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MP News: साइबर क्राइम ब्रांच ने फर्जी लोन एप मामले में 7 राज्यों से 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया
Sat, 29 Oct 2022 10:57 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 29 Oct 2022 10:57 PM IST
सार
इस प्रकार सायबर क्राइम की टीम ने 100 से भी अधिक बैंक खातों की जांच की। जिसमे अधिकतर का उपयोग भारत की सीमा के बाहर दुबई एवं चाइना में होना पाया गया । उक्त पैसे को भारतीय मुद्रा से Crypto currency मे बदला गया और उक्त Crypto currency को भारत के बाहर चाइना व अन्य देशों के Crypto currency wallet पर भेजा गया।
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साइबर पुलिस ने 7 राज्यों से 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फर्जी लोन एप के माध्यम से लोन देकर दोगुने से भी ज्यादा ब्याज लेने एवं ब्लैक मेल कर प्रताड़ित करने के मामले में साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। भोपाल साइबर पुलिस ने 7 राज्यों से 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। 1 विदेशी की तलाश की जा रही है। जांच में 200 करोड़ का Crypto currency व Bank transaction के तार चाइना, सिंगापुर, फिल्लीपींस, दुबई से जुड़ा होना पाया गया। आरोपी फर्जी लोन एप के माध्यम से आवेदक को शॉर्ट टर्म के लिए लोन देते थे। फर्जी लोन एप के माध्यम से लोन लेते समय आरोपी आवेदक के मोबाइल से फोटो व कांटेक्ट लिस्ट का एक्सेस ले लेते थे। इसके बाद अज्ञात मोबाइल नंबर व वाट्सएप नंबर से फरियादी व उसके रिश्तेदारों को फोन व मैसेज कर लोन रिकवरी के लिए धमकी देते थे। आवेदक के द्वारा पैसे देने से असमर्थ होने पर कॉल व वाट्सअप मैसेज के द्वारा फरियादी को ब्लैकमेल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे ।
साइबर क्राइम भोपाल को लगातार इंस्टेंट लोन एप की शिकायतें प्राप्त हो रही थी। जिसमें पीड़ितों को वाट्सएप पर कॉल एवं मैसेज के माध्यम मोबाइल डाटा का उपयोग करके ब्लैकमेल कर लोन लौटाने के नाम पर पैसे वसूले जा रहे थे एवं फरियादी के सम्पूर्ण कांटैक्ट लिस्ट के व्यक्तियों को वाट्सएप पर कॉल एवं मैसेज के माध्यम से लगातार परेशान किया जा रहा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त अपराध द्वारा एक एसआईटी टीम का गठन किया गया। टीम ने लोन एप से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही कर सके एवं साइबर क्राइम द्वारा लोन एप से संबंधित शिकयतों पर विभिन्न अपराध पंजीबद्ध कर जांच की।
10 से ज्यादा फर्जी लोन एप ब्लॉक कराए
साइबर क्राईम ब्रांच जिला भोपाल की टीम ने शिकायतों की जांच में पाया कि फर्जी लोन App google play store पर उपलब्ध है। जहां से आम जनता उनको आसानी से download कर लेते हैं। App download करते ही मोबाइल का सम्पूर्ण डेटा अपराधियों के पास चला जाता है, जिसका दुरुपयोग करके फरियादी को ब्लैकमेल किया जाता है। साइबर क्राइम की टीम के द्वारा उक्त App को Google play store से तुरंत हटाने के लिए Google को लिखा गया। इस प्रकार साइबर क्राइम के द्वारा 10 से भी ज्यादा फर्जी लोन App को ब्लॉक कराया गया।
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चीनी नागरिकों के बेच दिए खाते
