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MP News: दमोह जिले के आदिवासी अंचल में जुगाड़ से बनाया मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, अनुपयोगी सोलर पैनल का सहारा
Sat, 10 Sep 2022 05:58 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 10 Sep 2022 05:58 PM IST
सार
मामला दमोह जिले के हटा ब्लॉक के आदिवासी अंचल के धुरखेड़ा गांव का है। आदिवासी गांव में युवाओं ने जुगाड़ से मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बनाया है। इसके लिए गांव में अनुपयोगी पड़े सोलर पैनल का इन्होंने इस्तेमाल किया है।
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गांव में अनुपयोगी पड़े सोलर पैनल से आदिवासी गांव में युवाओं ने जुगाड़ से मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बनाया है। (प्रतीकात्मक चित्र)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के एक आदिवासी गांव में युवाओं ने जुगाड़ से मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बनाया है। दरअसल गांव में अनुपयोगी पड़े सोलर पैनल का इन्होंने इस्तेमाल किया है। बिजली नहीं रहने की दशा में ये चार्जिंग पॉइंट गांव में बहुत उपयोगी साबित हो रहा है।
जानकारी के अनुसार मामला दमोह जिले के हटा ब्लॉक के आदिवासी अंचल के धुरखेड़ा गांव का है। बता दें कि गांव में ग्राम पंचायत घोघरा की ओर से पेयजल व्यवस्था के लिए सोलर पैनल सिस्टम बोरवेल लगाया गया था। लेकिन बोरवेल खराब होने के बाद सोलर पैनल प्लेट्स का उपयोग यहां के युवाओं ने जुगाड़ लगाकर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स के रूप में करना शुरू कर दिया। गांव में बिजली नहीं होने की दशा में ये चार्जिंग पॉइंट्स लोगों के लिए बड़ा सहारा बन रहा है। स्कूल परिसर में
लगे इस सोलर पैनल से अब लोगों की कनेक्टिवटी अब नहीं टूट रही है।
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जानकारी के अनुसार मामला दमोह जिले के हटा ब्लॉक के आदिवासी अंचल के धुरखेड़ा गांव का है। बता दें कि गांव में ग्राम पंचायत घोघरा की ओर से पेयजल व्यवस्था के लिए सोलर पैनल सिस्टम बोरवेल लगाया गया था। लेकिन बोरवेल खराब होने के बाद सोलर पैनल प्लेट्स का उपयोग यहां के युवाओं ने जुगाड़ लगाकर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स के रूप में करना शुरू कर दिया। गांव में बिजली नहीं होने की दशा में ये चार्जिंग पॉइंट्स लोगों के लिए बड़ा सहारा बन रहा है। स्कूल परिसर में
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लगे इस सोलर पैनल से अब लोगों की कनेक्टिवटी अब नहीं टूट रही है।
