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MP News: पूर्व सीएम उमा भारती ने बताया रेडी होने के बाद भी केन-बेतवा प्रोजेक्ट रोकने के पीछे कौन अधिकारी था
Sat, 29 Oct 2022 02:58 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 29 Oct 2022 02:58 PM IST
सार
पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा आपको याद होगा कि करी तीन महीने पहले मैं केन-बेतवा पर इस व्यक्ति का जिक्र करते हुए ट्वीट कर चुकी हूं। मैंने दो अधिकारियों का जिक्र किया था। जिनकी वजह से केन-बेतवा प्रोजेक्ट 2017 में रेडी होते हुए भी शुरू नहीं हो सका। उसमें यह एक व्यक्ति था।
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पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शनिवार को केन बेतवा प्रोजेक्ट रेडी होने के बाद भी शुरू नहीं होने के पीछे पूर्व आईएएस अधिकारी राधेश्याम जुलानिया था। उन्होंने नाम लिए बिना ट्वीट कर आश्चर्य भी जताया कि ऐसे लोग प्रभावशाली जगहों पर मौजूद कैसे रह सके।
लोकायुक्त ने पूर्व आईएएस अधिकारी राधेश्याम जुलानिया के खिलाफ जांच शुरू की है। जुलानिया पर एक फर्म से अपने खाते में अलग-अलग माध्यम से 99.50 लाख रुपए लेने का आरोप है। इसके अगले दिन पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि कल प्रदेश के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी पर लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है, मैं शिकायकर्ता का अभिनंदन करती हूं।
आपको याद होगा कि करी तीन महीने पहले मैं केन-बेतवा पर इस व्यक्ति का जिक्र करते हुए ट्वीट कर चुकी हूं। मैंने दो अधिकारियों का जिक्र किया था। जिनकी वजह से केन-बेतवा प्रोजेक्ट 2017 में रेडी होते हुए भी शुरू नहीं हो सका। उसमें यह एक व्यक्ति था। मैंने उस समय के मुख्य सचिव से मुख्यमंत्री जी के सामने ही इस अधिकारी को जल संसाधन मंत्रालय से हटाने को कहा था। एवं वह भी गया था। मेरा विभाग बदलते ही वह जल संसाधन में वापस हुआ। यह भी एक आश्चर्य का विषय है कि ऐसे लोग प्रभावशाली जगहों पर मौजूद कैसे रह सके।
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बता दें भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता नेमीचंद जैन ने लोकायुक्त को दो अगस्त को शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि जुलानिया जिस बंगले में रहते हैं, उसका भूखंड उन्होंने अपने और पत्नी के नाम खरीदा। भूखंड खरीदने के लिए पैसा अर्नी इन्फ्रा के खाते से अलग-अलग बैंक खातों में घुमाकर जुलानिया के खाते में 99.50 लाख भेजा गया। शिकायत में आरोप है कि अर्नी इंफ्रा को मेंटाना ने 93 करोड़ रुपये के काम सबलेट किए थे। जुलानिया लंबे समय तक जल संसाधन विभाग के मुखिया रहे हैं। उनके कार्यकाल में मेंटाना को करोड़ों रुपये के काम दिए गए। शिकातयकर्ता ने आरोपों के कथित प्रमाण भी लोकायुक्त को दिए हैं। शिकायत के अनुसार जुलानिया जब जल सांसधान विभाग में थे, उस समय उनकी बेटी लवण्या हैदराबाद मे मेंटाना की ही एक कंपनी में जॉब कर रही थी। इसकी जानकारी जुलानिया ने राज्य सरकार को नहीं दी।
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लोकायुक्त ने पूर्व आईएएस अधिकारी राधेश्याम जुलानिया के खिलाफ जांच शुरू की है। जुलानिया पर एक फर्म से अपने खाते में अलग-अलग माध्यम से 99.50 लाख रुपए लेने का आरोप है। इसके अगले दिन पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि कल प्रदेश के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी पर लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है, मैं शिकायकर्ता का अभिनंदन करती हूं।
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आपको याद होगा कि करी तीन महीने पहले मैं केन-बेतवा पर इस व्यक्ति का जिक्र करते हुए ट्वीट कर चुकी हूं। मैंने दो अधिकारियों का जिक्र किया था। जिनकी वजह से केन-बेतवा प्रोजेक्ट 2017 में रेडी होते हुए भी शुरू नहीं हो सका। उसमें यह एक व्यक्ति था। मैंने उस समय के मुख्य सचिव से मुख्यमंत्री जी के सामने ही इस अधिकारी को जल संसाधन मंत्रालय से हटाने को कहा था। एवं वह भी गया था। मेरा विभाग बदलते ही वह जल संसाधन में वापस हुआ। यह भी एक आश्चर्य का विषय है कि ऐसे लोग प्रभावशाली जगहों पर मौजूद कैसे रह सके।
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बता दें भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता नेमीचंद जैन ने लोकायुक्त को दो अगस्त को शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि जुलानिया जिस बंगले में रहते हैं, उसका भूखंड उन्होंने अपने और पत्नी के नाम खरीदा। भूखंड खरीदने के लिए पैसा अर्नी इन्फ्रा के खाते से अलग-अलग बैंक खातों में घुमाकर जुलानिया के खाते में 99.50 लाख भेजा गया। शिकायत में आरोप है कि अर्नी इंफ्रा को मेंटाना ने 93 करोड़ रुपये के काम सबलेट किए थे। जुलानिया लंबे समय तक जल संसाधन विभाग के मुखिया रहे हैं। उनके कार्यकाल में मेंटाना को करोड़ों रुपये के काम दिए गए। शिकातयकर्ता ने आरोपों के कथित प्रमाण भी लोकायुक्त को दिए हैं। शिकायत के अनुसार जुलानिया जब जल सांसधान विभाग में थे, उस समय उनकी बेटी लवण्या हैदराबाद मे मेंटाना की ही एक कंपनी में जॉब कर रही थी। इसकी जानकारी जुलानिया ने राज्य सरकार को नहीं दी।
