MP Panchayat Chunav: शिवराज, शर्मा और भूपेंद्र सिंह को मानहानि के नोटिस; डॉ. मिश्रा का पलटवार- गलत क्या कहा, ये भी बताए तनखा
मध्य प्रदेश से कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तनखा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और प्रदेश के मंत्री भूपेंद्र सिंह को 10 करोड़ रुपये के मानहानि के नोटिस भेजे हैं।
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भाजपा के आरोपों पर वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता विवेक तनखा ने अधिवक्ता शशांक शेखर के हवाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और प्रदेश के मंत्री भूपेंद्र सिंह को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने ट्विटर पर कहा कि "मैंने अधिवक्ता शशांक शेखरजी द्वारा 10 करोड़ रुपये का मानहानि, अन्य सिविल, क्रिमनल कार्यवाही का नोटिस शिवराज सिंह चौहान, विष्णुदत्त शर्मा, भूपेंद्र सिंह को भेजा है। यदि तीन दिन में ये लोग स्थिति स्पष्ट नहीं करते उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी। कोर्ट कार्यवाही के संबंध में झूठ बोलना, असत्य के आधार पर झूठी मुहिम चलाना जघन्य अपराध है। मेरी चुनोती है कि वे मुझे झूठा सिद्ध करें और खुद को सच्चा। देश बीजेपी की "ट्रोलआर्मी" के झूठ से तंग आ चुका है। झूठे दुष्प्रचार के असहनीय होने के कारण मैंने यह कदम उठाया है।"
कोर्ट कार्यवाही के सम्बंध में झूठ बोलना,असत्य के आधार पर झूठी मुहिम जघन्य अपराध है। मेरी चुनोती है कि वे मुझे झूठा सिद्ध करे, खुद को सच्चा। देश बीजेपी की "ट्रोलआर्मी" के झूठ से तंग आ चुका है। झूठे दुष्प्रचार के असहनीय होने के कारण यह कदम उठाया है।
— Vivek Tankha (@VTankha) December 19, 2021
सीएम ने कुछ कहा ही नहीं, उन्हें नोटिस दे दिया
तनखा के नोटिस पर प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह ने क्या गलत कहा, यह तो बताए। सीएम ने कुछ कहा ही नहीं, उन्हें नोटिस दे दिया। अपनी गलती को छिपाने के लिए यह सब कर रहे हैं। अदालत में आप गए, इस वजह से यह विषय आया। आपको जनता की अदालत में जाना था, वहां से जीतकर आना था। पर कांग्रेस को पता था कि वह जीत नहीं सकती। इसी वजह से कांग्रेस के प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य अदालत में गए और यह आदेश आया।
पंचायत चुनाव में हार के डर से पहले कांग्रेस और उसके राज्यसभा सांसद सुप्रीम कोर्ट गए और अब अपनी गलती छुपाने के लिए नोटिस भेज रहे है।
— Dr Narottam Mishra (@drnarottammisra) December 20, 2021
कांग्रेस को कोर्ट जाने की बजाए जनता की अदालत यानी चुनाव में जाना चाहिए था। pic.twitter.com/j7bXLbXgHI
