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नम्रता का हुआ था रेप, पुलिस ने बंद की जांच

Wed, 08 Jul 2015 06:20 PM IST
Updated Wed, 08 Jul 2015 06:20 PM IST
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Namrta damor murder case file closed after the order of re investigation

पुलिस ने तत्कालीन साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर मामले को जांच योग्य नहीं माना और जांच बंद कर दी। पुलिस ने इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी हवाला दिया था। जिसमें कुछ भी असामान्य नहीं पाया गया था।

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लेकिन घटना में नया मोड़ उस समय आ गया जब नम्रता के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर बीबी पुरोहित ने कहा कि उसके शव को देखकर इस ऐसा लग रहा था जैसे मौत से पहले उससे बलात्कार का प्रयास किया गया हो। हो सकता है उससे बलात्कार भी किया गया हो।
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डॉक्टर के अनुसार उसकी मौत गला दबने के कारण दम घुटने से हुई थी। वहीं डॉक्टर के इस खुलासे के बाद दोबारा जांच की घोषणा करने वाली पुलिस के रवैये पर उंगली उठ गई है।

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टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्‍ली

Namrta damor murder case file closed after the order of re investigation

व्यापम घोटाले की जांच करने गए पत्रकार अक्षय की रहस्यमयी मौत के बाद एमबीबीएस छात्र नम्रता दामोर की मौत फिर सुर्खियों में आ गई है। साल 2012 में उज्जैन के रेलवे ट्रैक पर मिली नम्रता की लाश के दो साल बाद व्यापम घोटाले की जांच कर रही एसटीएफ ने उसे भी आरोपी बनाया था।

पुलिस ने उसकी मौत को आत्‍महत्या कहकर फाइल बंद कर दी थी। वहीं अब नाटकीय घटनाक्रम के तहत नम्रता हत्याकांड की दोबारा जांच शुरू करने वाली उज्‍जैन पुलिस ने 24 घंटे में ही जांच बंद कर इसे सामान्य मौत बता दिया है।

जबकि नम्रता के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर ने अब यह कहकर सनसनी मचा दी है कि मौत से पहले उसके साथ बलात्कार भी हुआ हो सकता है। डॉक्टर ने यह भी दावा किया कि उसकी मौत गला दबने से हुई थी।

नम्रता के पिता का इंटरव्यू करने गए थे पत्रकार अक्षय

Namrta damor murder case file closed after the order of re investigation

बता दें कि नम्रता का शव जनवरी 2012 में उज्जैन में पटरी किनारे पड़ा मिला था। उस समय पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था। जबकि परिजन इसे हत्या का मामला मान रहे थे। लेकिन मामला तब सुर्खियों में आया जब उसका नाम व्यापम घोटाले के आरोपियों में आया।

मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने उसे आरोपी बनाते हुए कहा कि उसने फर्जी तरीके से मेडिकल में एडमिशन लिया था। इसी मामले में छात्रा के परिजनों का इंटरव्यू करने के लिए अक्षय उसके घर झबुआ गए थे।

जहां उनकी रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद से ही नम्रता की मौत चर्चाओं में बनी हुई थी। मंगलवार को उज्जैन के एसपी मनोहर वर्मा ने पुलिस को उसकी मौत की जांच दोबारा करने के आदेश दिए थे, लेकिन 24 घंटे बाद ही पुलिस की थ्योरी इस कहानी में बदल गई।

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