अगर मानसून में यहां नहीं घूमे तो क्या घूमे: उफनती केन और पानी से घिरा एमपी का मिनी नियाग्रा, स्वर्ग जैसा नजारा
बारिश के बाद छतरपुर के रनेह फॉल में उफनती केन नदी ‘मिनी नियाग्रा’ जैसा नजारा पेश कर रही है। वहीं, कुटनी आइलैंड भी चारों ओर पानी से घिरा है। हरियाली और बादलों के बीच दोनों पर्यटन स्थल पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।
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मानसून की बारिश ने बुंदेलखंड के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा दिया है। खजुराहो के आसपास इन दिनों प्रकृति का ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है, जिसे देखने के लिए पर्यटक पहुंच रहे हैं। खजुराहो से करीब 20 किलोमीटर दूर रनेह फॉल में केन नदी का जलप्रवाह बढ़ने के बाद यहां का नजारा ‘मिनी नियाग्रा’ जैसा नजर आ रहा है।
चट्टानों के बीच उफनती केन नदी
बारिश के बाद रनेह फॉल की चट्टानी घाटी के बीच से तेज रफ्तार में बहता पानी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। प्राकृतिक चट्टानों के बीच केन नदी का बढ़ा हुआ जलप्रवाह यहां का दृश्य और भी आकर्षक बना रहा है। बारिश के मौसम में रनेह फॉल का यह रूप खास तौर पर देखने लायक होता है।
पर्यटक यहां पहुंचकर झरने, चट्टानी घाटी और तेज बहती केन नदी के नजारों को कैमरों में कैद कर रहे हैं। आसमान में छाए बादल, चारों ओर फैली हरियाली और नदी का तेज बहाव इस पर्यटन स्थल की खूबसूरती को और बढ़ा रहे हैं।
15 किलोमीटर दूर कुटनी आइलैंड भी पानी से घिरा
रनेह फॉल के साथ ही खजुराहो से करीब 15 किलोमीटर दूर कुटनी आइलैंड का नजारा भी बारिश के बाद बेहद खूबसूरत हो गया है। कुटनी डैम के जलाशय के बीच स्थित यह आइलैंड जलस्तर बढ़ने के बाद चारों ओर से पानी से घिरा नजर आ रहा है।
पानी से घिरा आइलैंड, आसपास की हरियाली और बादलों से ढका आसमान यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। कुटनी आइलैंड रिसॉर्ट भी पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। बारिश के मौसम में यहां बोटिंग और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने वालों को अलग अनुभव मिल रहा है।
कैसे पहुंचें रनेह फॉल और कुटनी आइलैंड
रनेह फॉल खजुराहो से करीब 20 किलोमीटर दूर है। खजुराहो से सड़क मार्ग के जरिए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। कुटनी आइलैंड खजुराहो से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सड़क मार्ग से कुटनी डैम क्षेत्र तक पहुंचा जा सकता है, जहां से पर्यटन स्थल तक पहुंचने की व्यवस्था उपलब्ध है।

खूबसूरती के साथ सुरक्षा भी जरूरी
बारिश के दौरान दोनों पर्यटन स्थलों पर पानी का बहाव और जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में पर्यटकों को नदी या तेज बहाव वाले हिस्सों के बेहद करीब जाने से बचना चाहिए। सुरक्षित स्थान से ही प्राकृतिक नजारों का आनंद लेना चाहिए और तेज बहाव वाले पानी में उतरने से बचना चाहिए।
बारिश ने खजुराहो के आसपास के इन पर्यटन स्थलों को नया रूप दे दिया है। रनेह फॉल की उफनती केन नदी और पानी से घिरा कुटनी आइलैंड इन दिनों बुंदेलखंड के खूबसूरत मानसूनी नजारों में शामिल हैं।
