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MP News: जीवन के अंतिम पड़ाव में परिवारों ने बनाया ‘पराया’ तो जेल भी लगने लगा ‘अपना’

Thu, 19 Jan 2023 04:20 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना Published by: रवींद्र भजनी Updated Thu, 19 Jan 2023 04:20 PM IST
सार

सतना की जेल में 80 साल की उम्र पार कर चुके तीन कैदी बेगानी जिंदगी जी रहे हैं। तीनों आजीवन कारावास के कैदी हैं और परिजनों ने भी अब उन्हें त्याग दिया है।  

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MP News: Three Eighty Plus Elder Prisoner In Satna Jail Latest News
सतना जेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सतना सेंट्रल जेल में अपने गुनाहों की सजा काट रहे बुजुर्ग कैदियों को उनके अपने परिजनों ने ही त्याग दिया है। पेरोल मिली हुई है, लेकिन जाने को घर नहीं है। एक कैदी तो पेरोल पर बाहर भी आया था, लेकिन परिजन लेने नहीं आए तो फिर जेल लौटना पड़ा। अब जेल ही इनका घर है और कैदी परिवार।  

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सतना सेंट्रल जेल में वृद्ध वार्ड चलता है। इसमें 45 कैदी हैं। सभी की आयु 60 वर्ष से अधिक हैं। इनमें भी तीन कैदी ऐसे हैं जो 80 साल की उम्र पार कर चुके हैं। तीनों को ही अदालतों ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उम्र के इस पड़ाव पर भी पिछले छह साल से परिजन उनसे मिलने नहीं आए हैं।
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जेल अधिकारियों के मुताबिक कई बुजुर्ग कैदी पेरोल पर बाहर जा सकते हैं। उनके परिवार को भी इसकी जानकारी दी गई। फिर भी उन्हें कोई लेने नहीं आया। एक 81 साल के कैदी को 61 साल की उम्र में यानी बीस साल पहले पेरोल पर छूटा था। परिवार सुध लेने नहीं आया तो जेल प्रशासन ने वापस बुला लिया। सभी बुजुर्ग बंदियों की जेल में ही देखरेख की जाती है। कुछ कैदियों के परिजनों को पोस्टकार्ड लिखकर सूचित भी किया गया। इसके बाद भी उनकी सुध लेने कोई नहीं आया।
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जेल में ही देते हैं सभी सुविधाएं
जेल अधीक्षक लीना कोष्टा का कहना है कि परिवारों से उम्मीदें तो सभी को रहती है, लेकिन परिवार से मिलने कोई नहीं आता तो यह वृद्ध हमारे बीच में रहते हैं। तीन कैदी ऐसे हैं जिनकी उम्र 80 साल से अधिक हैं। हमने उन्हें वृद्ध वार्ड में ही रखा है। इनकी जेल में ही देखरेख की जाती है। समय-समय पर चेकअप होता है। डॉक्टर के बताए डाइट चार्ट को फॉलो किया जाता है। इतना ही नहीं यदि यह अपने काम नहीं कर पाते तो प्रत्येक वृद्ध को हम सेवक भी देते हैं। वह उनकी पूरी देखभाल करता है।


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