू पटवारी से कांग्रेस ने किनारा कर लिया है। इससे साफ हो गया कि कांग्रेस जिस एकजुटता का दावा कर रही थी, उसकी सचाई सत्र शुरू होने से पहले ही सामने आ गई।
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मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सदन के अंदर और बाहर जो हुआ, उससे साफ है कि कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। एकजुटता के साथ सरकार को घेरने के दावे भी खोखले ही साबित हुए। इंदौर से विधायक और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने सत्र शुरू होने से पहले ही राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार करने का ऐलान सोशल मीडिया पर कर दिया। हालांकि, कुछ ही देर में पार्टी के नेता और नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने इस फैसले को गलत बताते हुए दूरी बना ली। अब भाजपा कांग्रेस की एकजुटता पर तंज कस रही है।
दरअसल, जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जनता के हित में मैं राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार कर रहा हूं। चिर निंद्रा में सोई भाजपा सरकार को जगाना जरूरी है। राज्य में नौकरशाही बेलगाम है। किसान शोषित हो रहा है। घर-घर सस्ती शराब पहुंचाई जा रही है। सबसे ज्यादा गो-हत्याएं मप्र में हुई है। और इस सरकार ने जन-जन को कर्जदार बना दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने इसे गलत बताया। सभी कांग्रेस विधायक सदन में मौजूद रहे। यहां तक कि जीतू के करीबी माने जाने वाले विधायक कुणाल चौधरी भी विधानसभा पहुंचे। उन्होंने राज्यपाल का अभिभाषण भी तल्लीनता से सुना। इस मसले पर जीतू अकेले पड़ गए हैं।
भाजपा प्रवक्ता डॉ. हितेश वाजपेयी ने कहा कि दिग्विजय सिंह आगामी चुनावों को लेकर कमलनाथ के खिलाफ एक चक्रव्यूह बना रहे हैं। विक्रात भुरिया, विभा पटेल, गोविंद सिंह पर दावों के बाद अब जीतू पटवारी का नंबर है। पटवारी पहले विधायक दल की बैठक से गायब हो गए। आज विधानसभा से गायब हो गए। यह कांग्रेस के विखंडन की ओर एक और कदम है।
