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Omkareshwar News: ओंकारेश्वर से मोरटक्का मार्ग पर नहीं मिलेगी ठंडी छांव, सैकड़ों वर्ष पुराने वृक्ष हुए धराशाई
Mon, 04 Nov 2024 05:14 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 04 Nov 2024 05:14 PM IST
सार
मध्य प्रदेश सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ओंकारेश्वर से मोरटक्का तक 12 किलोमीटर लंबी सड़क को चौड़ा कर चार-लेन में परिवर्तित करने का कार्य शुरू कर दिया है, जिसमें सैकड़ों वर्ष पुराने वृक्षों को काटा जा रहा है।
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ओंकारेश्वर से मोरटक्का सड़क मार्ग।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा ओंकारेश्वर से मोरटक्का 12 किलोमीटर एकल सड़क मार्ग चौड़ा कर चार लेन में परिवर्तित करने का काम शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश सरकार के लोकनिर्माण विभाग के द्वारा इसे बनाया जाएगा, लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि इसमें जो वृक्ष काटे जाएंगे। उनकी भरपाई कैसे होगी। इस विषय को लेकर जब हमने पूरी जानकारी निकाली तो सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वर्ष पूर्व लगाए गए अनेक प्रजाति के वृक्ष को धराशाई किया जा रहा है।
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वन विभाग के डिप्टी रेंजर आनंदराम खांडेकर से जब इसे लेकर बात की गई तो उन्होंने कहा सड़क के दोनों ओर 12 किलोमीटर के दायरे में ढाई हजार वृक्षों को काटा जा रहा है। सभी वृक्षों की कटाई के बाद वनविभाग के डिपो में भेज दिया जाएगा। इन वृक्षों को काटने की मंजूरी वन विभाग ने दी है।
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एक वृक्ष काटने पर 10 वृक्ष लगाना होगा
वन विभाग खंडवा ने वृक्षों को काटने की अनुमति इस शर्त पर दी है कि जो वृक्ष काटेंगे उतने ही वृक्षों को 10% प्रतिशत अन्य स्थानों पर लगाना होगा। इसके लिए विभाग को पैसा भी पीडब्ल्यूडी जमा करवाना होगा, जिसकी कार्रवाई पूरी हो गई है।
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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है सड़क मार्ग
लोकनिर्माण विभाग के सब इंजीनियर अखिलेश कानूनगो ने बताया मध्य प्रदेश सरकार आने वाले सिंहस्त 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ओंकारेश्वर से मोरटक्का तट 12 किलोमीटर तक सड़क को बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। मोरटक्का से कटार 3 किलोमीटर जमीन अधिग्रहण कार्रवाई भी राजस्व विभाग पीडब्ल्यूडी विभाग मिलकर पूरी कर ली है। किसानों को नोटिस दे दिए हैं, जल्दी ही सभी को मुआवजा राशि किसानों के बैंक अकाउंट में जमा कर दी जाएगी।
इसकी कुल लागत 195 करोड़
अखिलेश कानूनगो ने बताया की इंदौर खंडवा इच्छापुर सड़क मार्ग नेशनल हाईवे 4 लाइन में बना रहा है। ओंकारेश्वर मोरटक्का कटार मार्ग को जोड़ दिया जाएगा। इसका निर्माण कार्य 2026 तक संपूर्ण होना है। इसकी कुल लागत 195 करोड़ है, लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यह उठता है कि इतनी बड़ी संख्या में जो वृक्ष काटे जाएंगे उनकी भरपाई हो पाएगी? क्योंकि जब सड़क मार्ग भी नहीं बना था कच्चा मार्ग था। उस समय लोगों ने ओंकारेश्वर जाने वाले श्रद्धालुओं को छांव से बचने के लिए अधिकतर नीम, पीपल, बरगद के पेड़ लगाए थे। मुख्य उद्देश्य था कि गर्मी बारिश से लोगों को बचाव होगा। धीरे-धीरे यह वृक्ष इतने बड़े हो गए की सड़क के दोनों और आपस में एक दूसरे से मिल गए।
मन को बड़ा सुकून देती थी हरियाली
सड़क के दोनों और फैली हरियाली को देखकर लोगों को बड़ा सुकून मिलता था। कई लोग इन वृक्षों के नीचे बैठकर अपने पूरे परिवार के साथ भोजन करते थे। 12 किलोमीटर के सड़क मार्ग के दोनों ओर हरियाली ओंकारेश्वर सड़क मार्ग पर प्रवेश करते ही मन को बड़ा सुकून देती थी। नर्मदा परिक्रमा करने वाले भी सड़क पर चलते हुए भीषण गर्मी में भी इन वृक्षों की छांव का सहारा लेते थे। लेकिन अब यह इतिहास के पन्नों में दर्ज होकर रह जाएगा। अब नहीं दिखाई देगी सड़क के दोनों ओर की हरियाली। लोगों ने वृक्षों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई भी सकारात्मक कम नहीं उठाएं। चार लाइन सड़क तो बन जाएगी। सड़क के दोनों और वृक्षों को भी लगा दिया जाएगा, लेकिन जितने बड़े वृक्ष काटे हैं उनको बड़े होने में काम से कम 100 वर्ष का समय लगेगा। वृक्ष कहां लगेंगे ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
