MP (Madhya Pradesh) CoronaVirus: इंदौर में दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या 21 पर पहुंची, प्रदेश में 385 संक्रमित हुए
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मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमितों मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी रही है। मध्य प्रदेश में बुधवार को 72 नए मामले सामने आए हैं। इस वजह से राज्य में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 385 तक पहुंच गई है। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू कर दिया है।
इंदौर में 40 नये मामले
मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार को कोरोना वायरस से छह और लोगों की जान चली गई। शहर में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि 47 से 59 वर्ष की उम्र के छह पुरुषों ने पिछले तीन दिन में शहर के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ा। इनकी मौत से पहले लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट से पता चला है कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे।
एडिशनल एसपी अस्पताल में भर्ती
महू के एडिशनल एसपी अमित तोलानी इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा कमांडेन्ट 25 बटालियन अखिल पटेल की पहली रिर्पोट पॉजिटिव आई है जबकि दूसरी निगेटिव आई है।
लॉकडाउन तोड़ने वाले कांग्रेस विधायक के खिलाफ केस दर्ज
मध्य प्रदेश पुलिस ने लॉकडाउन और धारा 144 के तहत लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा सहित आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कांग्रेस विधायक ने सतना के नई बस्ती इलाके में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। फिलहाल विरोध प्रदर्शन का कारण नहीं मालूम हो सका है। पुलिस ने बताया कि कुशवाहा सहित विरोध प्रदर्शन में शामिल आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
एक परिवार के आठ संक्रमित
खरगोन में एक व्यापारी के परिवार के आठ सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। यह 49 वर्षीय व्यापारी दक्षिण अफ्रीका से लौटकर कर दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में जमात के कार्यक्रम में भी शामिल हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि कोरोना के इन आठ नए मरीजों में व्यापारी की मां भी शामिल है, जिनका चार अप्रैल को निधन हो गया। मंगलवार शाम को आई उसकी जांच रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव है। व्यापारी दक्षिण अफ्रीका से दिल्ली आकर जमात के कार्यक्रम में शामिल हुआ था। इसके बाद वह 19 मार्च को खरगोन वापस आया।
भोपाल में एक पत्रकार सहित आठ नए मरीज, शहर में कुल 91
भोपाल में बुधवार दोपहर तक एक टीवी न्यूज चैनल के एक पत्रकार सहित कोरोना वायरस संक्रमण के आठ नए मामले सामने आने के बाद शहर में अब तक इस महामारी की चपेट में आए मरीजों की संख्या बढ़कर 91 हो गई है।
भोपाल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉक्टर सुधीर डेहरिया ने बताया कि भोपाल में कोरोना वायरस के आठ और लोग संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसी के साथ भोपाल में अब तक 91 लोग इस बीमारी से संक्रमित पाये गये हैं। इनमें 45 स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एवं 12 पुलिसकर्मी शामिल हैं। डेहरिया ने बताया कि इनमें से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि दो मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं, जिन्हें एम्स भोपाल से डिस्चार्ज किया जा चुका है।
इसी बीच, मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया, जो आठ मरीज बुधवार को संक्रमित पाए गए हैं, उनमें एक स्थानीय टीवी न्यूज चैनल का पत्रकार भी शामिल है। उन्होंने कहा कि संभवत: यह पत्रकार एक दिन पहले संक्रमित पाए गए एक पुलिस अधिकारी के संपर्क में आने से इस बीमारी के चपेट में आया है।
मुख्यमंत्री ने भोपाल और इंदौर शहर की सीमाओं के पूरी तरह सील करने के दिए निर्देश
भोपाल पुलिस के उप महानिरीक्षक इरशाद वली ने बताया कि कोरोना वायरस की चपेट में एक नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी), एक उप निरीक्षक और शेष आरक्षक हैं। इस बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कल देर रात निर्देश दिए हैं कि भोपाल और इंदौर शहरों में कोरोना वायरस के अधिक मामले मिले हैं। इसलिए इनकी सीमाओं को और कड़ाई से सील किया जाए तथा आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध हो। उन्होंने कहा कि संक्रमण रोकने के लिए सर्वे कार्य तथा कोरोना वायरस जांच का कार्य गहनता से किया जाए।
आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू
कोरोना वायरस के तेजी से फैलने के चलते इसके बेहतर प्रबंधन के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने नागरिकों के हित को देखते हुए बुधवार से अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू कर दिया है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर लिखा कि नागरिकों के हित को देखते हुए बेहतर प्रबंधन के लिए आज से सरकार ने मध्य प्रदेश में एसेंशियल सर्विसेज मैनेजमेंट एक्ट जिसे एस्मा या हिंदी में ‘अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून’ कहा जाता है, तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
इससे सरकारी महकमे में हड़ताल को रोकने में भी मदद मिलेगी। एस्मा लागू करने से पूर्व इससे प्रभावित होने वाले कर्मचारियों को किसी समाचार पत्र या अन्य माध्यम से सूचित किया जाता है। एस्मा का नियम अधिकतम छह माह के लिए लगाया जा सकता है। दंड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत एस्मा लागू होने के उपरान्त इस आदेश से सम्बन्धि किसी भी कर्मचारी को बिना किसी वारन्ट के गिरफ्तार किया जा सकता है।