जांच में सामने आया कि ब्लैकमेल करने वाले फरियादियों से ऑनलाइन Google pay/Phonepe/Paytm इत्यादि UPI payment एप के माध्यम से पैसा जमा कराते थे। सायबर क्राइम की टीम ने UPI payment App से जानकारी प्राप्त की, जिसमें उक्त पैसा Saving/Current/Corporate bank account एवं Payment gateway के माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है। सायबर क्राइम की टीम ने उक्त बैंक खाता धारकों को गिरफ्तार किया। जिसमे पता चला कि उक्त बैंक खाते ऑनलाइन Telegram App पर चीनी नागरिकों को बेच दिया गया।
100 से अधिक बैंक खातों की जांच की
इस प्रकार सायबर क्राइम की टीम ने 100 से भी अधिक बैंक खातों की जांच की। जिसमे अधिकतर का उपयोग भारत की सीमा के बाहर दुबई एवं चाइना में होना पाया गया । उक्त पैसे को भारतीय मुद्रा से Crypto currency मे बदला गया और उक्त Crypto currency को भारत के बाहर चाइना व अन्य देशों के Crypto currency wallet पर भेजा गया।
चाइना में एक्सेस के लिए एप का उपयोग
Telegram App पर चल रहे लोन एप से संबन्धित आरोपियों के डाटा का एनालिसिस करने पर पता चला कि बैंक खाते का उपयोग करने के लिए रजिस्ट्रर मोबाइल नंबर को बैंगलोर/दिल्ली भेजा जाता था, जहां पर उक्त मोबाइल नंबर को चाइना में एक्सेस करने के लिए एक मोबाइल App (.apk file) का उपयोग किया जाता था। यह एप चीनी नागरिकों के द्वारा विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। जिससे भारतीय मोबाइल नंबर के डाटा को विदेश में एक्सेस कर सकें, उक्त एप के संबंध में और अधिक जानकारी फोरेंसिक के माध्यम से प्राप्त की जाएगी।
1000 से अधिक क्रिप्टो करेंसी वॉटेल एड्रेस की जांच
साइबर क्राइम टीम ने Crypto currency का एनालिसिस Blockchain के आधार पर किया। जिसमें 1000 से भी अधिक Crypto currency wallet addresses का एनालिसिस करने पर 56 संदिग्ध wallet addresses को चिंहित किया। जो की अलग-अलग देशों से संबन्धित होना पाया गया। उक्त सभी Wallet addresses के उपयोगकर्ता की जानकारी प्राप्त की जा रही है। इनमें से एक Wallet address के उपयोगकर्ता की पहचान की गई और आरोपी को गिरफ्तार किया गया ।
अब तक 200 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन
क्राइम ब्रांच ने जांच में प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 200 करोड़ रुपयों की Crypto currency व Bank transaction का होना पाया गया। जिसमें साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने राजस्थान से 5 , गुजरात से 1 , कर्नाटका से 1 , हरियाणा से 4, उत्तर प्रदेश से 1, महाराष्ट्र से 1 एवं मध्य प्रदेश से 3 तक कुल 16 भारतीय आरोपियों को गिरफ्तार किया। एवं 01 विदेशी नागरिक एवं अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है ।
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साइबर क्राइम भोपाल को लगातार इंस्टेंट लोन एप की शिकायतें प्राप्त हो रही थी। जिसमें पीड़ितों को वाट्सएप पर कॉल एवं मैसेज के माध्यम मोबाइल डाटा का उपयोग करके ब्लैकमेल कर लोन लौटाने के नाम पर पैसे वसूले जा रहे थे एवं फरियादी के सम्पूर्ण कांटैक्ट लिस्ट के व्यक्तियों को वाट्सएप पर कॉल एवं मैसेज के माध्यम से लगातार परेशान किया जा रहा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त अपराध द्वारा एक एसआईटी टीम का गठन किया गया। टीम ने लोन एप से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही कर सके एवं साइबर क्राइम द्वारा लोन एप से संबंधित शिकयतों पर विभिन्न अपराध पंजीबद्ध कर जांच की।
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10 से ज्यादा फर्जी लोन एप ब्लॉक कराए
साइबर क्राईम ब्रांच जिला भोपाल की टीम ने शिकायतों की जांच में पाया कि फर्जी लोन App google play store पर उपलब्ध है। जहां से आम जनता उनको आसानी से download कर लेते हैं। App download करते ही मोबाइल का सम्पूर्ण डेटा अपराधियों के पास चला जाता है, जिसका दुरुपयोग करके फरियादी को ब्लैकमेल किया जाता है। साइबर क्राइम की टीम के द्वारा उक्त App को Google play store से तुरंत हटाने के लिए Google को लिखा गया। इस प्रकार साइबर क्राइम के द्वारा 10 से भी ज्यादा फर्जी लोन App को ब्लॉक कराया गया।
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चीनी नागरिकों के बेच दिए खाते
जांच में सामने आया कि ब्लैकमेल करने वाले फरियादियों से ऑनलाइन Google pay/Phonepe/Paytm इत्यादि UPI payment एप के माध्यम से पैसा जमा कराते थे। सायबर क्राइम की टीम ने UPI payment App से जानकारी प्राप्त की, जिसमें उक्त पैसा Saving/Current/Corporate bank account एवं Payment gateway के माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है। सायबर क्राइम की टीम ने उक्त बैंक खाता धारकों को गिरफ्तार किया। जिसमे पता चला कि उक्त बैंक खाते ऑनलाइन Telegram App पर चीनी नागरिकों को बेच दिया गया।
100 से अधिक बैंक खातों की जांच की
इस प्रकार सायबर क्राइम की टीम ने 100 से भी अधिक बैंक खातों की जांच की। जिसमे अधिकतर का उपयोग भारत की सीमा के बाहर दुबई एवं चाइना में होना पाया गया । उक्त पैसे को भारतीय मुद्रा से Crypto currency मे बदला गया और उक्त Crypto currency को भारत के बाहर चाइना व अन्य देशों के Crypto currency wallet पर भेजा गया।
चाइना में एक्सेस के लिए एप का उपयोग
Telegram App पर चल रहे लोन एप से संबन्धित आरोपियों के डाटा का एनालिसिस करने पर पता चला कि बैंक खाते का उपयोग करने के लिए रजिस्ट्रर मोबाइल नंबर को बैंगलोर/दिल्ली भेजा जाता था, जहां पर उक्त मोबाइल नंबर को चाइना में एक्सेस करने के लिए एक मोबाइल App (.apk file) का उपयोग किया जाता था। यह एप चीनी नागरिकों के द्वारा विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। जिससे भारतीय मोबाइल नंबर के डाटा को विदेश में एक्सेस कर सकें, उक्त एप के संबंध में और अधिक जानकारी फोरेंसिक के माध्यम से प्राप्त की जाएगी।
1000 से अधिक क्रिप्टो करेंसी वॉटेल एड्रेस की जांच
साइबर क्राइम टीम ने Crypto currency का एनालिसिस Blockchain के आधार पर किया। जिसमें 1000 से भी अधिक Crypto currency wallet addresses का एनालिसिस करने पर 56 संदिग्ध wallet addresses को चिंहित किया। जो की अलग-अलग देशों से संबन्धित होना पाया गया। उक्त सभी Wallet addresses के उपयोगकर्ता की जानकारी प्राप्त की जा रही है। इनमें से एक Wallet address के उपयोगकर्ता की पहचान की गई और आरोपी को गिरफ्तार किया गया ।
अब तक 200 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन
क्राइम ब्रांच ने जांच में प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग 200 करोड़ रुपयों की Crypto currency व Bank transaction का होना पाया गया। जिसमें साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने राजस्थान से 5 , गुजरात से 1 , कर्नाटका से 1 , हरियाणा से 4, उत्तर प्रदेश से 1, महाराष्ट्र से 1 एवं मध्य प्रदेश से 3 तक कुल 16 भारतीय आरोपियों को गिरफ्तार किया। एवं 01 विदेशी नागरिक एवं अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है ।
